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Daily-mcqs 26 Mar 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 26 Mar 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 के संदर्भ में निम्नलिखित शहरों को उनकी विशेषताओं से मिलाइए:

सूची-I (विशेषता)

सूची-II (शहर)

1. विश्व का सर्वाधिक प्रदूषित शहर

A. दिल्ली

2. विश्व की सर्वाधिक प्रदूषित राजधानी

B. बर्नीहाट

3. शीर्ष 10 प्रदूषित शहरों में शामिल

C. लोनी

4. अत्यधिक प्रदूषित, परंतु शीर्ष स्थान पर नहीं

D. लाहौर

सही कूट चुनिए:

A: 1-C, 2-A, 3-B, 4-D

B: 1-A, 2-C, 3-D, 4-B

C: 1-C, 2-B, 3-A, 4-D

D: 1-D, 2-A, 3-B, 4-C

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:


  • विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 (IQAir) के अनुसार भारत में वायु प्रदूषण की अत्यंत गंभीर स्थिति सामने आई है। इस रिपोर्ट में लोनी (उत्तर प्रदेश) को विश्व का सर्वाधिक प्रदूषित शहर बताया गया है, जबकि दिल्ली को विश्व की सर्वाधिक प्रदूषित राजधानी के रूप में चिह्नित किया गया है। यहाँ पर यूपीएससी का प्रमुख जाल (trap) शहरऔरराजधानीके बीच अंतर को लेकर है।

  • इसके अतिरिक्त, मेघालय का बर्नीहाट शीर्ष प्रदूषित शहरों में शामिल है, जो यह दर्शाता है कि वायु प्रदूषण अब केवल एनसीआर क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका विस्तार पूर्वोत्तर भारत तक हो चुका है।

  • वहीं, पाकिस्तान का लाहौर अत्यधिक प्रदूषित शहरों में शामिल है, परंतु यह शीर्ष स्थान पर नहीं है। यहाँ एक अन्य जाल सर्वाधिक प्रदूषित शहरऔरसर्वाधिक प्रदूषित देश (पाकिस्तान)” के बीच अंतर को लेकर है।


                            

Q2:

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

1.   अनुसूचित जाति (SC) का निर्धारण अनुच्छेद 341 के अंतर्गत किया जाता है।

2.   अनुसूचित जाति का दर्जा सभी धर्मों के व्यक्तियों को समान रूप से प्रदान किया जाता है।

3.   दलित ईसाइयों तथा दलित मुसलमानों को वर्तमान में अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त नहीं है।

सही विकल्प चुनिए:

A: केवल 1 और 3

B: केवल 2 और 3

C: केवल 1 और 2

D: 1, 2 और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

सर्वोच्च न्यायालय के वर्ष 2026 के निर्णय ने यह स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा धर्म-निरपेक्ष नहीं है, बल्कि यह ऐतिहासिक रूप से अस्पृश्यता आधारित सामाजिक भेदभाव से जुड़ा हुआ है। संविधान के अनुच्छेद 341 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा अनुसूचित जातियों की सूची अधिसूचित की जाती है, अतः SC का निर्धारण इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत होता है। वर्तमान व्यवस्था में अनुसूचित जाति का दर्जा सभी धर्मों के व्यक्तियों को समान रूप से प्रदान नहीं किया जाता, बल्कि यह केवल हिन्दू, सिख और बौद्ध धर्म के अनुयायियों तक सीमित है। साथ ही, वर्तमान कानूनी स्थिति के अनुसार दलित ईसाइयों और दलित मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त नहीं है, क्योंकि उन्हें 1950 के राष्ट्रपति आदेश में शामिल नहीं किया गया था। इस प्रकार, यह विषय संवैधानिक प्रावधानों, ऐतिहासिक संदर्भों एवं सामाजिक न्याय के बीच संतुलन को दर्शाता है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


                            

Q3:

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

1.   गुजरात समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला भारत का पहला राज्य है।

2.   गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 विवाह, तलाक, उत्तराधिकार तथा लिव-इन संबंधों को आच्छादित करता है।

3.   इस विधेयक के अंतर्गत बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाया गया है।

4.   यह विधेयक अनुसूचित जनजातियों (STs) पर भी लागू होता है।

नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:

