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Daily-mcqs 04 Jul 2026
Q1:
एनसीबी (NCB) वार्षिक रिपोर्ट 2025 और भारत के मादक पदार्थ नियंत्रण ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. म्यांमार ने अवैध अफीम (Illicit Opium) के प्रमुख स्रोत के रूप में अफगानिस्तान को पीछे छोड़ दिया है। 2. टेलीग्राम (Telegram), व्हाट्सऐप (WhatsApp) और सिग्नल (Signal) जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बढ़ते हुए किया जा रहा है। 3. एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट 2025 के अनुसार, वर्ष 2024 की तुलना में मादक पदार्थों से संबंधित गिरफ्तारियों में कमी दर्ज की गई है। 4. मेथामफेटामाइन (Methamphetamine) और एमफेटामाइन (Amphetamine) वैश्विक स्तर पर मादक पदार्थों की जब्ती (Drug Seizures) में प्रमुख हैं, जबकि निटाज़ीन्स (Nitazenes) एक नए कृत्रिम ओपिओइड (Synthetic Opioid) खतरे के रूप में उभरे हैं। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: 1, 2 और 3 केवल
B: 1, 3 और 4 केवल
C: 1, 2 और 4 केवल
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – सही: म्यांमार ने अवैध अफीम के विश्व के सबसे बड़े स्रोत के रूप में अफगानिस्तान को पीछे छोड़ दिया है। इसकी तस्करी के मार्ग भारत के पूर्वोत्तर राज्यों तक फैले हुए हैं।
कथन 2 – सही: मादक पदार्थों के तस्कर टेलीग्राम, व्हाट्सऐप और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का बढ़ते हुए उपयोग कर रहे हैं। इनमें टेलीग्राम विज्ञापन और समन्वय (Coordination) के लिए प्रमुख मंच बनकर उभरा है।
कथन 3 – गलत: गिरफ्तारियों में कमी नहीं, बल्कि उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में 1,83,675 गिरफ्तारियां दर्ज की गईं, जबकि 2024 में 1,22,224 गिरफ्तारियां हुई थीं। यह पिछले पाँच वर्षों का सर्वाधिक स्तर है।
कथन 4 – सही: वैश्विक स्तर पर मेथामफेटामाइन और एमफेटामाइन की जब्ती सबसे अधिक होती है, जबकि निटाज़ीन्स, जो हेरोइन की तुलना में 500 गुना तक अधिक शक्तिशाली कृत्रिम ओपिओइड हैं, एक गंभीर नए खतरे के रूप में उभरे हैं।
Q2:
मादक पदार्थ नियंत्रण हेतु विज़न दस्तावेज़ (2026–2029) तथा मादक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विज़न दस्तावेज़ (Vision Document) चार स्तंभों पर आधारित है, जिनमें प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग नियंत्रण तथा मांग में कमी एवं हानि नियंत्रण (Demand Reduction & Harm Control) शामिल हैं। 2. संविधान का अनुच्छेद 47 भारत की मादक पदार्थ नीति के संवैधानिक आधार के रूप में निर्देशात्मक सिद्धांत (Directive Principle) प्रदान करता है। 3. एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अंतर्गत भांग (Bhang) को विशेष रूप से केंद्र सरकार द्वारा विनियमित (Regulated) किया जाता है। 4. एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत वाणिज्यिक मात्रा (Commercial Quantity) में मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में जमानत (Bail) सामान्यतः उदार (Liberal) होती है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: 1 और 2 केवल
B: 1, 3 और 4 केवल
C: 2 और 4 केवल
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – सही: विज़न दस्तावेज़ (2026–2029) चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
कथन 2 – सही: संविधान का अनुच्छेद 47 राज्य को जनस्वास्थ्य में सुधार करने तथा औषधीय प्रयोजनों को छोड़कर मादक पेय एवं हानिकारक नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने का निर्देश देता है। यही भारत की मादक पदार्थ नीति का संवैधानिक आधार है।
कथन 3 – गलत: भांग (Bhang) को एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत विनियमित नहीं किया गया है। इसका नियमन राज्यों के आबकारी (State Excise) कानूनों के तहत किया जाता है।
कथन 4 – गलत: एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत वाणिज्यिक मात्रा के मामलों में जमानत अत्यंत कठोर शर्तों के अधीन होती है। धारा 37 के अनुसार ऐसे मामलों में जमानत प्राप्त करना सामान्यतः कठिन होता है।
Q3:
16वें भारत–जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन (2026) के परिणामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिखर सम्मेलन में "साझा विकास, समृद्धि और लचीलापन के लिए रणनीतिक अभिसरण एवं विश्वास (Strategic Convergence and Trust for Shared Growth, Prosperity and Resilience)" शीर्षक से एक साझा दृष्टि (Shared Vision) को अपनाया गया। 2. भारत और जापान ने एआई (AI) रणनीतिक संवाद (Strategic Dialogue) की शुरुआत की तथा क्वांटम प्रौद्योगिकी और लूपेक्स (LUPEX) अंतरिक्ष मिशन में सहयोग पर सहमति व्यक्त की। 3. भारत–जापान आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा (Joint Declaration on Economic Security Cooperation) का मुख्य उद्देश्य सेमीकंडक्टर और महत्त्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के लिए लचीली आपूर्ति शृंखलाओं (Resilient Supply Chains) को सुदृढ़ बनाना है। 4. शिखर सम्मेलन में भारत द्वारा व्यापक एवं प्रगतिशील ट्रांस-पैसिफिक साझेदारी समझौते (CPTPP) में शामिल होने के निर्णय की घोषणा की गई। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: 1, 2 और 3 केवल
B: 1, 2 और 4 केवल
C: 2 और 4 केवल
