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Daily-mcqs 11 Sep 2026
Q1:
महासागरीय अनुसंधान पोत (ORV) सागर मंथन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भारत का पहला उन्नत स्वदेशी महासागरीय अनुसंधान पोत है, जिसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा बनाया गया है। 2. इसे पुराने हो चुके ORV सागर कन्या को पूरी तरह बदलने के लिए तैयार किया गया है। 3. यह रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और समुद्री सुरक्षा तथा गहरे समुद्र में पनडुब्बी बचाव अभियानों को संचालित करता है। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
ORV सागर मंथन भारत का एक उन्नत स्वदेशी महासागरीय अनुसंधान पोत है, जिसे कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (NCPOR) के लिए बनाया है।
कथन 2 सही है:
₹840 करोड़ की लागत से निर्मित यह पोत 43 वर्ष पुराने ORV सागर कन्या को धीरे-धीरे प्रतिस्थापित करने के लिए बनाया गया है। यह हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी, दक्षिणी महासागर और अंटार्कटिका में वैज्ञानिक अनुसंधान करेगा।
कथन 3 गलत है:
यह पोत रक्षा मंत्रालय के अधीन नहीं, बल्कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के अधीन कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान है, जिसमें समुद्री खनिज, जलवायु परिवर्तन, सुनामी और समुद्री जैव विविधता का अध्ययन शामिल है। इसका मुख्य कार्य सैन्य गतिविधियाँ या पनडुब्बी बचाव अभियान नहीं है।
Q2:
1. यह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) द्वारा शुरू की गई एक व्यापक पहल है, जिसका उद्देश्य ब्लू इकॉनमी (नीली अर्थव्यवस्था) को बढ़ावा देना है। 2. इस मिशन के अंतर्गत 'समुद्रयान' परियोजना में MATSYA 6000 नामक स्वदेशी मानवयुक्त पनडुब्बी (Manned Submersible) विकसित करना शामिल है। 3. ORV सागर मंथन डीप ओशन मिशन के डीप ओशन सर्वे एंड एक्सप्लोरेशन (गहरे समुद्र का सर्वेक्षण एवं अन्वेषण) घटक को सीधे मजबूत करता है।भारत के डीप ओशन मिशन (DOM) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
भारत का डीप ओशन मिशन (Deep Ocean Mission) वर्ष 2021 में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) द्वारा शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य गहरे समुद्र का अन्वेषण करना और ब्लू इकॉनमी (नीली अर्थव्यवस्था) को मजबूत करना है।
कथन 2 सही है:
इस मिशन का एक प्रमुख घटक 'समुद्रयान' है। इसके अंतर्गत MATSYA 6000 नामक स्वदेशी मानवयुक्त पनडुब्बी विकसित की जा रही है। यह पनडुब्बी तीन एक्वानॉट्स (Aquanauts) को समुद्र की 6,000 मीटर तक की गहराई में ले जाने में सक्षम होगी।
कथन 3 सही है:
ORV सागर मंथन में स्वाथ मल्टीबीम (Swath Multibeam), भूकंपीय सर्वेक्षण प्रणाली (Seismic Survey Systems) तथा AUV/ROV को तैनात करने की क्षमता जैसी उन्नत सुविधाएँ हैं। ये सुविधाएँ डीप ओशन मिशन के गहरे समुद्र के सर्वेक्षण एवं अन्वेषण घटक को सीधे समर्थन और मजबूती प्रदान करती हैं।
Q3:
1. भारतीय न्याय संहिता (BNS), जिसने भारतीय दंड संहिता (IPC) का स्थान लिया है, ने विवाह के भीतर बिना सहमति के यौन संबंधों को पूरी तरह से अपराध घोषित कर दिया है। 2. BNS की धारा 63 के अपवाद 2 (Exception 2) के तहत, वह आयु सीमा जिसके नीचे पत्नी के साथ बिना सहमति के यौन संबंध बनाने पर पति के विरुद्ध बलात्कार का मुकदमा चलाया जा सकता है, बढ़ाकर 18 वर्ष कर दी गई है। 3. भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि दंड संहिता में वैधानिक अपवाद बरकरार रहने के बावजूद पति पर बलात्कार के आरोप में आसानी से मुकदमा चलाया जा सकता है।भारत में यौन अपराधों और वैवाहिक संबंधों को नियंत्रित करने वाले कानूनी प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने धारा 63 के अंतर्गत वैवाहिक बलात्कार से संबंधित अपवाद को बरकरार रखा है। यदि पत्नी बालिग है, तो विवाह के भीतर बिना सहमति के यौन संबंध को BNS के तहत पूरी तरह से बलात्कार का अपराध नहीं माना गया है।
कथन 2 सही है:
पूर्ववर्ती IPC की धारा 375 के तहत यह अपवाद उस स्थिति में लागू नहीं होता था, जब पत्नी की आयु 15 वर्ष से कम हो। BNS ने धारा 63 के तहत इस प्रावधान को अपडेट करते हुए आयु सीमा को बढ़ाकर 18 वर्ष कर दिया है। इसलिए, पत्नी की आयु 18 वर्ष से कम होने पर पति पर बलात्कार का मुकदमा चलाया जा सकता है।
कथन 3 गलत है:
सर्वोच्च न्यायालय ने हाल में पति के विरुद्ध बलात्कार के आरोप में मुकदमा चलाने के संबंध में गंभीर कानूनी दुविधा पर ध्यान दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब तक BNS की धारा 63 में दिए गए वैधानिक अपवाद को किसी न्यायालय द्वारा असंवैधानिक घोषित नहीं किया जाता, तब तक पति पर बलात्कार के आरोप में आसानी से मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। किसी कृत्य को हानिकारक मानना और विधायी समर्थन के बिना किसी नए आपराधिक अपराध का विस्तार करना—दो अलग-अलग बातें हैं।
Q4:
1. सर्वेक्षण किए गए शहरों में सर्दियों के दौरान टियर-2 शहरों में जलाए गए कचरे की कुल मात्रा सबसे अधिक दर्ज की गई। 2. सर्दियों में टियर-3 शहरों में कचरा जलाने की घटनाओं की दर (प्रति वर्ग किलोमीटर प्रति दिन घटनाओं की संख्या) सबसे अधिक दर्ज की गई। 3. इन शहरी क्षेत्रों में खुले में कचरा जलाने से शहर-स्तर के कुल PM2.5 और PM10 उत्सर्जन का 50% से अधिक हिस्सा उत्पन्न होता है।वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) इंडिया द्वारा खुले में कचरा जलाने पर किए गए अध्ययन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
WRI India के वर्किंग पेपर के अनुसार, टियर-2 शहरों में जलाए गए कचरे की कुल मात्रा सबसे अधिक दर्ज की गई। यह मात्रा गर्मियों में लगभग 21 टन/दिन से बढ़कर सर्दियों में लगभग 41 टन/दिन हो गई।
कथन 2 सही है:
टियर-3 शहरों में कचरा जलाने की घटनाओं की दर (incidence) सबसे अधिक दर्ज की गई। सर्दियों के मौसम में यह लगभग 49.6 घटनाएँ प्रति वर्ग किलोमीटर प्रति दिन तक पहुँच गई। वहीं, अपेक्षाकृत गरीब इलाकों में यह दर बढ़कर लगभग 84 घटनाएँ प्रति वर्ग किलोमीटर प्रति दिन तक देखी गई।
कथन 3 गलत है:
वास्तव में, अध्ययन में शामिल शहरों में खुले में कचरा जलाने से शहर-स्तर के कुल PM2.5 और PM10 उत्सर्जन में 1% से भी कम योगदान पाया गया।
हालाँकि, खुले में कचरा जलाना मानव बस्तियों, सड़कों और घरों के बहुत निकट होता है। इसलिए इससे स्थानीय स्तर पर अल्पकालिक वायु प्रदूषण का गंभीर जोखिम पैदा होता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
Q5:
