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Daily-mcqs 28 Apr 2026
Q1:
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों के गाँवों में आधारभूत ढाँचा एवं आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करना है। 2. हाल ही में जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के कुछ अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे गाँवों को इस योजना में शामिल किया गया है। 3. यह योजना मुख्यतः सीमा क्षेत्रों में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तक सीमित है। सही उत्तर चुनिए:
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
प्रश्न में कथन 1 और 2 सही हैं, जबकि कथन 3 गलत है। कथन 1 सही है क्योंकि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों के गाँवों में आधारभूत ढाँचे, कनेक्टिविटी तथा आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करना है, जिससे इन क्षेत्रों में विकास और जनसंख्या स्थायित्व सुनिश्चित किया जा सके। कथन 2 भी सही है, क्योंकि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे कुछ गाँवों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है, जो इस कार्यक्रम के विस्तार और रणनीतिक महत्व को दर्शाता है। वहीं कथन 3 गलत है, क्योंकि यह योजना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सड़क, संचार, रोजगार, कौशल विकास और समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास जैसे कई आयाम शामिल हैं।
हाल के घटनाक्रम में कठुआ जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में इस योजना के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, आजीविका सृजन और सुरक्षा-आधारित स्थिरता पर विशेष बल दिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि यह पहल “विकास + सुरक्षा” के एकीकृत मॉडल के रूप में कार्य कर रही है। अतः सही उत्तर (a) केवल 1 और 2 है।
Q2:
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत भारत को अपने सभी निर्यातों पर शून्य-शुल्क पहुँच प्रदान की गई है। 2. इस समझौते के तहत भारत ने न्यूज़ीलैंड के सभी कृषि उत्पादों, विशेषकर डेयरी क्षेत्र, पर शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया है। 3. इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना तथा निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित करना है। सही उत्तर चुनिए:
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
हाल ही में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जो भारत की इंडो-पैसिफिक व्यापार रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस समझौते के तहत भारत को अपने अधिकांश निर्यातों पर शून्य-शुल्क पहुँच प्राप्त हुई है, जिससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। हालांकि, यह समझना आवश्यक है कि भारत ने अपना बाजार पूरी तरह नहीं खोला है, बल्कि डेयरी और अन्य कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि घरेलू किसानों और उद्योगों के हितों की रक्षा की जा सके। साथ ही, इस समझौते का उद्देश्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि द्विपक्षीय व्यापार, निवेश प्रवाह और आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करना भी है। अतः स्पष्ट है कि कथन 1 और 3 सही हैं, जबकि कथन 2 गलत है, क्योंकि भारत ने सभी कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त नहीं किया है।
Q3:
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नमस्ते योजना का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की मैनुअल सफाई को समाप्त करना है। 2. इस योजना के तहत स्वच्छता कर्मियों को यंत्रीकृत उपकरणों के उपयोग हेतु सहायता प्रदान की जाती है। 3. यह योजना केवल शहरी स्थानीय निकायों तक सीमित है और ग्रामीण क्षेत्रों को कवर नहीं करती। 4. इस योजना के अंतर्गत स्वच्छता कर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा एवं बीमा जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं। सही उत्तर चुनिए:
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1,3 और 4
C: केवल 1,2 और 4
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
हाल ही में नमस्ते योजना के अंतर्गत जारी आधिकारिक जानकारी में यह स्पष्ट किया गया है कि यह योजना मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी खतरनाक प्रथा को समाप्त करने तथा स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। इसके तहत सरकार मशीन आधारित सफाई व्यवस्था (यंत्रीकरण), सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट), स्वास्थ्य बीमा और कौशल विकास सहायता प्रदान कर रही है, जिससे पूरे स्वच्छता तंत्र को आधुनिक बनाया जा सके। योजना का मुख्य फोकस मैनुअल से मैकेनाइज्ड सफाई की ओर परिवर्तन है, ताकि सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में मानव हस्तक्षेप को समाप्त किया जा सके। साथ ही, यह योजना केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर स्वच्छता तंत्र को कवर करने का प्रयास करती है। इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह केवल कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि “सुरक्षा, तकनीक और सामाजिक न्याय के माध्यम से गरिमा” सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसके अंतर्गत हजारों स्वच्छता कर्मियों की पहचान, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।
Q4:
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने एनएआरएफबीआर को उन्नत कर राष्ट्रीय पूर्व-नैदानिक अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित किया है। 2. इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य केवल पारंपरिक पशु-आधारित परीक्षणों को बढ़ावा देना है और यह आधुनिक वैकल्पिक तकनीकों का उपयोग नहीं करता। 3. यह संस्थान न्यू एप्रोच मेथडोलॉजीज़ तथा माइक्रो फिजियोलॉजिकल सिस्टम्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करता है। 4. यह संस्थान प्रयोगशाला अनुसंधान और मानव नैदानिक परीक्षणों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करता है। सही उत्तर चुनिए:
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1,3 और 4
C: केवल 1,2 और 3
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने अपने संस्थान एनएआरएफबीआर को उन्नत कर राष्ट्रीय पूर्व-नैदानिक अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित किया है, जो भारत के जैव-चिकित्सीय अनुसंधान तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संस्थान का उद्देश्य प्रयोगशाला अनुसंधान और मानव नैदानिक परीक्षणों के बीच सेतु का कार्य करना है, ताकि नई दवाओं, टीकों और चिकित्सा उपकरणों का सुरक्षित एवं प्रभावी परीक्षण किया जा सके। ध्यान देने योग्य है कि यह संस्थान केवल पारंपरिक पशु-आधारित परीक्षणों तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यू एप्रोच मेथडोलॉजीज़ तथा माइक्रो फिजियोलॉजिकल सिस्टम्स जैसी आधुनिक और नैतिक तकनीकों का भी उपयोग करता है। अतः स्पष्ट है कि कथन 1, 3 और 4 सही हैं, जबकि कथन 2 गलत है।
Q5:
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन (A): विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा शिशुओं के लिए पहली बार विशेष मलेरिया उपचार को स्वीकृति दी गई है। कारण (R): इससे पहले शिशुओं के लिए अलग से कोई मानकीकृत मलेरिया दवा उपलब्ध नहीं थी और उन्हें बड़े बच्चों की दवाओं की समायोजित खुराक दी जाती थी। सही उत्तर चुनिए:
A: A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
B: A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
C: A सही है लेकिन R गलत है
D: A गलत है लेकिन R सही है
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहली बार शिशुओं (2–5 किलोग्राम वजन वाले बच्चों) के लिए विशेष मलेरिया उपचार को स्वीकृति दी है, जिसे वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि मलेरिया से सबसे अधिक प्रभावित वर्ग 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे होते हैं। अब तक स्थिति यह थी कि शिशुओं के लिए कोई अलग मानकीकृत दवा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण डॉक्टरों को बड़े बच्चों की दवाओं की समायोजित खुराक देनी पड़ती थी, जिससे गलत मात्रा, विषाक्तता और दुष्प्रभावों का खतरा बढ़ जाता था। इसी महत्वपूर्ण कमी को दूर करने के लिए अब शिशु-विशिष्ट दवा को मंजूरी दी गई है, जिससे उपचार अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी हो सके। अतः स्पष्ट है कि कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।