(India This Week) Weekly Current Affairs for UPSC, IAS, Civil Service, State PCS, SSC, IBPS, SBI, RRB & All Competitive Exams (1st - 6th February 2020)

India This Week Weekly Current Affairs


(India This Week) Weekly Current Affairs for UPSC, IAS, Civil Service, State PCS, SSC, IBPS, SBI, RRB & All Competitive Exams (1st - 6th February 2020)



इण्डिया दिस वीक कार्यक्रम का मक़सद आपको हफ्ते भर की उन अहम ख़बरों से रूबरू करना हैं जो आपकी परीक्षा के लिहाज़ से बेहद ही ज़रूरी है। तो आइये इस सप्ताह की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरों के साथ शुरू करते हैं इस हफ़्ते का इण्डिया दिस वीक कार्यक्रम...

न्यूज़ हाईलाइट (News Highlight):

  • उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुरू हुआ चार दिवसीय डिफेंस एक्सपो का आयोजन, डिफेंस एक्सपो 2020 एशिया में रक्षा उत्पादों की सबसे बड़ी प्रदर्शनी
  • वैज्ञानिकों ने पहली बार खींची सूर्य की सतह की स्पष्ट तस्वीर , पता चली चौंकाने वाली सच्चाई
  • मोदी सरकार की बड़ी घोषणा, देश के पांच पुरातात्विक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगी सरकार
  • भारत और मालदीव के बीच हुआ समझौता....अद्दू अतोल के पांच द्वीपों पर अद्दू पर्यटन क्षेत्र की स्थापना के समझौता ज्ञापनों पर किए हस्ताक्षर
  • किसान रेल योजना की हुई तैयारी, कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री से खरीदी गयी 9 रेफ्रीजरेटर बोगियां
  • 15 वें वित्त आयोग ने पेश की अपनी अंतरिम रिपोर्ट, वित्त वर्ष 2020-21 राज्यों के लिए 41 (इकतालीस) फीसदी हिस्सेदारी की सिफारिश की
  • विश्व कैंसर दिवस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कैंसर पर जारी की दो वैश्विक रिपोर्ट् , कहा कैंसर पूरी दुनिया में होने वाली मौतों की दूसरी सबसे बड़ी वजह

खबरें विस्तार से:

1.

डिफेंस एक्सपो पहले दिल्ली में होता था। मोदी सरकार में सभी डिफेंस एक्सपो रक्षामंत्रियों के गृह राज्य में हुए। 2016 में जब मनोहर पर्रिकर रक्षा मंत्री थे, तब यह गोवा में हुआ था। पर्रिकर गोवा के मुख्यमंत्री भी रह चुके थे। 2018 में डिफेंस एक्सपो तमिलनाडु में हुआ था, तब रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण थीं। सीतारमण तमिलनाडु से हैं। इस बार डिफेंस एक्सपो लखनऊ में हो रहा है क्योंकि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ से ही सांसद हैं। अमेरिका की कंपनी लॉकहीड मार्टिन भी एफ-35 लाइटनिंग सेकंड को पहली बार दुनिया के सामने लाएगी। अमेरिका यह विमान भारत को बेचना चाहता है… थल सेना के हथियारों में- पिनाक मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, धनुष तोप, इंटीग्रेटेड मल्टीफंक्शन साइट, small arms advanced holographic site स्मॉल आर्म्स एडवांस्ड होलोग्राफिक साइट, आई सेफ लेजर, नाइट विजन डिवाइसेज, बॉर्डर सर्विलांस सिस्टम, lazer aurdinense disposal system लेजर ऑर्डिनेंस डिस्पोजल सिस्टम, (lazer daijlers) लेजर डैजलर्स, optical target locator ऑप्टिकल टारगेट लोकेटर और explosive ditactor एक्सप्लोसिव डिटेक्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। वहीं, फाइटर जेट्स - सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर फाइटर प्लेन, चिनूक और चीता हेलीकॉप्टर भी लखनऊ एयरपोर्ट और बक्शी का तालाब एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे।

2.

हाल ही में अमेरिकी संस्था नेशनल साइंस फाउंडेशन (National Science Foundation- NSF) ने हवाई द्वीप पर मौजूद डेनियल के. इनौय सोलर टेलीस्कोप की मदद से सूर्य की सतह की तस्वीरें लेते हुए सूर्य की सतह से जुडी हुई कुछ बेहद अहम् जानकारियाँ इकठ्ठा की हैं,…गौर तलब है की नेशनल साइंस फाउंडेशन ने हवाई स्थित DKIST के ज़रिये अपने पहले सर्वेक्षण से संबंधित आँकडों और तस्वीरों को जारी किया है। इसमें सूर्य की सतह ग्रेन्यूलर स्ट्रक्चर (दानेदार) की तरह दिख रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हर दाना आकार में फ्रांस से बड़ा है। टेलिस्कोप ने सूर्य के 30 किलोमीटर के क्षेत्र को कवर किया…सूर्य की पृथ्वी से दूरी करीब 15 करोड़ किमी है। तस्वीरों में सूर्य की सतह की कोशिका जैसी संरचना नजर आ रही है। हर सेल के बीच सैकड़ों किलोमीटर की दूरी है। डीकेआईएसटी के निदेशक थॉमस रिममेले ने बताया, "यह तस्वीर सूर्य की सतह पर मौजूद संरचनाओं को दिखाती है।" इसका वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें सूर्य में होने वाले विस्फोट को 14 सेकंड तक दिखाया गया है…..वैज्ञानिकों का मानना है कि ये तस्वीरें सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र को मापने और समझने में सहायता कर सकती हैं…..इन तस्वीरों से मिली जानकारी से साल 2017 में हरिकेन इरमा (Hurricane Irma) के दौरान आठ घंटे के लिये रेडियो संचार व्यवस्था के बाधित होने जैसी अंतरिक्ष की मौसमी घटनाओं की भविष्यवाणी करने में मदद मिल सकती है…..डेनियल के. इनौय सोलर टेलीस्कोप के बारे में आपको बताएं तो यह हवाई के मौई (Maui) द्वीप पर स्थित चार मीटर की एक सौर दूरबीन है…..यह वर्तमान में विश्व की सबसे बड़ी सौर दूरबीन है। इस दूरबीन के ज़रिये सूरज में पैदा होने वाले तूफ़ान और इसके चुंबकीय क्षेत्र को समझना है । DKIST के चार मीटर के दर्पण के ज़रिये सौर वातावरण की उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली तस्वीरें ली जा सकती हैं

3.

देश की संस्कृति पुरातत्व और पर्यटन को महत्व देते हुए...केंद्र सरकार की ओर से ये घोषणा बेहद ही एहम है....सरकार ने संस्कृति मंत्रालय के लिए 3150 करोड़ रुपए तथा पर्यटन विकास हेतु 2500 करोड़ रुपए के बजट का प्रस्ताव रखा है…इस प्रस्ताव में पांच पुरातात्विक स्थलों को विकसित करने की घोषणा की गयी है...इसमें हरियाणा का राखीगढ़ी, महाभारत काल का हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश), शिवसागर (असम), धोलावीरा (गुजरात) तथा आदिचनल्लूर (तमिलनाडु) शामिल है…

क्यूँ इन पांच स्थलों को चुना गया

  1. हरियाणा का राखीगढ़ी: राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले में स्थित एक महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थान है.... जो सिन्धु घाटी सभ्यता का भारतीय क्षेत्रों में धोलावीरा के बाद दूसरा सबसे बड़ा ऐतिहासिक नगर है....सिन्धु घाटी सभ्यता से जुड़े कई सवालों के जवाब के राखीगढ़ी से मिल सकते हैं.,…
  2. हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश): हस्तिनापुर, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मेरठ ज़िले में स्थित एक नगर है....जो महाभारत काल में हस्तिनापुर ‘कुरु’ वंश के राजाओं की राजधानी थी.... हस्तिनापुर का इतिहास महाभारत के काल से शुरू होता है…
  3. शिवसागर (असम): शिवसागर, भारत के राज्य असम के शिवसागर जिले का एक शहर है...यह असम की राजधानी गुवाहाटी के उत्तर पूर्व में 360 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है....शिवसागर असम का एक धरोहर स्थल है.... जहाँ पूर्ववर्ती अहोम राष्ट्र के बहुत से स्मारक स्थित हैं.
  4. धोलावीरा (गुजरात): गुजरात में धोलावीरा गांव के पास पांच हजार साल पहले विश्व का यह प्राचीन महानगर था... गुजरात के धोलावीरा को भारत में स्थित दो हड़प्पा शहरों में से दूसरा शहर माना जाता है...आपको बता दें इस पुरातात्विक जगह का सबसे पहली बार पता साल 1967(सडसठ) में चला था.
  5. आदिचनल्लूर (तमिलनाडु): यह तमिलनाडु में थूथुकुडी जिले में स्थित है...वैज्ञानिकों के अनुसार, 905 ईसा पूर्व और 696(छियानवे) ईसा पूर्व के बीच की अवधि में यहां जीवन संभव था और तमिल सभ्यता के साथ लोग यहां रहा करते थे...

4.

भारत-मालदीव संबंध दक्षिण एशिया की नजर से काफी महत्वपूर्ण हैं...मालदीव द्वीप समूह भारत के दक्षिण में हिन्द महासागर में स्थित है...जो अपने खूबसूरत समुद्री तटों के लिए मशहूर है...आपको बता दें भारत-मालदीव के बीच द्विपक्षीय संबंधों की शुरुआत मालदीव के साल 1965(पैंसठ) में ब्रितानी शासन से आज़ादी के साथ हुई....भारत-मालदीव ने अपनी समुद्री सीमाओं का आधिकारिक रूप से साल 1976 (छिहत्तर) में फैसला कर लिया था....दोनों देशों के मध्य साल 1982(बयासी) में व्यापार समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए थे...भारत मालदीव को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने वाले पहले देशों में से एक था....भारत ने साल 1972(बहत्तर) में अपना राजनयिक मिशन मालदीव की राजधानी माले में स्थापित किया....एक और बात जो महत्वपूर्ण है भारत के लगभग सभी प्रधानमंत्रियों ने अपने कार्यकाल के दौरान मालदीव का दौरा किया है...आईये जानते है इस परियोजना के बारे में....इस परियोजना की लागत चौबीस लाख नब्‍बे हजार डॉलर होगी....इन समझौता ज्ञापनों पर मालदीव में भारतीय उच्‍चायुक्‍त संजय सुधीर, मालदीव के विदेश मंत्री अब्‍दुल्‍ला शाहिद तथा अद्दू नगर परिषद के प्रतिनिधि ने हस्‍ताक्षर किए....इसके अलावा, होराफूशी में बोतल बंद पानी का संयंत्र स्‍थापित करने के एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्‍ताक्षर किए गए...आपको बता दें अद्दू मालदीव' 26 प्रवाल अतोल के सबसे खूबसूरत स्थलों में से एक है....इसमें मालदीव के 1192(बयानवे) द्वीपों के दो दर्जन से अधिक द्वीप शामिल हैं...अद्दू पर्यटन के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थल है क्योंकि यह दक्षिण एशिया के सबसे दक्षिणी बिंदु का प्रतिनिधित्व करता है....भारत अपतटीय विकास कार्यों के माध्यम से अपनी पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास की सीमा का विस्तार कर रहा है....जिसके लिए अडू पर्यटन क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और राजनयिकों को लाएगा जो भारत और मालदीव के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देंगे....मालदीव आने वाले लोगों में भारतीय नागरिक दुनिया भर में दूसरे स्थान पर हैं...मालदीव के पर्यटन मंत्री अली वहीद द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2019 के पहले छह महीनों में 82,140(बयासी ) भारतीय पर्यटक मालदीव की यात्रा पर गए थे..

5.

