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Daily-mcqs 15 Jun 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 15 Jun 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

भारत में चुनावी मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप के दायरे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   संविधान के अनुच्छेद 329() [Article 329(a)] के अंतर्गत निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (Delimitation) से संबंधित बनाए गए कानूनों को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।

2.   यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन पत्र (Nomination) रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अनुचित रूप से निरस्त कर दिया जाता है, तो वह चुनाव प्रक्रिया के दौरान रिट याचिका के माध्यम से सीधे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है।

3.   ऐतिहासिक एन.पी. पोनुस्वामी बनाम रिटर्निंग ऑफिसर (1952) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि "चुनाव" शब्द में चुनाव अधिसूचना जारी होने से लेकर परिणाम घोषित होने तक की पूरी प्रक्रिया शामिल होती है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2 और 3

C: केवल 1 और 3

D: 1, 2 और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 329() स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करता है कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (Delimitation) अथवा सीटों के आवंटन (Allocation of Seats) से संबंधित किसी भी कानून की वैधता को किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। ऐसे विषय विधायिका के विशेष अधिकार क्षेत्र में आते हैं।


कथन 2 गलत है:
अनुच्छेद 329() [Article 329(b)] के अनुसार संसद या राज्य विधानमंडल के किसी भी चुनाव को केवल निर्वाचन याचिका (Election Petition) के माध्यम से ही चुनौती दी जा सकती है, जिसे सक्षम प्राधिकारी/उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद न्यायालय सामान्यतः उसमें हस्तक्षेप नहीं करते। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने मीनाक्षी नटराजन प्रकरण में भी इस सिद्धांत की पुनः पुष्टि की थी।


कथन 3 सही है:
एन.पी. पोनुस्वामी बनाम रिटर्निंग ऑफिसर (1952) के ऐतिहासिक निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि "चुनाव" शब्द का प्रयोग व्यापक अर्थ में किया गया है, जिसमें चुनाव अधिसूचना जारी होने से लेकर परिणाम घोषित होने तक की संपूर्ण प्रक्रिया शामिल है। इसलिए चुनाव के दौरान उत्पन्न विवादों का निपटारा चुनाव संपन्न होने के बाद निर्वाचन याचिका के माध्यम से किया जाना चाहिए।


                            

Q2:

भारत में अनुच्छेद 329() [Article 329(b)] तथा चुनावी विवादों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   किसी चुनाव की वैधता को चुनौती देने वाली निर्वाचन याचिकाएँ (Election Petitions) सीधे भारत के सर्वोच्च न्यायालय में दायर की जा सकती हैं।

2.   अनुच्छेद 329 का प्रमुख उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में विलंब को रोकना तथा लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया की सुचारु एवं निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित करना है।

3.   नामांकन पत्रों की स्वीकृति या अस्वीकृति से संबंधित विवादों का निपटारा मतदान दिवस से पूर्व उच्च न्यायालय द्वारा किया जा सकता है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 1 और 3

D: 1, 2 और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है:
अनुच्छेद 329() के अनुसार निर्वाचन याचिकाएँ सीधे सर्वोच्च न्यायालय में दायर नहीं की जा सकतीं। चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका संबंधित उच्च न्यायालय (High Court) के समक्ष प्रस्तुत की जाती है। सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका केवल तब आती है जब उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध अपील की जाती है।


कथन 2 सही है:
अनुच्छेद 329 का मूल उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की निरंतरता, स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखना है। संविधान निर्माताओं ने यह व्यवस्था इसलिए की कि चुनावों के दौरान उत्पन्न विवादों के कारण निर्वाचन प्रक्रिया बाधित हो। अतः सभी चुनाव-संबंधी विवादों को चुनाव सम्पन्न होने के बाद निर्वाचन याचिका (Election Petition) के माध्यम से उठाने की व्यवस्था की गई है, जिससे चुनाव बिना किसी अवरोध के संपन्न हो सकें।


कथन 3 गलत है:
नामांकन पत्रों की अनुचित स्वीकृति या अस्वीकृति तथा अन्य चुनावी अनियमितताओं से संबंधित विवादों का निपटारा चुनाव प्रक्रिया के दौरान नहीं किया जा सकता। Mohinder Singh Gill v. Chief Election Commissioner जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद न्यायालय सामान्यतः हस्तक्षेप नहीं करेंगे। ऐसे विवाद केवल चुनाव समाप्त होने के बाद निर्वाचन याचिका के माध्यम से उठाए जा सकते हैं।


                            

Q3:

भारत के बहु-स्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा (Ballistic Missile Defence - BMD) कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   पृथ्वी एयर डिफेंस (PAD) को एंडो-वायुमंडलीय (Endo-atmospheric) अवरोधन के लिए विकसित किया गया है, जो पृथ्वी के वायुमंडल के भीतर लक्ष्यों को नष्ट करता है।

2.   एडवांस्ड एयर डिफेंस (AAD) एक एक्सो-वायुमंडलीय (Exo-atmospheric) इंटरसेप्टर है, जो वायुमंडल के बाहर मिसाइलों को अवरोधित करता है।

3.   AD-1 और AD-2 जैसे नए इंटरसेप्टर सिस्टम मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों (IRBMs) तथा अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs) का मुकाबला करने के लिए विकसित किए जा रहे हैं।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 3

