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Daily-mcqs 03 Oct 2026
Q1:
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III (GEC-III) योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस योजना का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2032-33 तक 135 गीगावाट तक की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के एकीकरण को सुगम बनाना है। 2. योजना का कुल परिव्यय केंद्र सरकार द्वारा 100% अनुदान के रूप में पूरी तरह वित्त पोषित किया जाता है तथा इसमें राज्यों की कोई भागीदारी नहीं है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1
B: केवल 2
C: 1 व 2 दोनों
D: कोई नहीं
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने GEC-III को वित्तीय वर्ष 2032-33 तक 135 गीगावाट तक की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विद्युत निकासी हेतु पारेषण अवसंरचना को मजबूत करने के प्राथमिक उद्देश्य से मंजूरी दी है।
कथन 2 गलत है: GEC-III का कुल परिव्यय ₹1,86,405 करोड़ है, जिसमें से केंद्र सरकार ₹54,082 करोड़ की राशि केंद्रीय वित्तीय सहायता (Central Financial Support) के रूप में प्रदान करती है। शेष राशि का प्रबंधन राज्य पारेषण उपयोगिताओं (State Transmission Utilities) तथा अन्य पारेषण नेटवर्क जैसी कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से किया जाता है। अतः यह योजना 100% केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित नहीं है और इसमें राज्य/अन्य कार्यान्वयन संस्थाओं की भूमिका भी है।
Q2:
हाल ही में स्वीकृत ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III (GEC-III) योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह योजना अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (Inter-State Transmission System - ISTS) के बजाय अंतःराज्यीय पारेषण प्रणाली (Intra-State Transmission System - InSTS) को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है। 2. इसमें नवीकरणीय ऊर्जा की अनिरंतरता (intermittency) को प्रबंधित करने के लिए 50 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (Battery Energy Storage Systems - BESS) की स्थापना को शामिल किया गया है। 3. योजना के अंतर्गत ग्रीनफील्ड पारेषण परियोजनाओं को निर्माण-स्वामित्व-संचालन-रखरखाव (Build-Own-Operate-Maintain - BOOM) मॉडल के तहत टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (Tariff-Based Competitive Bidding - TBCB) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है: GEC-III विशेष रूप से भारत की अंतःराज्यीय पारेषण प्रणाली (Intra-State Transmission System - InSTS) को मजबूत करता है—न कि अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (Inter-State Transmission System - ISTS) को—ताकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 135 GW तक की नवीकरणीय ऊर्जा की विद्युत निकासी को सुगम बनाया जा सके।
कथन 2 सही है: यह योजना अपने ₹1.86 लाख करोड़ के कुल परिव्यय में से ₹50,000 करोड़ की राशि 50 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की स्थापना के लिए आवंटित करती है। इससे सौर और पवन ऊर्जा की अनिरंतरता को प्रबंधित करने, पारेषण में भीड़ (congestion) को कम करने और गैर-सौर घंटों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
कथन 3 सही है: कार्यान्वयन के लिए, InSTS के अंतर्गत ग्रीनफील्ड परियोजनाओं को निर्माण-स्वामित्व-संचालन-रखरखाव (BOOM) मॉडल के तहत टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है, जबकि ब्राउनफील्ड परियोजनाओं के उन्नयन और नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण का कार्य विनियमित लागत-प्लस आधार (Cost-Plus Basis) पर किया जाता है।
Q3:
2027–28 विपणन मौसम के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने सभी छह अनिवार्य रबी फसलों के लिए MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी। 2. MSP में सबसे अधिक पूर्ण वृद्धि कुसुम (Safflower) के लिए दर्ज की गई है, जिसके बाद रेपसीड एवं सरसों (Rapeseed & Mustard) का स्थान है। 3. मूल्य निर्धारण नीति केंद्रीय बजट 2018–19 में की गई उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत का न्यूनतम 1.5 गुना निर्धारित करने की बात कही गई थी। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है: CCEA ने सभी छह अनिवार्य रबी फसलों के लिए MSP में वृद्धि को मंजूरी दी, जिनमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड एवं सरसों और कुसुम शामिल हैं।
कथन 2 सही है: कुसुम के MSP में सबसे अधिक पूर्ण वृद्धि ₹675 प्रति क्विंटल हुई है, जिसके बाद रेपसीड एवं सरसों (₹413 प्रति क्विंटल) और मसूर (₹390 प्रति क्विंटल) का स्थान है।
कथन 3 सही है: ये बढ़ोतरी केंद्रीय बजट 2018–19 के उस प्रावधान के अनुरूप हैं, जिसमें MSP को उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना निर्धारित करने का प्रावधान किया गया था।
Q4:
भारत में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के निर्धारण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) MSP की सिफारिश करता है, जबकि अंतिम निर्णय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा लिया जाता है। 2. 2027–28 रबी विपणन मौसम के लिए, अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर सबसे अधिक अपेक्षित मार्जिन (प्रतिफल) गेहूं के लिए दर्ज किया गया है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1
B: केवल 2
C: 1 व 2 दोनों
D: कोई नहीं
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है: CACP MSP की दरों की सिफारिश करता है, जबकि अंतिम मंजूरी CCEA द्वारा प्रदान की जाती है।
कथन 2 सही है: उत्पादन लागत पर अनुमानित प्रतिफल गेहूं (106%) के लिए सबसे अधिक है, इसके बाद रेपसीड एवं सरसों (96%), मसूर (92%), चना (59%), जौ (58%) और कुसुम (50%) का स्थान है।
Q5:
बैंकर्स’ बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह 135 वर्ष पुराने बैंकर्स’ बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 का स्थान लेता है। 2. यह भौतिक, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल और क्लाउड-आधारित प्रारूपों में रखे गए बैंकिंग अभिलेखों को मान्यता देकर प्रौद्योगिकी-तटस्थ दृष्टिकोण अपनाता है। 3. यह केंद्र सरकार को अधिसूचना के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र में कार्य करने वाली किसी भी संस्था या संस्थाओं के वर्ग पर इसके प्रावधानों को लागू करने की अनुमति देता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है: बैंकर्स’ बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026 औपचारिक रूप से औपनिवेशिक काल के बैंकर्स’ बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 को निरस्त करता है और उसका स्थान लेता है, जो 135 वर्षों से लागू था।
कथन 2 सही है: नया कानून एक प्रौद्योगिकी-तटस्थ ढांचा अपनाता है, जो भौतिक, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल और क्लाउड-आधारित प्रारूपों में रखे गए अभिलेखों को स्पष्ट रूप से मान्यता देता है तथा मैनुअल, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरों के माध्यम से प्रमाणीकरण की अनुमति देता है।
कथन 3 सही है: यह अधिनियम पारंपरिक बैंकिंग संस्थाओं और डाकघर बचत बैंकों पर लागू होता है। साथ ही, यह केंद्र सरकार को अधिसूचना के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र में कार्य करने वाली अन्य संस्थाओं या संस्थाओं के वर्ग पर इसके प्रावधानों को लागू करने का अधिकार देता है, जिसमें शर्तों या अपवादों को निर्दिष्ट किया जा सकता है।