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Daily-mcqs 29 Sep 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 29 Sep 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

LNG-डीज़ल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   भारत की पहली LNG-डीज़ल ड्यूल-फ्यूल डीज़ल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (DEMU) ट्रेन को गुजरात के साबरमती से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

2.   इस परियोजना में साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो में ड्राइविंग पावर कारों (DPCs) का रूपांतरण शामिल है।

3.   ट्रेनों में LNG के उपयोग से शुद्ध डीज़ल इंजनों की तुलना में नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का उत्सर्जन पूरी तरह समाप्त हो जाता है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: भारतीय रेलवे ने देश की पहली LNG-डीज़ल ड्यूल-फ्यूल DEMU ट्रेन का संचालन शुरू किया। इसे 27 सितंबर 2026 को साबरमती रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।


कथन 2 सही है: 1,400 HP की ड्राइविंग पावर कारों (DPCs) का सफल रूपांतरण साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो (ICD) में किया गया। इस परियोजना के तहत 2,000 किलोमीटर से अधिक की कठोर फील्ड ट्रायल भी की गई।


कथन 3 गलत है: LNG के उपयोग से पारंपरिक डीज़ल की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और पार्टिकुलेट मैटर के उत्सर्जन में काफी कमी आती है। हालांकि, ये उत्सर्जन पूरी तरह समाप्त नहीं होते। इसलिए LNG को कम-उत्सर्जन वाले वैकल्पिक ईंधन के रूप में माना जाता है, न कि शून्य-उत्सर्जन तकनीक के रूप में।


                            

Q2:

भारतीय रेलवे द्वारा हाल ही में शुरू की गई LNG-डीज़ल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह पूरी तरह से शून्य-कार्बन उत्सर्जन वाली ट्रेन है, जो केवल तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) पर चलती है।

2.   ड्यूल-फ्यूल प्रणाली को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि पारंपरिक डीज़ल की खपत के लगभग 40% हिस्से को LNG से प्रतिस्थापित किया जा सके।

3.   हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों, जो ईंधन-सेल प्रणोदन का उपयोग करती हैं, के विपरीत LNG ड्यूल-फ्यूल ट्रेन संशोधित आंतरिक दहन इंजन का उपयोग करती है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है: LNG ट्रेन शून्य-कार्बन या पूरी तरह LNG पर चलने वाला वाहन नहीं है। LNG अभी भी एक जीवाश्म ईंधन है, जिसका मुख्य घटक मीथेन है। इसलिए इसका उपयोग शून्य-उत्सर्जन समाधान के बजाय स्वच्छ संक्रमणकालीन तकनीक के रूप में किया जाता है।


कथन 2 सही है: परिवर्तित ड्राइविंग पावर कारों (DPCs) में ड्यूल-फ्यूल प्रणाली का उपयोग किया गया है, जिसमें डीज़ल की आवश्यकता के लगभग 40% हिस्से को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) से प्रतिस्थापित किया जाता है। इससे परिचालन लागत और उत्सर्जन में कमी आती है।


कथन 3 सही है: हाइड्रोजन ट्रेनें हाइड्रोजन-ऑक्सीजन ईंधन सेल का उपयोग करके ट्रेन में बिजली उत्पन्न करती हैं, जिसका उप-उत्पाद जलवाष्प होता है। इसके विपरीत, LNG ड्यूल-फ्यूल ट्रेन में मौजूदा आंतरिक दहन इंजनों को संशोधित किया जाता है, ताकि वे एक साथ डीज़ल और LNG दोनों पर चल सकें।


                            

Q3:

सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत संगठनों को दी गई छूट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   RTI अधिनियम की धारा 24 में कहा गया है कि यह अधिनियम केंद्र सरकार या राज्य सरकारों द्वारा स्थापित कुछ खुफिया और सुरक्षा संगठनों पर लागू नहीं होता है।

2.   निर्दिष्ट खुफिया और सुरक्षा संगठनों को दी गई छूट पूर्ण है और इसमें भ्रष्टाचार तथा मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में भी कोई अपवाद शामिल नहीं है।

3.   राज्य सरकारों को RTI अधिनियम की दूसरी अनुसूची में संशोधन करने तथा राज्य के खुफिया संगठनों को शामिल या बाहर करने के लिए अधिसूचना जारी करने का अधिकार है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: RTI अधिनियम, 2005 की धारा 24 के तहत, अधिनियम के प्रावधान दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट खुफिया और सुरक्षा संगठनों (केंद्र के लिए) या राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित संगठनों (राज्यों के लिए उप-धारा 4 के तहत) पर लागू नहीं होते हैं।


