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Daily-mcqs 14 Sep 2026
Q1:
चाबहार बंदरगाह और भारत की कनेक्टिविटी रणनीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चाबहार बंदरगाह पाकिस्तान को बायपास करते हुए भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी पहुँच प्रदान करता है। 2. भारत ने मई 2024 में चाबहार बंदरगाह के टर्मिनल को विकसित करने और संचालित करने के लिए ईरान के साथ 10 वर्ष की दीर्घकालिक समझौता किया। 3. चाबहार बंदरगाह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) के ढाँचे के दायरे से बाहर है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
चाबहार बंदरगाह ईरान के दक्षिणी तट पर ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में स्थित है और भारत के लिए इसका अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक महत्व है। यह भारत को पाकिस्तान को बायपास करके अफगानिस्तान तथा व्यापक मध्य एशियाई क्षेत्र तक व्यापार और पारगमन की सुविधा प्रदान करता है।
कथन 2 सही है:
भारत और ईरान ने मई 2024 में 10 वर्ष के ऐतिहासिक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत India Ports Global Limited (IPGL) द्वारा चाबहार बंदरगाह के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल का संचालन किया जाना है।
कथन 3 गलत है:
चाबहार बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) के व्यापक ढाँचे के साथ महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा हुआ है। यह एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी हब/नोड के रूप में भारत, ईरान, मध्य एशिया, रूस और यूरोप के बीच संपर्क को मजबूत करता है। इसलिए यह कहना गलत है कि चाबहार बंदरगाह INSTC के दायरे से पूरी तरह बाहर है।
Q2:
भारत–ईरान संबंधों और बहुपक्षीय समूहों में हालिया घटनाक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ईरान 2023 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का पूर्ण सदस्य बना और 2024 में BRICS समूह का हिस्सा बना। 2. BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान हुई हालिया द्विपक्षीय चर्चाओं में भारत और ईरान दोनों ने महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। 3. ईरान पर संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिबंधों ने गैर-तेल व्यापार की सभी संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जिसमें ईरान को भारतीय बासमती चावल और फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात भी शामिल है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
ईरान जुलाई 2023 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का पूर्ण सदस्य बना। इसके बाद जनवरी 2024 में ईरान आधिकारिक रूप से BRICS का पूर्ण सदस्य बन गया। इससे भारत और ईरान के बीच बहुपक्षीय सहयोग तथा कूटनीतिक जुड़ाव के नए अवसर बढ़े।
कथन 2 सही है:
उच्च-स्तरीय बैठकों में, जैसे BRICS शिखर सम्मेलन 2026 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच हुई चर्चाओं में, भारत ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने तथा नाविकों और वाणिज्य की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
कथन 3 गलत है:
अमेरिकी प्रतिबंधों ने ईरान के साथ विशेष रूप से ऊर्जा व्यापार (तेल और गैस) को काफी प्रभावित और जटिल बनाया है, लेकिन गैर-तेल व्यापार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। भारत और ईरान के बीच बासमती चावल, चाय और फार्मास्यूटिकल्स जैसी आवश्यक वस्तुओं का व्यापार अभी भी जारी है। इसके अलावा, भारत ईरान से कुछ विशिष्ट वस्तुओं का आयात भी करता है।
Q3:
भारत–रूस संबंधों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शीत युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए मूलभूत ढाँचे की शुरुआत वर्ष 2000 में रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) पर हस्ताक्षर के साथ हुई। 2. रक्षा सहयोग सख्ती से पारंपरिक “खरीदार-विक्रेता” (Buyer-Seller) ढाँचे तक ही सीमित रहा है और इसमें सैन्य उपकरणों के संयुक्त अनुसंधान, विकास या सह-उत्पादन की दिशा में कोई बदलाव नहीं आया है। 3. तमिलनाडु में स्थित कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Kudankulam Nuclear Power Plant) भारत और रूस के बीच नागरिक परमाणु सहयोग को दर्शाने वाली एक प्रमुख परियोजना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