C: केवल 1 और 3

D: 1, 2 और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है:
पृथ्वी एयर डिफेंस (PAD) एक एक्सो-वायुमंडलीय (Exo-atmospheric) इंटरसेप्टर प्रणाली है। इसे आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर अवरोधित और नष्ट करने के लिए विकसित किया गया है।


कथन 2 गलत है:
एडवांस्ड एयर डिफेंस (AAD) प्रणाली बीएमडी की दूसरी तथा निचली रक्षा परत (Lower Layer) के रूप में कार्य करती है। यह एक एंडो-वायुमंडलीय (Endo-atmospheric) इंटरसेप्टर है, जो वायुमंडल के भीतर आने वाली मिसाइलों को नष्ट करती है।


कथन 3 सही है:
भारत के बीएमडी कार्यक्रम के द्वितीय चरण (Phase-II) के अंतर्गत, Defence Research and Development Organisation (DRDO) द्वारा AD-1 और AD-2 जैसे उन्नत इंटरसेप्टर विकसित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों (IRBMs) तथा अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs) जैसे उन्नत खतरों का मुकाबला करना है।


 


                            

Q4:

भारत की बहु-स्तरीय वायु रक्षा (Multi-Layered Air Defence) संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   S-400 ट्रायम्फ (Triumf) भारत के वायु रक्षा नेटवर्क की सबसे बाहरी दीर्घ-दूरी (Long-Range) रक्षा परत का निर्माण करता है।

2.   प्रोजेक्ट कुशा (Project Kusha) एक स्वदेशी दीर्घ-दूरी वायु रक्षा कार्यक्रम है, जिसे विमान, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइल और हाइपरसोनिक हथियारों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया जा रहा है।

3.   डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स (Directed Energy Weapons - DEWs) भारत की वायु रक्षा संरचना में मध्यम-दूरी (Medium-Range) रक्षा परत का हिस्सा हैं।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2 और 3

C: केवल 1 और 3

D: 1, 2 और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
S-400 Triumf
रूस से प्राप्त भारत की प्रमुख दीर्घ-दूरी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Surface-to-Air Missile) प्रणाली है। इसकी मारक क्षमता लगभग 400 किमी तक है, जिसके कारण यह भारत के वायु रक्षा नेटवर्क की सबसे बाहरी एवं दीर्घ-दूरी रक्षा परत के रूप में कार्य करती है।


कथन 2 सही है:
प्रोजेक्ट कुशा (Project Kusha) एक स्वदेशी दीर्घ-दूरी वायु रक्षा कार्यक्रम है, जिसे Defence Research and Development Organisation (DRDO) द्वारा विकसित किया जा रहा है। इसके परिचालन में आने के बाद यह विमान, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइलों तथा हाइपरसोनिक हथियारों के विरुद्ध व्यापक सुरक्षा प्रदान करेगा तथा विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता कम करेगा।


कथन 3 गलत है:
डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स (DEWs) को पॉइंट डिफेंस लेयर (Point Defence Layer) अर्थात् सबसे भीतरी रक्षा परत में रखा जाता है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और परिसंपत्तियों को निकटवर्ती खतरों से सुरक्षा प्रदान करना है।
मध्यम-दूरी रक्षा परत (Medium-Range Defence Layer) में मुख्यतः Akash Missile System तथा Barak 8 जैसी मिसाइल प्रणालियाँ शामिल हैं।


                            

Q5:

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त राष्ट्रीय कार्यबल (National Task Force - NTF) की हालिया रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   NTF ने छात्र आत्महत्याओं को मुख्यतः एक व्यक्तिगत मनोचिकित्सीय (Psychiatric) समस्या के रूप में चिन्हित किया है।

2.   वर्तमान में भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों में आत्महत्या-निवारण (Suicide Prevention) के लिए कोई समर्पित वैधानिक (Statutory) ढांचा उपलब्ध नहीं है।

3.   रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकांश उच्च शिक्षण संस्थानों में पूर्णकालिक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ (Mental Health Professionals) उपलब्ध नहीं हैं।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2 और 3

C: केवल 1 और 3

D: 1, 2 और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है:
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त राष्ट्रीय कार्यबल (NTF) की अंतरिम रिपोर्ट इस बात पर बल देती है कि छात्र आत्महत्याओं को केवल मानसिक स्वास्थ्य या मनोचिकित्सीय समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार यह एक प्रणालीगत (Systemic), संरचनात्मक (Structural) तथा संस्थागत (Institutional) समस्या है, जिसकी जड़ें भेदभाव, शैक्षणिक बहिष्करण, वित्तीय संकट तथा संस्थागत उपेक्षा में निहित हैं।


कथन 2 सही है:
समिति ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत कमी की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए आत्महत्या-निवारण संबंधी कोई समर्पित वैधानिक ढांचा (Dedicated Statutory Framework) मौजूद नहीं है। वर्तमान व्यवस्थाएँ मुख्यतः परामर्शात्मक (Advisory), गैर-बाध्यकारी (Non-binding) तथा प्रतिक्रियात्मक (Reactive) हैं, कि कानूनी रूप से बाध्यकारी एवं निवारक (Preventive)


कथन 3 सही है:
NTF
के निष्कर्षों के अनुसार सर्वेक्षित उच्च शिक्षण संस्थानों में से 70% से अधिक संस्थानों में पूर्णकालिक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, जबकि 4% से भी कम संस्थानों में आत्महत्या-जोखिम प्रबंधन (Suicide Risk Management) की सक्रिय व्यवस्था मौजूद है।


                            
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj