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Daily-mcqs 29 Jul 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 29 Jul 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

कृषि में निर्जल अमोनिया (Anhydrous Ammonia) के प्रत्यक्ष उपयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   इसे उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत तीन वर्ष की परीक्षण अवधि के लिए अनुमोदित किया गया है।

2.   इसमें पारंपरिक दानेदार यूरिया (Granular Urea) की तुलना में नाइट्रोजन की सांद्रता दोगुने से अधिक होती है।

3.   प्रत्यक्ष उपयोग के समय इसे मिट्टी की सतह पर समान रूप से बिखेर दिया जाता है और वायुमंडलीय नमी के साथ स्वाभाविक रूप से मिल जाने के लिए छोड़ दिया जाता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: भारत सरकार ने 23 जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाली तीन वर्ष की परीक्षण अवधि के लिए उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत निर्जल अमोनिया (NH₃) के निर्माण और कृषि में प्रत्यक्ष उपयोग को मंजूरी दी है।


कथन 2 सही है: कृषि उपयोग के लिए स्वीकृत निर्जल अमोनिया में कम-से-कम 82% नाइट्रोजन होती है, जबकि पारंपरिक दानेदार यूरिया में लगभग 46% नाइट्रोजन होती है। इसलिए, निर्जल अमोनिया में यूरिया की तुलना में लगभग दोगुनी (और काफी अधिक) नाइट्रोजन सांद्रता होती है।


कथन 3 गलत है: निर्जल अमोनिया को दानेदार यूरिया की तरह मिट्टी की सतह पर नहीं बिखेरा जा सकता। सामान्य तापमान पर यह एक वाष्पशील एवं तीव्र गंध वाली गैस होती है, इसलिए इसे विशेष यांत्रिक उपकरणों की सहायता से मिट्टी की सतह के नीचे इंजेक्ट (Inject) किया जाता है मिट्टी के भीतर पहुँचने पर यह तुरंत मिट्टी की नमी के साथ अभिक्रिया करके अमोनियम आयन (NH₄⁺) बनाती है, जिसे पौधे आसानी से अवशोषित कर लेते हैं।


                            

Q2:

भारत की हालिया उर्वरक नीति में निर्जल अमोनिया (Anhydrous Ammonia) की ओर हुए बदलाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यदि वर्तमान नीति का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन होता है, तो भारत कृषि में निर्जल अमोनिया का प्रत्यक्ष उपयोग करने वाला एशिया का पहला तथा विश्व का चौथा देश बन जाएगा।

2.   निर्जल अमोनिया का प्रत्यक्ष उपयोग राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) के लक्ष्यों को सुदृढ़ करता है।

3.   निर्जल अमोनिया सामान्य कमरे के तापमान पर अत्यधिक संक्षारक (Corrosive) गैस होती है तथा इसके भंडारण और परिवहन के लिए महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक (Infrastructure) चुनौतियाँ मौजूद हैं।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: कृषि में निर्जल अमोनिया का प्रत्यक्ष उपयोग उत्तरी अमेरिका के बाहर अत्यंत दुर्लभ है। यदि भारत इस नीति को सफलतापूर्वक लागू करता है, तो वह संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बाद ऐसा करने वाला विश्व का चौथा देश तथा एशिया का पहला देश बन जाएगा।


कथन 2 सही है: निर्जल अमोनिया के प्रत्यक्ष उपयोग की नीति ग्रीन अमोनिया (Green Ammonia) और ग्रीन यूरिया (Green Urea) के उत्पादन एवं उपयोग को बढ़ावा देती है। इससे राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के उद्देश्यों को बल मिलता है, क्योंकि यह हरित हाइड्रोजन के माध्यम से सतत (Sustainable) ग्रीन अमोनिया के उत्पादन को प्रोत्साहित करता है।


कथन 3 सही है: सामान्य परिवेशीय तापमान पर निर्जल अमोनिया एक विषैली (Toxic) तथा अत्यधिक संक्षारक (Highly Corrosive) गैस होती है। इसके सुरक्षित भंडारण और परिवहन के लिए इसे उच्च दाब (High Pressure) पर द्रव (Liquid) के रूप में रखा जाता है। वर्तमान में भारत के सामने विशेष उच्च-दाब भंडारण टैंक, परिवहन पाइपलाइन तथा खेतों में इंजेक्शन हेतु विशेष मशीनरी जैसी आवश्यक अवसंरचना का अभाव एक बड़ी चुनौती है।


                            

Q3:

भारत के संविधान की दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   इसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था।

2.   मूल प्रावधान में, किसी विधानमंडलीय दल (Legislature Party) के एक-तिहाई सदस्यों द्वारा अलग होकर विभाजन (Split) करने पर अयोग्यता से छूट का प्रावधान था, जिसे 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा हटा दिया गया।

3.   वर्तमान कानूनी व्यवस्था के अनुसार, किसी अन्य दल के साथ विलय (Merger) की स्थिति में अयोग्यता से छूट तभी मिलेगी, जब संबंधित विधानमंडलीय दल के कम-से-कम दो-तिहाई सदस्य उस विलय के पक्ष में सहमत हों।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: दसवीं अनुसूची, जिसे दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के नाम से जाना जाता है, को राजनीतिक दल-बदल पर रोक लगाने के उद्देश्य से 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था।


कथन 2 सही है: मूल कानून में यह प्रावधान था कि यदि किसी राजनीतिक दल के एक-तिहाई विधायक या सांसद अलग होकर नया समूह बना लेते हैं, तो उसे 'विभाजन (Split)' माना जाएगा और उन पर दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता लागू नहीं होगी। इस प्रावधान के व्यापक दुरुपयोग को देखते हुए 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा इसे समाप्त कर दिया गया।


कथन 3 सही है: दसवीं अनुसूची के पैरा 4 के अनुसार, यदि किसी राजनीतिक दल का किसी अन्य दल में विलय (Merger) होता है और संबंधित विधानमंडलीय दल के कम-से-कम दो-तिहाई सदस्य इस विलय से सहमत होते हैं, तो ऐसे सदस्यों को दल-बदल के आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा।


                            

Q4:

भारत में दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) तथा न्यायिक दृष्टांतों (Judicial Precedents) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   किहोटो होल्लोहन बनाम जाचिल्हू (1992) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा।

2.   दसवीं अनुसूची के अंतर्गत अयोग्यता याचिकाओं पर अध्यक्ष (Speaker) या सभापति (Chairman) का निर्णय न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) से पूर्णतः मुक्त होता है।

3.   कानूनी विशेषज्ञों ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दल-बदल मामलों का निर्णय करने हेतु अध्यक्ष के स्थान पर एक स्वतंत्र निर्णायक प्राधिकरण (Independent Adjudicatory Authority) नियुक्त करने का सुझाव दिया है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: किहोटो होल्लोहन बनाम जाचिल्हू (1992) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने दसवीं अनुसूची की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए कहा कि यह संविधान के किसी भी लोकतांत्रिक सिद्धांत या मूल संरचना (Basic Structure) का उल्लंघन नहीं करती।


कथन 2 गलत है: सर्वोच्च न्यायालय ने यह माना कि दल-बदल संबंधी मामलों का निर्णय करते समय अध्यक्ष/सभापति एक न्यायाधिकरण (Tribunal) के रूप में कार्य करते हैं। किंतु उनका निर्णय न्यायिक समीक्षा से पूर्णतः मुक्त नहीं है। यदि निर्णय दुर्भावना (Mala Fides), मनमानेपन (Perversity), संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन अथवा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) के विरुद्ध हो, तो उसकी न्यायिक समीक्षा की जा सकती है।


कथन 3 सही है: अध्यक्ष द्वारा निर्णय लेने में राजनीतिक पक्षपात तथा अनावश्यक विलंब की आशंकाओं को देखते हुए विभिन्न समितियों और विधि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि दल-बदल संबंधी मामलों के निर्णय का अधिकार किसी स्वतंत्र न्यायाधिकरण (Independent Tribunal) अथवा स्वतंत्र निर्णायक प्राधिकरण (Independent Adjudicatory Authority) को सौंपा जाना चाहिए, ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।


                            

Q5:

Microporellus kolhapurensis के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह महाराष्ट्र में खोजी गई पॉलीपोर (Polypore) अथवा ब्रैकेट कवक (Bracket Fungus) की एक नई प्रजाति है।

2.   सामान्यतः ब्रैकेट कवक जीवित वृक्षों के तनों पर उगते हैं, जबकि यह प्रजाति भूमि पर उगने वाली (Ground-growing) है तथा इसमें पार्श्व डंठल (Lateral Stalk) पाया जाता है।

3.   पॉलीपोर कवकों का नाम इनके ऊपरी सतह (Upper Surface) पर उपस्थित सूक्ष्म छिद्रों (Tiny Pores) के कारण पड़ा है, जो प्रजनन के लिए परागकण (Pollen) छोड़ते हैं।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: Microporellus kolhapurensis पॉलीपोर कवक की एक नई खोजी गई प्रजाति है, जिसे महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के भुदरगढ़ तालुका से खोजा गया है।


कथन 2 सही है: अधिकांश संबंधित पॉलीपोर तथा पारंपरिक ब्रैकेट कवक सीधे लकड़ी या वृक्ष के तनों से जुड़े होते हैं। इसके विपरीत, यह नई प्रजाति भूमि पर उगती है तथा इसकी विशेषता छत्र (Umbrella) जैसी संरचना और पार्श्व डंठल (Lateral Stalk) का होना है।


कथन 3 गलत है: पॉलीपोर कवकों के सूक्ष्म छिद्र (Pores) उनके फलनिकाय (Fruiting Body) की निचली सतह (Underside) पर होते हैं, ऊपरी सतह पर नहीं। इन छिद्रों से बीजाणु (Spores) निकलते हैं, परागकण (Pollen) नहीं। यही बीजाणु कवक के प्रजनन में सहायक होते हैं।


 


                            
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