सोवियत संघ के विघटन के बाद भारत–रूस संबंधों को आधुनिक रणनीतिक दिशा देने वाली प्रमुख राजनीतिक पहल अक्टूबर 2000 में “भारत–रूस रणनीतिक साझेदारी की घोषणा” पर हस्ताक्षर के साथ शुरू हुई। बाद में वर्ष 2010 में इस साझेदारी को “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत किया गया।
कथन 2 गलत है:
भारत–रूस रक्षा संबंध केवल पारंपरिक खरीदार-विक्रेता मॉडल तक सीमित नहीं रहे हैं। समय के साथ दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग संयुक्त अनुसंधान, विकास और उत्पादन की दिशा में विकसित हुआ है। इसके प्रमुख उदाहरणों में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल और AK-203 असॉल्ट राइफल जैसी संयुक्त परियोजनाएँ शामिल हैं।
इसलिए यह कहना गलत है कि रक्षा सहयोग अभी भी केवल खरीदार-विक्रेता ढाँचे तक सीमित है।
कथन 3 सही है:
तमिलनाडु में स्थित कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (KKNPP) भारत और रूस के बीच नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग की एक प्रमुख और महत्वपूर्ण परियोजना है। यह दोनों देशों के दीर्घकालिक रणनीतिक एवं ऊर्जा सहयोग को दर्शाता है।
Q4:
भारत और रूस के बीच हालिया आर्थिक, ऊर्जा और कनेक्टिविटी संबंधी गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य पर काम करने पर चर्चा की है, हालांकि रूस के पक्ष में लगातार बना हुआ व्यापार असंतुलन एक प्रमुख चुनौती है। 2. अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) और प्रस्तावित चेन्नई–व्लादिवोस्तोक समुद्री गलियारा (Chennai–Vladivostok Maritime Corridor) का उद्देश्य भारत, रूस और यूरेशिया के बीच व्यापारिक कनेक्टिविटी को बढ़ाना है। 3. पश्चिमी देशों के कड़े द्वितीयक प्रतिबंधों (Secondary Sanctions) और द्विपक्षीय सहयोग की कमी के कारण रूस से कच्चे तेल और उर्वरकों की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
भारत और रूस ने अपने आर्थिक संबंधों को व्यापक बनाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास किए हैं और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, भारत के लिए एक बड़ी संरचनात्मक चुनौती रूस के पक्ष में बढ़ता हुआ व्यापार घाटा है।
कथन 2 सही है:
रणनीतिक कनेक्टिविटी परियोजनाएँ, जैसे अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) और समुद्री मार्ग आधारित चेन्नई–व्लादिवोस्तोक समुद्री गलियारा, महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग हैं। इनका उद्देश्य पारंपरिक परिवहन बाधाओं को कम करना तथा भारत को रूस और व्यापक यूरेशियाई क्षेत्र से जोड़ने वाले व्यापार मार्गों को अधिक प्रभावी बनाना है।
कथन 3 गलत है:
ऊर्जा सहयोग भारत–रूस संबंधों का एक मजबूत आधार बना हुआ है। भू-राजनीतिक परिस्थितियों और पश्चिमी दबाव के बावजूद, दोनों देश रणनीतिक सहयोग के माध्यम से रूसी कच्चे तेल और उर्वरकों की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए समन्वय कर रहे हैं। इससे भारत की घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं और अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में सहायता मिलती है।
Q5:
भारत में उपभोक्ता संरक्षण कानूनों और डिजिटल मार्केटप्लेस के विनियमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों को डार्क पैटर्न (Dark Patterns) की रोकथाम और विनियमन से संबंधित वार्षिक स्व-ऑडिट (Self-Audit) करना तथा अनुपालन प्रमाण-पत्र (Compliance Certificate) को प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य है। 2. आयातित उत्पादों के मामले में, प्लेटफॉर्मों के लिए मूल देश (Country of Origin) और संबंधित आयातक (Importer) का विवरण दोनों का खुलासा करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। 3. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (Central Consumer Protection Authority–CCPA) की स्थापना मूल रूप से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
भ्रामक डिजिटल डिजाइन तकनीकों को रोकने के लिए प्लेटफॉर्मों को डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन संबंधी 2023 के दिशानिर्देशों का पालन करना होता है। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उन्हें वार्षिक स्व-ऑडिट करना तथा अपने अनुपालन प्रमाण-पत्र को प्रमुखता से प्रदर्शित करना आवश्यक है।
कथन 2 सही है:
अंतरराष्ट्रीय वस्तुओं के संबंध में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने ई-कॉमर्स संस्थाओं के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध आयातित उत्पादों के मूल देश और आयातक के विवरण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया है।
कथन 3 गलत है:
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की स्थापना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत नहीं हुई थी। इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के माध्यम से स्थापित किया गया। इस अधिनियम ने 1986 के पुराने कानून का स्थान लिया और डिजिटल युग में उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा तथा अनुचित व्यापार प्रथाओं से निपटने के लिए एक आधुनिक कानूनी ढाँचा प्रदान किया।
Q6:
शास्त्रीय तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह 1,330 दोहों (Couplets) से बना है, जिन्हें चार प्रमुख भागों—अरम (Aram), पोरुल (Porul), इनबम (Inbam) और वीडु (Veedu)—में समान रूप से विभाजित किया गया है। 2. प्रत्येक कुरल (दोहा) में सात शब्द होते हैं और यह जाति, धर्म या नस्ल के भेद से ऊपर उठकर सार्वभौमिक मानवतावाद पर जोर देता है। 3. पोरुल (Porul) खंड मुख्य रूप से राज्य-कला, अर्थव्यवस्था, राजनीतिक नैतिकता और सुशासन से संबंधित विषयों पर केंद्रित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है:
तिरुक्कुरल को व्यापक रूप से तीन प्रमुख भागों (पाल्स/Pals) में विभाजित किया गया है, न कि चार में:
इसमें कुल 1,330 दोहे हैं, जिन्हें 133 अध्यायों में व्यवस्थित किया गया है और प्रत्येक अध्याय में 10 दोहे हैं। इसमें ‘वीडु (Veedu)’ नाम का कोई अलग खंड नहीं है।
कथन 2 सही है:
कवि-दर्शनशास्त्री तिरुवल्लुवर द्वारा रचित प्रत्येक कुरल एक सटीक दो-पंक्तियों वाली काव्य रचना है, जिसमें कुल सात सीर/शब्द-इकाइयाँ (Seerkal) होती हैं। यह गहन दार्शनिक विचारों को व्यक्त करता है और धर्म तथा जाति की सीमाओं से परे सार्वभौमिक मानवतावाद का संदेश देता है।
कथन 3 सही है:
दूसरा खंड ‘पोरुल (Porul)’ कुल 70 अध्यायों में फैला हुआ है। इसमें लोक प्रशासन, नेतृत्व, सामाजिक-आर्थिक सिद्धांत, न्याय और राज्य-कला जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस कारण यह आधुनिक शासन-व्यवस्था के संदर्भ में भी अत्यंत प्रासंगिक माना जाता है।
Q7:
भारत की हालिया सांस्कृतिक कूटनीति संबंधी पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल के रूसी अनुवाद की एक प्रति भेंट की। 2. तिरुक्कुरल की मूल रचना संगम काल के दौरान संस्कृत में हुई थी और बाद में इसका तमिल तथा अन्य वैश्विक भाषाओं में अनुवाद किया गया। 3. पुतिन को भेंट किया गया हालिया रूसी अनुवाद केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (Central Institute of Classical Tamil) द्वारा प्रकाशित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान शास्त्रीय तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद उन्हें भेंट किया। यह भारत की सभ्यतागत विरासत को वैश्विक कूटनीति के माध्यम से प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
कथन 2 गलत है:
तिरुक्कुरल प्राचीन तमिल साहित्य और दर्शन की एक महान कृति है, जिसकी रचना तिरुवल्लुवर ने की थी। इसकी मूल रचना संस्कृत में नहीं हुई थी। यह तमिल साहित्य की संगम/उत्तर-संगम परंपरा से संबंधित है और बाद में इसका अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ।
कथन 3 सही है:
पुतिन को भेंट किए गए इस विशिष्ट रूसी संस्करण का अनुवाद नायरा म्कर्त्च्यान (Naira Mkrtchyan) ने किया था और इसे केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (Central Institute of Classical Tamil) द्वारा प्रकाशित किया गया था। यह प्राचीन भारतीय ज्ञान और साहित्य को विभिन्न भाषाओं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।