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Daily-mcqs 25 Jun 2026
Q1:
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 के तहत कथित रूप से शामिल प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को अब पंजीकरण या नवीनीकरण के समय अपने सोशल मीडिया खातों का विवरण देना अनिवार्य है। 2. संगठनों को यह स्पष्ट करना होगा कि विदेशी धनराशि का उपयोग किन विशिष्ट राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में किया जाएगा। 3. विदेशी धनराशि के दुरुपयोग या डायवर्जन (Diversion) पर ₹1 लाख अथवा डायवर्ट की गई राशि के 30% (जो भी अधिक हो) का जुर्माना लगाया जाएगा। उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
A: केवल एक
B: केवल दो
C: सभी तीनो
D: कोई नहीं
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) Amendment Rules, 2026 ने भारत में विदेशी धनराशि प्राप्त करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और अन्य संस्थाओं पर नियामकीय निगरानी (Regulatory Oversight) को और अधिक व्यापक बनाया है। बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:
1. सोशल मीडिया खातों का खुलासा
अब संगठनों के लिए पंजीकरण तथा नवीनीकरण दोनों प्रक्रियाओं के दौरान अपने सोशल मीडिया खातों की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य उनकी डिजिटल गतिविधियों और ऑनलाइन उपस्थिति (Digital Footprint) की निगरानी करना है।
2. भौगोलिक उपयोग का स्पष्ट उल्लेख
नए नियमों के अनुसार, केवल सामान्य पंजीकरण पर्याप्त नहीं होगा। आवेदकों को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि प्राप्त विदेशी अंशदान का उपयोग किन विशिष्ट राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में किया जाएगा।
3. कड़े दंडात्मक प्रावधान
विदेशी धनराशि के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने FCRA उल्लंघनों पर कड़े दंड निर्धारित किए हैं। इनमें शामिल हैं:
ऐसे मामलों में डायवर्ट/दुरुपयोग की गई राशि के 30% तक या ₹1 लाख (जो भी अधिक हो) का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस प्रकार तीनो कथन सही है
Q2:
विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम [Foreign Contribution Regulation Act (FCRA)], 2010 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका क्रियान्वयन गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) द्वारा किया जाता है। 2. यह अधिनियम चुनाव उम्मीदवारों, पत्रकारों तथा सरकारी कर्मचारियों को विदेशी अंशदान प्राप्त करने से प्रतिबंधित करता है। 3. बैंक में जमा विदेशी अंशदान पर अर्जित ब्याज को अधिनियम के अंतर्गत विदेशी अंशदान नहीं माना जाता है। 4. FCRA के अंतर्गत प्रदान किया गया पंजीकरण पाँच वर्ष की अवधि के लिए वैध होता है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1,2 और 4
C: केवल 1,2 और 3
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
FCRA संसद द्वारा अधिनियमित किया गया कानून है और इसका प्रशासन एवं क्रियान्वयन गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी अंशदान भारत की संप्रभुता, आंतरिक सुरक्षा, राष्ट्रीय हित एवं सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव न डाले।
भारतीय राजनीति एवं शासन व्यवस्था में विदेशी हस्तक्षेप को रोकने के लिए FCRA कुछ व्यक्तियों एवं संस्थाओं को विदेशी अंशदान स्वीकार करने से प्रतिबंधित करता है। इनमें शामिल हैं:
FCRA के प्रावधानों के अनुसार, विदेशी अंशदान को बैंक खाते में जमा करने पर उससे प्राप्त ब्याज (Interest) को भी कानूनी रूप से "विदेशी अंशदान" माना जाता है। इसलिए उसका लेखा-जोखा रखना तथा उसका उपयोग भी मूल विदेशी धनराशि के समान नियमों के अनुसार करना आवश्यक होता है।
FCRA के अंतर्गत विदेशी धनराशि प्राप्त करने के इच्छुक गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) एवं अन्य संघों को पंजीकरण अथवा पूर्व अनुमति (Prior Permission) प्राप्त करनी होती है। यह पंजीकरण प्रारंभिक रूप से पाँच वर्षों के लिए वैध होता है तथा नियामकीय मानकों के अनुपालन के आधार पर इसका नवीनीकरण किया जा सकता है।
Q3:
आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक (Index of Eight Core Industries - ICI) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (ICI) ऐसे क्षेत्रों को शामिल करता है जिनका औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production - IIP) में सामूहिक भार (Weight) लगभग 40% है। 2. पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों का भार सभी प्रमुख उद्योगों में सबसे अधिक है। 3. विद्युत (Electricity) का भार ICI में इस्पात (Steel) की तुलना में अधिक है। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