1. यह पश्चिम में फारस की खाड़ी को पूर्व में ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। 2. जलडमरूमध्य का उत्तरी तट ईरान के नियंत्रण में है, जबकि दक्षिणी तट पूरी तरह से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के नियंत्रण में है। 3. इराक और कुवैत के पास ऐसे प्रत्यक्ष भौगोलिक वैकल्पिक पाइपलाइन मार्ग हैं, जो हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बायपास करके कच्चे तेल का निर्यात करने की सुविधा देते हैं।हाल ही में अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य हमलों में हुई वृद्धि के संदर्भ में, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य एक अत्यंत महत्वपूर्ण भौगोलिक चोकपॉइंट (रणनीतिक संकीर्ण मार्ग) है, जो पश्चिम में फारस की खाड़ी को पूर्व में ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इसके माध्यम से विश्व के लगभग 20% तेल व्यापार और लगभग 25% तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का परिवहन होता है।
कथन 2 गलत है:
यद्यपि जलडमरूमध्य का उत्तरी तट ईरान के नियंत्रण में है, लेकिन दक्षिणी तट पर ओमान (विशेष रूप से उसका मुसंदम प्रायद्वीप, जो ओमान का एक अलग भू-भाग है) और UAE दोनों का नियंत्रण है। समुद्री जहाजों के आवागमन वाले मार्ग का सबसे संकरा हिस्सा केवल UAE के नियंत्रण में नहीं है, बल्कि इसके क्षेत्रीय जल ईरान और ओमान से संबंधित हैं।
कथन 3 गलत है:
सऊदी अरब (ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के माध्यम से यानबू तक) और UAE (हबशान-फुजैरा पाइपलाइन के माध्यम से) जैसे प्रमुख तेल निर्यातकों के पास हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बायपास करने वाले वैकल्पिक मार्ग हैं।
हालाँकि, इराक, कुवैत, कतर और बहरीन के पास व्यवहार्य बाईपास पाइपलाइन मार्ग नहीं हैं और वे अपने ऊर्जा संसाधनों के निर्यात के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अत्यधिक निर्भर हैं।
Q6:
1. समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCLOS) के तहत विदेशी जहाजों को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से 'पारगमन मार्ग (Transit Passage)' के अधिकार के तहत निरंतर और शीघ्र नौवहन करने की स्वतंत्रता प्राप्त है। 2. 'ऑपरेशन संकल्प' (Operation Sankalp) भारतीय नौसेना द्वारा शुरू की गई एक समुद्री सुरक्षा पहल है, जिसका उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट के कानूनी और सुरक्षा संबंधी पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1
B: केवल 2
C: 1 व 2 दोनों
D: कोई नहीं
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को "अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए प्रयुक्त जलडमरूमध्य (Strait Used for International Navigation)" के रूप में मान्यता प्राप्त है। UNCLOS के भाग III के अनुसार, सभी देशों के जहाजों और विमानों को 'पारगमन मार्ग (Transit Passage)' का अधिकार प्राप्त है। शांतिकाल में तटीय देश इस अधिकार को निलंबित या बाधित नहीं कर सकते, बशर्ते कि आवागमन निरंतर और शीघ्र (continuous and expeditious) हो।
नोट: ईरान ने UNCLOS पर हस्ताक्षर तो किए हैं, लेकिन इसका अनुसमर्थन (ratification) नहीं किया है। फिर भी, अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय Transit Passage के अधिकार को प्रथागत अंतरराष्ट्रीय कानून (Customary International Law) के रूप में मान्यता देते हैं।
कथन 2 सही है:
क्षेत्र में बढ़ते तनाव, तेल टैंकरों पर हमलों और समुद्री असुरक्षा के जवाब में भारतीय नौसेना ने 'ऑपरेशन संकल्प' शुरू किया। इस अभियान के तहत भारतीय नौसेना की तैनाती एक निवारक (deterrent) के रूप में कार्य करती है और भारतीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करती है, ताकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी से उनकी निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सके।