रेल मंत्रालय ने हाल ही में किसानों की आमदनी बढ़ाने और फल-सब्जियों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए ‘किसान रेल’ योजना तैयार कर ली है....रेलवे किसानों के उत्पादों को तेजी से देश में एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाने हेतु बड़ी संख्या में ट्रेने चलाने की तैयारी कर रहा है...सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए रेल मंत्रालय ने 9 रेफ्रिजरेटर बोगियों (Refrigerator Coach) की फ्लीट कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री (Rail Coach Factory in Kapurthala) से खरीदी है... एक रेफ्रिजरेटर पार्सल वैन (Refrigerator Parcel Van) की क्षमता 17 टन है. आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में रेलवे के लिए एक ब्लूप्रिंट पेश किया था....अपने बजट भाषण में सीतारमण ने कहा कि भारतीय रेलवे निजी सार्वजनिक साझेदारी (PPP) के माध्यम से किसान रेल शुरू करेगी जिसमें जल्द खराब हो जाने वाली कृषि उपज के लिए रेफ्रीजेरेटेड डिब्बे होंगे. उन्होंने कहा, दूध, मांस और मछली समेत शीघ्र खराब होने वाले उत्पादों के लिए निर्बाध राष्ट्रीय शीत प्रशीतित श्रृंखला के निर्माण के लिए भारतीय रेलवे पीपीपी के माध्यम से किसान रेल चलाएगी. एक्सप्रेस और ढुलाई ट्रेनों में भी रेफ्रिजेरेटेड डिब्बे होंगे... रेलवे ने किसान रेल योजना को ध्यान में रखते हुए रेफिजरेशन की क्षमता वाले कंटेनर्स को खरीदने की तैयारी कर ली है... आने वाले समय में इस तरह के कंटेनर्स खरीदने के बड़े ऑर्डर कपूरथला कोच फैक्ट्री को मिल सकते हैं....रेलवे ने फल-सब्जियों की LOADING- UNLOADING हेतु भी प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है....सरकार पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चार कार्गो सेंटर बनाएगी....ये कार्गों सेंटर गाजीपुर घाट (यूपी), न्यू आजादपुर (आदर्श नगर, दिल्ली), लासलगांव (महाराष्ट्र) और राजा का तालाब (यूपी) में बनाये जाएंगे...भारत एक कृषि प्रधान देश है ऐसे में BUDGET में किसानों की आमदनी को ध्यान में रखते हुए किसान रेल योजना सराहनीय है.

6.

वित्त आयोग के मुताबिक़ राज्यों की हिस्सेदारी में हो रही कटौती साधारणतया पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के हिस्से के बराबर है, जो कि 0.85 फीसदी थी।केंद्र की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी की वजह नए बनाये गए केंद्रशासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) की सुरक्षा तथा अन्य ज़रूरतों को पूरा करना है..15वें वित्त आयोग ने इस रिपोर्ट में केंद्र सरकार की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये माँगी गयी धन राशि पर भी गौर किया है ...इसके मद्देनज़र वित्त आयोग विशेषज्ञों की एक समिति बनाने पर विचार कर रहा है....आयोग ने कुशल सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली का वैधानिक ढाँचा प्रदान करने के लिये कानून का मसौदा तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समूह के गठन की भी सिफारिश की है...वित्त वर्ष 2018-19 में राज्य सरकारों और केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त कुल राजस्व देश की GDP का लगभग 17.5 फीसदी था। आयोग का विचार है कि देश का असल कर राजस्व, अनुमानित कर राजस्व स्तर से काफी कम है। इसके अलावा 1990 के दशक की शुरुआत से अब तक भारत की कर क्षमता में कोई बदलाव नहीं आया है । इसके मद्देनज़र वित्त आयोग ने 3 अहम् सिफारिशों की पेशकश की है : (1) कर आधार को व्यापक बनाना (2) कर की दरों को सरल बनाना (3) सरकार के सभी स्तरों पर कर प्रशासन की क्षमता और विशेषज्ञता को बढ़ाना...वित्त आयोग ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिये स्थानीय निकायों को अनुदान के रूप में 90,000 हजार करोड़ रुपए देने की सिफारिश की है, जो कि अनुमानित विभाजन योग्य राजस्व का 4.31 प्रतिशत है...इसके अलावा आयोग ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) के क्रियान्वयन को लेकर रिफंड में देरी और पूर्वानुमान की अपेक्षा कर संग्रह में कमी जैसी कुछ चुनौतियों को भी उजागर किया है...हालंकि दक्षिणी राज्यों की सरकारों ने आयोग द्वारा उपयोग किये जाने वाले जनसंख्या मापदंड की आलोचना की है। 14वें वित्त आयोग ने राज्यों के हिस्से की गणना के लिये साल 1971 इकहत्तर इकहत्तर और साल 2011 के जनगणना आँकड़ों का उपयोग किया था और 2011 की अपेक्षा 1971 इकहत्तर के आँकड़ों को अधिक तरजीह दी गयी थी । 14वें वित्त आयोग के विपरीत 15वें वित्त आयोग ने सिर्फ साल 2011 के जनगणना आँकड़ों का प्रयोग किया है। आलोचना करने वाले राज्यों का मानना है कि वर्ष 2011 के जनगणना आँकड़ों के उपयोग से उत्तर प्रदेश और बिहार जैसी बड़ी आबादी वाले राज्यों को ज़्यादा हिस्सा मिल जाएगा, जबकि कम प्रजनन दर वाले छोटे राज्यों के हिस्से में काफी कम राजस्व आएगा। हिंदी भाषी उत्तरी राज्यों (बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड) की संयुक्त जनसंख्या 47.8 करोड़ है, जो कि देश की कुल आबादी का 39.48 फीसदी है। इस क्षेत्र के करदाताओं की कर राजस्व में महज़ 13.89 फीसदी की हिस्सेदारी है, जबकि उन्हें कुल राजस्व में से 45.17 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता है। दूसरी ओर आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को कम आबादी के कारण कुल राजस्व में भी काफी कम हिस्सा मिलता है, जबकि देश की कुल राजस्व प्राप्ति में उनका योगदान काफी अधिक रहता है...संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत यह प्रावधान किया गया है कि संविधान के प्रारंभ से दो साल के भीतर और उसके बाद हर पाँच साल ख़त्म होने पर या उससे पहले जिसे राष्ट्रपति द्वारा आवश्यक समझा जाता है, एक वित्त आयोग का गठन किया जाएगा...आपको बता दें की वित्त आयोग एक अर्द्धन्यायिक एवं सलाहकारी निकाय है...गौर तलब है की केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 22 नवंबर, 2017 को 15वें वित्त आयोग के गठन को अपनी मंज़ूरी दी थी और 27 नवंबर, 2017 को एन.के. सिंह को 15वें वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। एन.के. सिंह भारत सरकार के पूर्व सचिव एवं वर्ष 2008-14 तक बिहार से राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। 15वें वित्त आयोग का कार्यकाल वर्ष 2020-25 तक है।

7.

भारत में कैंसर जैसे घातक और जानलेवा रोग के बोझ और पैटर्न पर WHO की रिपोर्ट्स नामक शीर्षक से जारी यह रिपोर्ट कैंसर पर एक वैश्विक एजेंडा तैयार करना, हितधारकों को जुटाना और कैंसर की रोकथाम और इसके इलाज़ में निवेश के लिये देशों की प्राथमिकताएँ तय करना है। WHO के मुताबिक़ , कैंसर पूरी दुनिया में होने वाली मौतों का दूसरी सबसे बड़ी वजह है और साल 2018 में अमूमन 9।6 मिलियन मौतों के लिये ज़िम्मेदार है। गौर तलब है की पूरी दुनिया में 6 में से 1 मौत कैंसरकी वजह से होती है।

WHO ने अपनी रिपोर्ट में ये बताया है लगभग 10 में से 1 भारतीय अपने जीवनकाल में कैंसर जैसे रोग से प्रभावित होता है और भारत में लगभग 15 कैंसर रोगियों में से 1 की मौत हो जाती है ।

रिपोर्ट् के मुताबिक़ , भारत में कैंसर के 6 अहम् मामलों में से स्तन का कैंसर (1,62,500 मामले) बासठ , मुँह का कैंसर (1,20,000 मामले), सर्वाइकल कैंसर (97,000 मामले) सत्तानवे , फेफड़े का कैंसर (68,000 मामले) अडसठ , पेट का कैंसर (57,000 मामले) सत्तावन एवं कोलोरेक्टल कैंसर (57,000 मामले) सत्तावन मुख्य हैं। अगर इन सारे मामलों को जोड़कर देखें तो यह कैंसर के कुल मामलों का 49 उनचास फीसदी है।
भारत में पुरुषों में कैंसर के 5 .70 लाख नए मामलों में मुँह का कैंसर , फेफड़े का कैंसर , पेट का कैंसर , कोलोरेक्टल कैंसर और ग्रासनली का कैंसर प्रमुख है जो पुरुषों में कैंसर के कुल नए मामलों का 45 पैंतालिस फीसदी है।

महिलाओं में कैंसर के 5 .87 लाख नए मामलों में स्तन का कैंसर , सर्वाइकल कैंसर , अंडाशयी कैंसर, मुँह का कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर प्रमुख है जो महिलाओं में कैंसर के कुल नए मामलों का 60% है।
रिपोर्ट के अनुसार, तंबाकू से संबंधित कैंसर पुरुषों में कुल कैंसर मामलों का 34-69 चौंतीस से उनहत्तर प्रतिशत और महिलाओं में कुल कैंसर मामलों का 10-27 प्रतिशत है।

गौरतलब है कि पुरुषों के जीवन में 40 वर्ष से 70 वर्ष की आयु के दौरान मुँह के कैंसर की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है जिसका मुख्य कारण सुपारी और पान मसाला युक्त पदार्थों को चबाना है।

8.

भारत 1964(चौसठ) से यूके आधारित स्वाइन फीवर वैक्सीन का उपयोग कर रहा है. नए टीके को छह IVRI वैज्ञानिकों की टीम द्वारा विकसित किया गया है....विशेषज्ञों के अनुसार देश में टीकों की दो करोड़ खुराक की वार्षिक आवश्यकता है लेकिन उपलब्धता मात्र 12 लाख खुराक की ही है....पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव अतुल चतुर्वेदी ने टीके के पेशकश किये जाने के बाद कहा कि यह CSF वैक्सीन काफी सस्ता है और स्थितियों में बदलाव लाने वाला साबित होगा....बता दें की वैज्ञानिकों ने सैल कल्चर से टीके बनाने की विधि खोज के बाद....अब खरगोश को मारने नहीं पड़ेंगे...अब तक जो स्वाइन फीवर का वैक्सीन बाजार में मिलता है उसे खरगोश को मार कर उसकी स्प्लीन से बनाया जाता है. एक खरगोश से मात्र 50 टीके बनाए जा सकते हैं, जबकि जरूरत दो करोड़ टीकों की है....क्लासिकल स्वाइन फीवर (CSF) भारत में सूअर की सबसे बड़ी बीमारियों में से एक है... इससे भारत में प्रति वर्ष लगभग 400 करोड़ रुपये का नुकसान होता है. इससे साल 2019 में सूअरों की आबादी में कमी आई है...आपको बता दें- वर्तमान में भारत को प्रतिवर्ष CSF (Classical Swine Fever) के टीके की 22 मिलियन डोज़ की आवश्यकता है...परन्तु वर्तमान में केवल 1.2 मिलियन डोज़ का उप्तादन किया जा रहा है...इस प्रमुख कारण यह है कि एक खरगोश की पलीहा (spleen) से केवल 50 डोज़ ही तैयार किये जा सकते हैं...ऐसे में इस खोज से ‘क्लासिकल स्वाइन फीवर’ को नियंत्रित करने में काफी हद तक सहायता मिलेगी....

9.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की बड़ी हिस्सेदारी बेचने का घोषणा कर दी है.वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आईपीओ लेकर आएगी और इसके जरिए एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी...सरकार एलआईसी के आईपीओ की मदद से अपनी हिस्सेदारी को बेचकर फंड जुटाएगी. इस आईपीओ के लिए सरकार को एलआईसी अधिनियम (एक्ट) में संशोधन करना होगा...सरकार IDBI आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी निजी कंपनियों को बेचेगी, लेकिन नियंत्रण सरकार के पास ही रहेगा. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार एलाआईसी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के जरिए बेचने का प्रस्ताव करती है.वित्त वर्ष 2019-20 के शुरुआती छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) में एलआईसी की गैर निष्पादित संपत्ति (NPA) में 6.10 प्रतिशत की बढ़त हुई है. सरकार की स्वामित्व वाली बीमा कंपनी एलआईसी भी बुरे दौर से गुजर रही है. एलआईसी पर नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट (एनपीए) का बोझ ज्यादा है. हाल ही में एलआईसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 30 सितंबर 2019 तक कुल 30,000 करोड़ रुपये का सकल एनपीए है....भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है. यह देश की सबसे बड़ी निवेशक कंपनी भी है. इसकी स्थापना साल 1956 (छप्पन )में हुई थी. इसका मुख्यालय मुंबई में है. भारतीय जीवन बीमा निगम के 08 आंचलिक कार्यालय और 101 संभागीय कार्यालय भारत के विभिन्न भागों में स्थित हैं. इसके लगभग 2048 अड़तालीस कार्यालय देश के कई शहरों में स्थित हैं और इसके 10 लाख से ज्यादा एजेंट भारत भर में फैले हैं...

तो ये थी पिछली सप्ताह की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरें...आइये अब आपको लिए चलते हैं इस कार्यक्रम के बेहद ही ख़ास सेगमेंट यानी इंडिया राउंडअप में.... जहां आपको मिलेंगी हफ्ते भर की कुछ और ज़रूरी ख़बरें, वो भी फटाफट अंदाज़ में...

फटाफट न्यूज़ (India Roundup):

1. Rani Rampal ने रचा इतिहास, जीता 'वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर' पुरस्कार

शानदार प्रदर्शन, सामाजिक सरोकार और अच्छे व्यवहार के लिए 'वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर' पुरस्कार दिया जाता है.....जिसकी वोटिंग जनता करती है….भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने हाल ही में वर्ल्ड 'गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर' पुरस्कार जीत लिया है....आपको बता दें वे यह पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय हैं... 'द वर्ल्ड गेम्स' ने विश्व भर के खेल प्रेमियों द्वारा 20 दिन के मतदान के बाद 30 जनवरी 2020 को विजेता की घोषणा की…जिसमे Rani Rampal को उन्हें 199,477(सतत्तर) वोट मिले, जबकि कुल 705,610 वोट पड़े... ‘वहीँ यूक्रेन की कराटे खिलाड़ी स्टेनिसलाव होरुना दूसरे स्थान पर कनाडा की पावरलिफ्टर रिया स्टिन तीसरे स्थान पर रहीं. इस पुरस्कार हेतु विभिन्न खेलों के 25 खिलाड़ियों को नामित किया गया था…

2. विश्व के सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाले शहरों में चार भारत के, टॉप पर बेंगलुरु

टॉमटॉम ने विश्व के 57(सत्तावन) देशों के 416 बड़े शहरों की ट्रैफिक को लेकर एक डाटा तैयार किया था...यह टॉमटॉम का नौवां वार्षिक संस्करण है.जिसमे बेंगलुरू सभी को पछाड़ते हुए पहले स्थान पर पहुंच गया है.बेंगलुरु ट्रैफिक के मामले में दुनिया का सबसे खराब शहर है... इसका खुलासा नीदरलैंड की NAVIGATION ट्रैफिक और मैप उत्पाद कंपनी टॉमटॉम की रिपोर्ट में हुआ है.दुनिया के दस सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाले शहरों में भारत के बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली शामिल है

3. केंद्र सरकार की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के मिले बेहतर परिणाम

दूसरे चरण में 2 साल में किसानों को 11.69 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल में आई 10 प्रतिशत तक की कमी मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना, साल फरवरी 2015 में भारत सरकार द्वारा लाई गई स्कीम है...इस स्कीम के तहत सरकार की किसानों के लिए एक सोइल कार्ड जारी करने की योजना है, जिससे किसान को मिट्टी की गुणवत्ता का अध्ययन करके एक अच्छी फ़सल प्राप्त करने में सहायता मिल सके.

4. सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक निर्णय में कहा- अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) के लिये कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की जा सकती...और यह मुकदमे के अंत तक भी जारी रह सकती है-

न्यायालय का वह निर्देश है जिसमें किसी व्यक्ति को, उसके गिरफ्तार होने के पहले ही, जमानत दे दिया जाता है (अर्थात आरोपित व्यक्ति को इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया जायेगा।)..भारत के आपराधिक कानून के अन्तर्गत, गैर जमानती अपराध के आरोप में गिरफ्तार होने की आशंका में कोई भी व्यक्ति अग्रिम जमानत का आवेदन कर सकता है..अदालत सुनवाई के बाद सशर्त अग्रिम जमानत दे सकती है। यह जमानत पुलिस की जांच होने तक जारी रहती है..अग्रिम जमानत का यह प्रावधान भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 (अड़तीस)में दिया गया है....

5. 2 फरवरी, 2020 को विश्व आर्द्रभूमि दिवस या वर्ल्ड वेटलैंड्स डे मनाया गया..भारत से 10 आर्द्रभूमियों को ‘अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व’ के स्थलों के रूप में घोषित किया

साल 1971 में इसी दिन आर्द्रभूमियों पर रामसर कन्वेंशन (Ramsar Convention on Wetlands) को (रामसर, ईरान में) अपनाया गया था। हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने घोषणा की है कि रामसर कन्वेंशन ने भारत से 10 आर्द्रभूमियों को ‘अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व’ के स्थलों के रूप में घोषित किया गया है, जिसके बाद देश में रामसर स्थलों की कुल संख्या 37 हो गई हैं।रामसर कन्वेंशन के तहत आर्द्रभूमि के तहत दलदली भूमि, बाढ़ के मैदान, नदियाँ और झीलें, मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियाँ या कोरल रीफ्स और अन्य समुद्री क्षेत्र शामिल हैं जो कम ज्वार पर 6 मीटर से अधिक गहरे नहीं हैं, साथ ही मानव निर्मित आर्द्रभूमियों जैसे अपशिष्ट-जल उपचार वाले तालाब और जलाशय भी इसमें शामिल हैं।...इस वर्ष आर्द्रभूमि दिवस की थीम ‘वेटलैंड्स और जैव-विविधता’ (Wetlands and Biodiversity) है।

6. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana-PMMVY) पुरस्कार किये प्रदान..

हाल ही में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक समारोह के दौरान राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और ज़िलों को उनके सर्वश्रेष्ठ कार्य प्रदर्शन के लिये प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana-PMMVY) पुरस्कार प्रदान किये..इसका विषय ‘स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण की ओर – सुरक्षित जननी, विकसित धारिणी’ (Towards building a healthy nation – Surakshit Janani, Viksit Dharini) था...इसके तहत माताओं और बच्चौं की सेहत के मद्देनज़र कुछ ख़ास शर्तों को पूरा करने वाले परिवारों के पहले जीवित बच्चे के जन्म पर गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के बैंक/पोस्ट ऑफिस खाते में 5,000 रुपए की नकद प्रोत्साहन राशि जमा की जाती है.

7. केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के वधावन में एक नए प्रमुख बंदरगाह की स्थापना की मंजूरी दी

जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) भारत में सबसे बड़ा है...यह पोर्ट विश्वभर में 28वें स्थान पर है. इसका यातायात 5.1 मिलियन टीईयू (20-फुट इक्वेलेंट यूनिट्स) है. आपको बता दें साल 2023 तक 10 मिलियन टीईयू की क्षमता वृद्धि करने वाले चौथे टर्मिनल के पूरा होने के बाद भी जवाहर लाल नेहरू पोर्ट विश्व में 17वां सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट होगा. वधावन बंदरगाह के विकास के बाद भारत दुनिया के टॉप-10 कंटेनर बंदरगाह वाले देशों में शामिल हो जाएगा. यह महाराष्ट्र, उत्तर कर्नाटक, तेलंगाना और गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, एनसीआर, पंजाब और उत्तर प्रदेश के द्वितीयक अंतर्क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करता है.

8. UNESCO ने जयपुर को World Heritage City का प्रमाण पत्र दिया... अपनी स्थापत्य कला के कारण पर्यटकों में आकर्षण का केंद्र है जयपुर

जयपुर को हेरिटेज सिटी का दर्जा मिलने से घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से लोकल अर्थव्यवस्था को बढावा और लोगों को रोजगार मिलेगा. हस्तशिल्प और हस्तकरघा उद्योग की भी आमदनी होगा. यूनेस्को की गाइडलाइन के अंतर्गत एक राज्य से हर साल केवल एक स्थान को ही वर्ल्ड हेरिटेज बनाने हेतु प्रस्तावित किया जा सकता है. आपको बता दें भारत सरकार ने गुलाबी शहर जयपुर को यूनेस्को की विश्व धरोहर घोषित करने के लिए अगस्त 2018 में एक प्रस्ताव भेजा था.

तो इस सप्ताह के इण्डिया दिस वीक कर्यक्रम में इतना ही। परीक्षा के लिहाज़ से ज़रूरी और भी तमाम महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए सब्सक्राइब कीजिए हमारे यूट्यूब चैनल ध्येय IAS को। नमस्कार।