कथन 2 गलत है: यह छूट पूर्ण नहीं है। धारा 24 में एक महत्वपूर्ण प्रावधान स्पष्ट रूप से कहता है कि भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से संबंधित जानकारी को इन छूट प्राप्त खुफिया और सुरक्षा संगठनों के लिए भी बाहर नहीं रखा जाएगा। (मानवाधिकार उल्लंघन से संबंधित जानकारी के लिए केंद्रीय या राज्य सूचना आयोग से अनुमोदन आवश्यक है।)


कथन 3 गलत है: राज्य सरकारें अधिनियम की दूसरी अनुसूची में संशोधन नहीं कर सकती हैं (यह कार्य केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना के माध्यम से किया जाता है)। इसके बजाय, राज्य सरकारें धारा 24 की उप-धारा (4) के तहत राज्य सरकार के आदेश (G.O.) के माध्यम से राज्य-स्तरीय संगठनों को अधिसूचित करती हैं।


                            

Q4:

सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   सूचना का अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार में निहित है।

2.   लोक प्राधिकरणों के लिए अनुरोध प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य है, सिवाय उन मामलों के जहाँ किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता का प्रश्न शामिल हो, ऐसी स्थिति में सूचना 48 घंटे के भीतर उपलब्ध करानी होती है।

3.   मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है, जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने बार-बार यह माना है कि सूचना प्राप्त करने और प्रसारित करने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रदत्त वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।


कथन 2 सही है: RTI अधिनियम की धारा 7(1) के तहत सूचना उपलब्ध कराने की सामान्य समय-सीमा आवेदन प्राप्त होने से 30 दिन है। हालांकि, यदि मांगी गई सूचना किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित है, तो अनुरोध प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर सूचना उपलब्ध करानी होती है।


कथन 3 सही है: केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में एक मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम 10 सूचना आयुक्त होते हैं। इनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिश पर की जाती है। इस समिति में प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), लोकसभा में विपक्ष के नेता (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता) और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।


                            

Q5:

पूंपुहार (कावेरीपट्टिनम) के निकट हालिया जलमग्न पुरातात्विक अन्वेषण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   पूंपुहार कावेरी नदी के मुहाने पर स्थित है और शिलप्पदिकारम् जैसे संगम साहित्य में इसका प्रमुख उल्लेख मिलता है।

2.   समुद्र तल से पश्चिम एशियाई टॉरपीडो जार के एक टुकड़े की प्राप्ति भूमध्यसागरीय और पश्चिम एशियाई क्षेत्रों के साथ सक्रिय व्यापारिक संबंधों का संकेत देती है।

3.   जल के नीचे पाए गए टेराकोटा रिंग वेल मुख्य रूप से तटीय जलमग्नता या प्राचीन नदी चैनलों के बजाय उन्नत मध्यकालीन चोल टकसाल तकनीकों की ओर संकेत करते हैं।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: पूंपुहार (प्राचीन कावेरीपट्टिनम) तमिलनाडु के मयिलादुथुरई जिले में बंगाल की खाड़ी के तट पर कावेरी नदी के मुहाने पर स्थित है। यह प्रारंभिक चोलों का एक प्रसिद्ध बंदरगाह नगर था और शिलप्पदिकारम् तथा मणिमेकलै जैसे प्राचीन तमिल महाकाव्यों/संगम साहित्य में इसका जीवंत वर्णन मिलता है।


कथन 2 सही है: तमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग (TNSDA) और भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय द्वारा किए गए हालिया उत्खननों में पश्चिम एशियाई टॉरपीडो जार का एक टुकड़ा प्राप्त हुआ। इन पात्रों का उपयोग सामान्यतः शराब और तेल जैसे तरल पदार्थों के परिवहन के लिए किया जाता था। यह पश्चिम एशिया तथा व्यापक हिंद महासागर–भूमध्यसागरीय व्यापारिक नेटवर्क के साथ लंबी दूरी के वाणिज्यिक संबंधों का प्रमाण है।


कथन 3 गलत है: समुद्र तल पर पाए गए टेराकोटा रिंग वेल का संबंध टकसाल से नहीं है। इसके बजाय, वे किसी प्राचीन मीठे पानी के स्रोत, बस्ती या पुराप्रवाह (प्राचीन नदी चैनल) की उपस्थिति का संकेत देते हैं, जो बाद में तटीय अपरदन, तटरेखा में परिवर्तन और समुद्र-स्तर में बदलाव के कारण जलमग्न हो गया।


                            
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj