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Daily-mcqs 08 Sep 2026
Q1:
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (VVP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (VVP-I) एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसका उद्देश्य भारत की उत्तरी भूमि सीमा से लगे गांवों का विकास करना है। 2. वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम–II (VVP-II) को एक केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme) के रूप में बनाया गया है, जिसके अंतर्गत अन्य अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाओं से लगे चयनित ब्लॉकों को शामिल किया जाएगा, जबकि VVP-I के अंतर्गत पहले से शामिल क्षेत्रों को इससे बाहर रखा जाएगा। 3. रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) इस कार्यक्रम के समग्र कार्यान्वयन और धनराशि के आवंटन के लिए जिम्मेदार नोडल मंत्रालय है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
प्रारंभिक वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (VVP-I) की घोषणा केंद्रीय बजट में की गई थी। इसे केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के रूप में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य भारत की उत्तरी सीमा (चीन सीमा) से लगे चिन्हित सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।
कथन 2 सही है:
VVP-II को 100% केंद्र द्वारा वित्तपोषित केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme) के रूप में मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य अन्य अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमाओं से लगे चयनित ब्लॉकों में विकास को बढ़ावा देना है, जैसे नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि से लगी सीमाएं। इसमें VVP-I के अंतर्गत पहले से शामिल उत्तरी सीमा के क्षेत्रों को बाहर रखा गया है, ताकि योजनाओं में दोहराव (duplication) न हो।
कथन 3 गलत है:
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम का नोडल मंत्रालय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs—MHA) है, न कि रक्षा मंत्रालय। गृह मंत्रालय कार्यक्रम के कार्यान्वयन की देखरेख करता है। इसका उद्देश्य रणनीतिक सीमावर्ती क्षेत्रों में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना और लोगों के पलायन (outmigration) को रोकना है।
Q2:
1. OPEC+ में OPEC के सभी 12 स्थायी सदस्य देशों के साथ-साथ रूस और ओमान जैसे प्रमुख गैर-OPEC तेल निर्यातक देश भी शामिल हैं। 2. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने स्वतंत्र राष्ट्रीय आर्थिक और बाजार हितों को आगे बढ़ाने के लिए मई 2026 में आधिकारिक रूप से OPEC छोड़ दिया। 3. OPEC+ के अंतर्गत संयुक्त मंत्रिस्तरीय निगरानी समिति (Joint Ministerial Monitoring Committee—JMMC) के पास सदस्य देशों को उत्पादन कोटा का कानूनी रूप से पालन करने के लिए बाध्य करने का अंतिम अधिकार है।पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन प्लस (OPEC+) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है:
वर्तमान में OPEC के 12 स्थायी सदस्य नहीं हैं। इसकी सदस्यता समय के साथ बदलती रहती है, क्योंकि कुछ देश संगठन में शामिल होते हैं या बाहर निकलते हैं। उदाहरण के लिए, अंगोला ने 2024 की शुरुआत में OPEC छोड़ दिया था।
इसके अलावा, OPEC+ वर्ष 2016 में OPEC सदस्य देशों और 10 गैर-OPEC साझेदार देशों के बीच बना एक गठबंधन है। इसमें रूस, ओमान और कजाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं। यह Declaration of Cooperation (DoC) पर आधारित एक अपेक्षाकृत ढीला गठबंधन है, न कि सभी OPEC सदस्यों को स्थायी रूप से शामिल करने वाला कोई वैधानिक समूह।
कथन 2 सही है:
ऊर्जा भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मई 2026 में आधिकारिक रूप से OPEC से बाहर निकलने का निर्णय लिया, जिसमें उसने अपने राष्ट्रीय हितों तथा अपनी घरेलू आर्थिक और उत्पादन आवश्यकताओं को स्वतंत्र रूप से पूरा करने की आवश्यकता का हवाला दिया।
कथन 3 गलत है:
Joint Ministerial Monitoring Committee (JMMC) मुख्य रूप से एक निगरानी निकाय है। यह वैश्विक तेल बाजार की परिस्थितियों, सदस्य देशों के अनुपालन स्तर और उत्पादन संबंधी आंकड़ों की समीक्षा करता है तथा मुख्य OPEC/OPEC+ मंत्रिस्तरीय बैठकों को सिफारिशें देता है।
JMMC के पास संप्रभु सदस्य देशों पर उत्पादन कोटा लागू करने या उन्हें कानूनी रूप से बाध्य करने का स्वतंत्र कार्यकारी अथवा कानूनी अधिकार नहीं है।
Q3:
1. FCNR(B) खाते में मूलधन (Principal) और अर्जित ब्याज (Interest), दोनों को विदेशी मुद्रा में पुनः विदेश भेजा (Repatriate) जा सकता है। 2. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा घोषित विशेष तरलता सुविधा (Special Liquidity Window) के अंतर्गत, विदेशी पूंजी जुटाने को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रीय बैंक ने हेजिंग लागत (Hedging Costs) को वहन किया। 3. निजी क्षेत्र के बैंकों ने कुल 130 अरब डॉलर के FCNR(B) अंतर्वाह (Inflows) में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल की और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा विदेशी बैंकों से बेहतर प्रदर्शन किया।विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) – FCNR(B) जमा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