आठ प्रमुख उद्योग सामूहिक रूप से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में लगभग 40.27% का भार रखते हैं। इसलिए ये उद्योग देश के औद्योगिक प्रदर्शन के महत्वपूर्ण अग्रणी संकेतक (Leading Indicator) माने जाते हैं।
पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों का भार 28.04% है, जो सभी प्रमुख उद्योगों में सबसे अधिक है। यह ऊर्जा एवं पेट्रोलियम उत्पादों पर भारत की उच्च निर्भरता को दर्शाता है।
विद्युत (Electricity) का भार 19.85% है, जो इस्पात (Steel) के 17.92% भार से अधिक है। इस प्रकार, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों के बाद विद्युत इस सूचकांक में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है।
Q4:
भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment - FDI) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऑटोमैटिक रूट (Automatic Route) के अंतर्गत विदेशी निवेशकों को निवेश करने से पहले भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करनी नहीं होती है। 2. FDI का विनियमन विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (Foreign Exchange Management Act - FEMA), 1999 के अंतर्गत किया जाता है। 3. किसी सूचीबद्ध (Listed) भारतीय कंपनी में 10% या उससे अधिक का निवेश सामान्यतः FDI माना जाता है। 4. भारत में आने वाले FDI प्रवाह (FDI Inflows) का 90% से अधिक हिस्सा गवर्नमेंट रूट (Government Route) के माध्यम से आता है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1,3 और 4
C: केवल 1,2 और 3
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
ऑटोमैटिक रूट (Automatic Route) के अंतर्गत विदेशी निवेशकों को भारत सरकार से पूर्व अनुमति (Prior Approval) लेने की आवश्यकता नहीं होती है। उन्हें केवल संबंधित क्षेत्रीय (Sectoral) नियमों का पालन करना होता है तथा निवेश की सूचना भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को देनी होती है।
भारत में FDI का कानूनी नियमन निम्नलिखित प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है:
ये नियम विदेशी निवेश के लिए नियामकीय ढाँचा (Regulatory Framework) प्रदान करते हैं।
सामान्यतः FDI का आशय है:
यह कथन वास्तविक स्थिति के विपरीत है। भारत में आने वाले 90% से अधिक FDI प्रवाह ऑटोमैटिक रूट के माध्यम से आते हैं, न कि गवर्नमेंट रूट के माध्यम से।
गवर्नमेंट रूट के अंतर्गत निवेश करने के लिए पूर्व सरकारी स्वीकृति आवश्यक होती है और यह केवल कुछ निर्दिष्ट क्षेत्रों (Specified Sectors) पर लागू होता है।
Q5:
भारत के जहाज पुनर्चक्रण (Ship Recycling) क्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 2025 में भारत विश्व का सबसे बड़ा जहाज पुनर्चक्रण देश बन गया, जिसने वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण टनेज (Tonnage) में 35% से अधिक हिस्सेदारी दर्ज की। 2. अलंग–सोसिया (Alang–Sosiya) जहाज पुनर्चक्रण यार्ड गुजरात में स्थित है और यह विश्व का सबसे बड़ा जहाज पुनर्चक्रण केंद्र है। 3. भारत में जहाज पुनर्चक्रण का विनियमन जहाज पुनर्चक्रण अधिनियम (Recycling of Ships Act), 2019 के अंतर्गत किया जाता है, जो हांगकांग अंतरराष्ट्रीय अभिसमय (Hong Kong International Convention) के अनुरूप है। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
वर्ष 2025 में भारत विश्व का अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण देश बनकर उभरा। वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण में इसकी हिस्सेदारी लगभग 35.4% रही तथा पुनर्चक्रण की मात्रा लगभग 2.99 मिलियन ग्रॉस टनेज (GT) दर्ज की गई। यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर पुराने जहाजों की बढ़ती संख्या और उन्हें कबाड़ (Scrapping) किए जाने की मांग के कारण संभव हुई।
गुजरात में स्थित अलंग–सोसिया जहाज पुनर्चक्रण यार्ड विश्व का सबसे बड़ा जहाज पुनर्चक्रण केंद्र है। यह वैश्विक जहाज-विघटन (Ship Dismantling) गतिविधियों का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। समय-समय पर इसमें सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय अनुपालन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर सुधार किए गए हैं।
भारत में जहाज पुनर्चक्रण को जहाज पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 (Recycling of Ships Act, 2019) के माध्यम से विनियमित किया जाता है। यह अधिनियम जहाजों के सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल पुनर्चक्रण हेतु हांगकांग अंतरराष्ट्रीय अभिसमय (Hong Kong International Convention for Safe and Environmentally Sound Recycling of Ships) के अनुरूप बनाया गया है, जिसे भारत ने वर्ष 2019 में अपनाया था।