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – सही: दोनों देशों के नेताओं ने "साझा विकास, समृद्धि और लचीलापन के लिए रणनीतिक अभिसरण एवं विश्वास" शीर्षक वाली साझा दृष्टि को अपनाया, जिससे भारत–जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी (Special Strategic and Global Partnership) को और सुदृढ़ किया गया।
कथन 2 – सही: शिखर सम्मेलन में भारत–जापान एआई रणनीतिक संवाद की शुरुआत की गई तथा क्वांटम प्रौद्योगिकी, लूपेक्स (LUPEX – Lunar Polar Exploration Mission) और सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना (Secure Digital Infrastructure) के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने पर सहमति बनी।
कथन 3 – सही: आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा में सेमीकंडक्टर, महत्त्वपूर्ण खनिज, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT), औषधि, स्वच्छ ऊर्जा तथा लचीली वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया।
कथन 4 – गलत: शिखर सम्मेलन में भारत के CPTPP में शामिल होने की कोई घोषणा नहीं की गई। इसके स्थान पर दोनों देशों ने भारत–जापान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement – CEPA) की समीक्षा एवं विस्तार पर सहमति व्यक्त की।
Q4:
भारत–जापान संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी (Special Strategic and Global Partnership) की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। 2. जिमेक्स (JIMEX) भारत और जापान के बीच एक द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जबकि धर्म गार्जियन (Dharma Guardian) एक संयुक्त थल सेना (Army) अभ्यास है। 3. मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना में जापान एक प्रमुख साझेदार है। 4. मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत (Free and Open Indo-Pacific – FOIP) की अवधारणा का उद्देश्य नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था (Rules-based Maritime Order), नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) तथा क्षेत्रीय संपर्क (Regional Connectivity) को बढ़ावा देना है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: 1, 2 और 3 केवल
B: 1, 3 और 4 केवल
C: 1, 2 और 4 केवल
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – सही: भारत और जापान ने वर्ष 2014 में अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी (Special Strategic and Global Partnership) के स्तर तक उन्नत किया, जिससे रक्षा, अवसंरचना और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग का व्यापक विस्तार हुआ।
कथन 2 – सही:
कथन 3 – सही: मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना भारत की प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है, जिसके लिए जापान वित्तीय सहायता तथा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी उपलब्ध करा रहा है।
कथन 4 – सही: मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत (FOIP) की अवधारणा निम्नलिखित सिद्धांतों को बढ़ावा देती है:
Q5:
हाल के अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय (US Supreme Court) के जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) संबंधी निर्णय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि जन्मसिद्ध नागरिकता का अधिकार अमेरिकी संविधान के चौदहवें संशोधन (Fourteenth Amendment) के नागरिकता प्रावधान (Citizenship Clause) द्वारा सुनिश्चित किया गया है। 2. न्यायालय ने निर्णय दिया कि कार्यकारी आदेश (Executive Order) संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को निरस्त या परिवर्तित नहीं कर सकता। 3. निर्णय के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में विदेशी राजनयिकों (Foreign Diplomats) के यहाँ जन्म लेने वाले बच्चों को भी स्वतः अमेरिकी नागरिकता प्राप्त होती है। 4. चौदहवाँ संशोधन (Fourteenth Amendment) अमेरिकी गृहयुद्ध (American Civil War) के बाद अपनाया गया था। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: 1, 2 और 3 केवल
B: 1, 3 और 4 केवल
C: 1, 2 और 4 केवल
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – सही: अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने पुनः पुष्टि की कि 1868 के चौदहवें संशोधन के नागरिकता प्रावधान (Citizenship Clause) के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी व्यक्तियों को जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) प्राप्त होती है।
कथन 2 – सही: न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कार्यकारी आदेश (Executive Order) के माध्यम से संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। यह निर्णय संविधान की सर्वोच्चता (Constitutional Supremacy) तथा न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) के सिद्धांतों की पुनः पुष्टि करता है।
कथन 3 – गलत: विदेशी राजनयिकों के यहाँ अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को स्वतः अमेरिकी नागरिकता प्राप्त नहीं होती। यह जन्मसिद्ध नागरिकता के स्थापित अपवादों में से एक है, क्योंकि उन्हें चौदहवें संशोधन के अंतर्गत अमेरिकी अधिकार-क्षेत्र (US Jurisdiction) के अधीन नहीं माना जाता।
कथन 4 – सही: चौदहवाँ संशोधन वर्ष 1868 में अमेरिकी गृहयुद्ध के बाद अपनाया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य पूर्व दासों (Formerly Enslaved Persons) को नागरिकता प्रदान करना तथा उन्हें कानून के समक्ष समान संरक्षण (Equal Protection of Laws) सुनिश्चित करना था।