A: केवल 2 और 3

B: केवल 1, 2 और 3

C: केवल 2, 3 और 4

D: केवल 1 और 4

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

गुजरात समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026 के संदर्भ में दिए गए कथनों का विश्लेषण यह स्पष्ट करता है कि भारत में UCC लागू करने वाला पहला राज्य Uttarakhand (2024) है, जबकि गुजरात इस दिशा में दूसरा राज्य है ,यह विधेयक विवाह, तलाक, उत्तराधिकार तथा लिव-इन संबंधों जैसे प्रमुख व्यक्तिगत विधि विषयों को आच्छादित करता है, साथ ही, इस विधेयक में बहुविवाह (polygamy) पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है, जिससे तीसरा कथन भी सही सिद्ध होता है। हालांकि, इसके प्रावधान अनुसूचित जनजातियों (STs) पर लागू नहीं होते, क्योंकि उन्हें इस विधेयक से छूट (exemption) प्रदान की गई है।


इसके अतिरिक्त, समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान व्यक्तिगत कानून सुनिश्चित करना है, जिससे विधिक समानता और सामाजिक एकरूपता को बढ़ावा मिल सके। इसमें विवाह, तलाक, गोद लेना (adoption) तथा उत्तराधिकार जैसे विषय शामिल होते हैं। इसका संवैधानिक आधार अनुच्छेद 44 में निहित है, जो राज्य के नीति-निदेशक तत्वों (Directive Principles of State Policy) का हिस्सा है।


                            

Q4:

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

1.   ब्रिक्स वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (BRICS CCI), ब्रिक्स देशों की आधिकारिक निर्णय लेने वाली संस्था है।

2.   ब्रिक्स वाणिज्य एवं उद्योग मंडल महिला सशक्तिकरण (BRICS CCI WE), BRICS CCI का महिला सशक्तिकरण से संबंधित एक विशेष मंच है।

3.   BRICS CCI केवल सरकारी प्रतिनिधियों तक सीमित है।

सही उत्तर चुनिए:

A: केवल 2

B: केवल 1 और 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2 और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

ब्रिक्स वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (BRICS CCI) एक गैर-सरकारी (non-governmental) व्यापारिक मंच है, जो ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापारिक साझेदारी एवं औद्योगिक विकास को बढ़ावा देता है, अतः यह कोई आधिकारिक निर्णय लेने वाली संस्था नहीं है। इसके अंतर्गत BRICS CCI WE (Women Empowerment) एक विशेष पहल के रूप में कार्य करता है, जिसका उद्देश्य महिला उद्यमिता, नेतृत्व एवं आर्थिक भागीदारी को सुदृढ़ करना है। इसके अतिरिक्त, BRICS CCI केवल सरकारी प्रतिनिधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निजी क्षेत्र, उद्योग जगत एवं व्यवसायिक समुदाय की सक्रिय भागीदारी होती है।


                            

Q5:

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

1.   यूनेस्को ने अघनाशिनीवेदावती नदी जोड़ परियोजना के संदर्भ में भारत सरकार को विश्व धरोहर संरक्षण मानकों का पालन करने की सलाह दी है।

2.   अघनाशिनी नदी पश्चिमी घाट में स्थित है और अरब सागर में गिरती है।

3.   अघनाशिनी नदी भारत की अत्यधिक प्रदूषित नदियों में से एक है।

4.   अघनाशिनी मुहाना (Estuary) को रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है।

नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:

A: केवल 1, 2 और 4

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 4

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:


  • यूनेस्को ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी नदी-जोड़ (river-linking) परियोजना को विश्व धरोहर संरक्षण के मानकों के अनुरूप होना चाहिए। इस संदर्भ में कर्नाटक की अघनाशिनी नदी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह पश्चिमी घाट से निकलकर अरब सागर में गिरती है और एक स्वतंत्र प्रवाह वाली तथा अपेक्षाकृत स्वच्छ नदी का दुर्लभ उदाहरण है।

  • इसके अतिरिक्त, अघनाशिनी मुहाना एक रामसर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो इसकी पारिस्थितिकीय महत्ता को और अधिक बढ़ाता है। वर्तमान में प्रस्तावित अघनाशिनीवेदावती नदी जोड़ परियोजना को लेकर यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि इससे पश्चिमी घाट (जो एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है) की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुँच सकता है तथा स्थानीय आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

  • अघनाशिनी नदी के प्रमुख तथ्य प्रीलिम्स के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसका उद्गम कर्नाटक के सिरसी क्षेत्र से होता है, इसकी लंबाई लगभग 117 किमी है तथा इसका अपवाह क्षेत्र लगभग 1449 वर्ग किमी में विस्तृत है।

  • अंततः यह समझना महत्वपूर्ण है कि यूनेस्को किसी परियोजना को प्रत्यक्ष रूप से स्वीकृति नहीं देता, बल्कि वह दिशा-निर्देश एवं संरक्षण मानकों के पालन की सलाह देता है, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।