FCNR(B) खाते अनिवासी भारतीयों (NRIs) या भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIOs) को निर्दिष्ट विदेशी मुद्राओं, जैसे अमेरिकी डॉलर (USD), ब्रिटिश पाउंड (GBP), यूरो (EUR) और जापानी येन (JPY) में सावधि जमा (Fixed Deposits) रखने की अनुमति देते हैं। इसमें मूलधन और अर्जित ब्याज दोनों को विदेशी मुद्रा में पूरी तरह विदेश भेजा जा सकता है। इसका अर्थ है कि जमाकर्ता को विनिमय दर (Exchange Rate) के जोखिम से सुरक्षा मिलती है।
कथन 2 सही है:
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीमित अवधि के लिए एक विशेष रियायती विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा (Concessional Forex Swap Facility) शुरू की थी। इसके तहत नए 3 से 5 वर्ष की अवधि वाले FCNR(B) जमा जुटाने वाले बैंकों की हेजिंग लागत को प्रभावी रूप से पूरी तरह वहन किया गया। इससे मुद्रा परिवर्तन और जोखिम का बोझ कम हुआ तथा विदेशी मुद्रा का बड़ा अंतर्वाह हुआ।
कथन 3 सही है:
निजी क्षेत्र के बैंकों ने कुल अंतर्वाह में लगभग आधी हिस्सेदारी हासिल की। उन्होंने लगभग 61 अरब डॉलर (लगभग 46.9%) के FCNR(B) अंतर्वाह को आकर्षित किया, जो कुल 130 अरब डॉलर के मुकाबले सबसे अधिक था। इस प्रकार निजी क्षेत्र के बैंक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और विदेशी बैंकों से स्पष्ट रूप से आगे रहे।
Q4:
1. बैंकिंग प्रणाली में तरलता में भारी वृद्धि होकर यह 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इसका मुख्य कारण विदेशी मुद्रा परिचालन (Foreign Exchange Operations) से प्राप्त अंतर्वाह तथा विशेष अमेरिकी डॉलर-रुपया विदेशी मुद्रा/FCNR(B) स्वैप सुविधाएँ थीं। 2. बैंकिंग प्रणाली में अत्यधिक अतिरिक्त तरलता स्वाभाविक रूप से अल्पकालिक ब्याज दरों और ओवरनाइट ब्याज दरों को नीतिगत रेपो दर से ऊपर ले जाती है। 3. अत्यधिक तरलता अधिशेष केंद्रीय बैंक के लिए हेडलाइन मुद्रास्फीति (Headline Inflation) को नियंत्रित करना कठिन बना देता है।भारतीय बैंकिंग प्रणाली में तरलता अधिशेष (Liquidity Surplus) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
बैंकिंग प्रणाली में तरलता चार वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई और 10.3 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई। इसका प्रमुख कारण भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा लागू विशेष विदेशी मुद्रा (Forex) तथा विदेशी मुद्रा अनिवासी [FCNR(B)] जमा स्वैप सुविधाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर डॉलर का अंतर्वाह था।
जब बैंक RBI के साथ विदेशी मुद्रा को रुपये में स्वैप करते हैं, तो घरेलू बाजार में रुपये की तरलता का प्रवाह बढ़ता है।
कथन 2 गलत है:
अतिरिक्त तरलता का अर्थ है कि बाजार में उपलब्ध धन की मात्रा अधिक है, जबकि निवेश/उपयोग के सीमित अवसर हैं। धन की यह अतिरिक्त आपूर्ति वास्तव में ओवरनाइट और अल्पकालिक बाजार ब्याज दरों को नीचे ले जाती है, अर्थात वे नीतिगत रेपो दर से कम हो जाती हैं, न कि अधिक।
कथन 3 सही है:
ढीली मौद्रिक स्थिति (Loose Money) या बहुत अधिक अतिरिक्त तरलता, यदि मुद्रा आपूर्ति पर पर्याप्त नियंत्रण न हो, तो मुद्रास्फीति के दबाव को बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक के लिए मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखना एक बड़ी मौद्रिक नीति चुनौती बन जाती है।
Q5:
1. कॉलेजियम प्रणाली का स्पष्ट रूप से प्रावधान भारत के मूल संविधान के अनुच्छेद 124 के अंतर्गत किया गया है। 2. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए सर्वोच्च न्यायालय का कॉलेजियम भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और न्यायालय के चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीशों से मिलकर बना होता है। 3. यदि कॉलेजियम अपनी सिफारिश को दोहराता है, तो उसके द्वारा की गई सिफारिशें केंद्र सरकार के लिए बाध्यकारी होती हैं।भारत में सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है:
कॉलेजियम प्रणाली का उल्लेख मूल संविधान या किसी संवैधानिक संशोधन अधिनियम में नहीं किया गया है। यह एक न्यायिक रूप से विकसित प्रणाली (Judicially Evolved System) है, जो सर्वोच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों के मामलों (Three Judges Cases) में दिए गए निर्णयों से विकसित हुई।
विशेष रूप से, इसका विकास द्वितीय न्यायाधीश मामला (Second Judges Case, 1993) और तृतीय न्यायाधीश मामला (Third Judges Case, 1998) के निर्णयों से हुआ। अनुच्छेद 124 केवल सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और उसकी संरचना से संबंधित है।
कथन 2 सही है:
सर्वोच्च न्यायालय का कॉलेजियम एक पाँच सदस्यीय निकाय है। इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) इसके प्रमुख होते हैं और उनके साथ सर्वोच्च न्यायालय के चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।
कथन 3 सही है:
सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुसार, यदि कॉलेजियम सर्वसम्मति से किसी नियुक्ति की सिफारिश करता है और सरकार उस सिफारिश को पुनर्विचार के लिए कॉलेजियम के पास वापस भेजती है, तो कॉलेजियम द्वारा उस सिफारिश को दोहराए जाने पर सरकार उन उम्मीदवारों की नियुक्ति करने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य होती है।