होम > Daily-mcqs
Daily-mcqs 17 Oct 2026
Q1:
GSAT-7C संचार उपग्रह के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भारतीय वायु सेना (IAF) के परिचालन नेटवर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बनाया गया एक समर्पित सैन्य संचार उपग्रह है। 2. इसके अधिग्रहण के लिए अनुबंध पर ISRO की वाणिज्यिक शाखा, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के साथ हस्ताक्षर किए गए हैं। 3. यह पुराने GSAT-7 (रुक्मिणी) उपग्रह को पूरी तरह से प्रतिस्थापित करता है, जिसे विशेष रूप से भारतीय थल सेना के लिए निर्मित और प्रक्षेपित किया गया था। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2 और 3
C: केवल 1 और 3
D: 1, 2 और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
Q2:
सुखना झील (सुखना आर्द्रभूमि) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए, जिसे हाल ही में रामसर स्थल के रूप में नामित किया गया था: 1. यह एक प्राकृतिक अल्पाइन झील है, जिसका निर्माण वृहद हिमालय के उच्च-ऊँचाई वाले क्षेत्र में हुआ है। 2. इसका निर्माण 1958 में शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली मौसमी सुखना चोए जलधारा पर बाँध बनाकर किया गया था। 3. यह मध्य एशियाई फ्लाईवे के साथ यात्रा करने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में कार्य करती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2 और 3
C: केवल 1 और 3
D: 1, 2 और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है: सुखना झील कोई प्राकृतिक अल्पाइन झील नहीं है; यह चंडीगढ़ में लगभग 565 एकड़ क्षेत्र में फैला एक मानव-निर्मित मीठे पानी का जलाशय है। यह शिवालिक पर्वतमाला (बाह्य हिमालय) की तलहटी में स्थित है, न कि वृहद हिमालय में।
कथन 2 सही है: इस झील का कृत्रिम निर्माण 1958 में वास्तुकार ली कॉर्बूज़िए और मुख्य अभियंता पी. एल. वर्मा द्वारा शिवालिक पहाड़ियों से नीचे बहने वाली मौसमी जलधारा सुखना चोए पर बाँध बनाकर किया गया था।
कथन 3 सही है: यह एक महत्वपूर्ण उपनगरीय पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में कार्य करती है, जो मध्य एशियाई फ्लाईवे के साथ आने वाले प्रवासी पक्षियों को भोजन प्राप्त करने, प्रजनन करने, विश्राम करने और सर्दियाँ बिताने के लिए आवास प्रदान करती है। यह कॉमन पोचार्ड, पल्लास फिश ईगल और ब्लैक पॉन्ड टर्टल जैसी संकटग्रस्त प्रजातियों को भी आश्रय देती है।
Q3:
वैश्विक भूख सूचकांक (GHI) 2026 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह रिपोर्ट वेल्टहंगरहिल्फ़ (Welthungerhilfe) और कंसर्न वर्ल्डवाइड (Concern Worldwide) द्वारा संयुक्त रूप से “खाद्य सुरक्षा के बिना कोई सुरक्षा नहीं” विषय के साथ जारी की गई थी। 2. इस सूचकांक की गणना चार प्रमुख संकेतकों के आधार पर की जाती है: अल्पपोषण, बाल अवरुद्ध विकास, बाल दुर्बलता और बाल मृत्यु दर। 3. वैश्विक GHI स्कोर में 2018 में दर्ज स्कोर की तुलना में 2026 में सुधार हुआ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2 और 3
C: केवल 1 और 3
D: 1, 2 और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
Q4:
वैश्विक भूख सूचकांक (GHI) 2026 में भारत के प्रदर्शन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत 122 देशों में 100वें स्थान पर है और इसे भूख की “गंभीर” (Serious) श्रेणी में रखा गया है। 2. भारत में बाल दुर्बलता (Child Wasting) की दर 19% है, जो विश्व स्तर पर सबसे अधिक दरों में से एक है। 3. GHI 2026 की रैंकिंग में पाकिस्तान को भारत से बेहतर स्थिति में रखा गया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है: भारत 24.1 के GHI स्कोर के साथ 122 देशों में 100वें स्थान पर है, जिसके कारण इसे “गंभीर” (Serious) श्रेणी में रखा गया है।
कथन 2 सही है: भारत तीव्र कुपोषण की एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, जो बच्चों में 19% की बाल दुर्बलता दर से परिलक्षित होती है। यह दर विश्व में सबसे अधिक दरों में से एक है।
कथन 3 गलत है: पाकिस्तान का GHI स्कोर 25.5 है (गंभीर श्रेणी), और इसे भारत से नीचे स्थान दिया गया है, जबकि नेपाल (14.5) और बांग्लादेश (19.2) जैसे देश भारत से आगे हैं।
Q5:
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के किगाली संशोधन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसका उद्देश्य विश्व स्तर पर हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) को पूरी तरह से चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना है। 2. इसे 2016 में रवांडा के किगाली में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के संशोधन के रूप में अपनाया गया था। 3. इस संशोधन के पूर्ण कार्यान्वयन से 2100 तक वैश्विक तापमान वृद्धि को 0.3°C से 0.5°C तक रोकने का अनुमान है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है: किगाली संशोधन का उद्देश्य HFCs के उत्पादन और खपत में चरणबद्ध कमी (Phase-down) लाना है, न कि उन्हें पूरी तरह समाप्त करना। विकसित और विकासशील देश अलग-अलग समय-सीमाओं के अनुसार इनकी मात्रा कम करते हैं, न कि इन्हें पूरी तरह समाप्त करते हैं।
कथन 2 सही है: इस संशोधन को 15 अक्टूबर 2016 को रवांडा के किगाली में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के पक्षकारों की 28वीं बैठक में अपनाया गया था और यह 1 जनवरी 2019 को लागू हुआ।
कथन 3 सही है: वैज्ञानिक आकलनों से संकेत मिलता है कि किगाली संशोधन के तहत HFCs के उपयोग में चरणबद्ध कमी लाकर 2100 तक वैश्विक तापमान में 0.3°C से 0.5°C तक की वृद्धि को रोका जा सकता है, जिससे जलवायु कार्रवाई में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।