Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 16 January 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 16 January 2020



खुदरा महंगाई रिकॉर्ड 7.35% के स्तर पर

  • दिसम्बर 2019 में महंगाई 6 साल के सर्वोर्च्च स्तर पर पहुँच गई है।
  • महंगाई कम और ज्यादा दोनों रूपों में घातक होती है।
  • RBI का लक्ष्य इसे 4% और इसमें 2% कम या ज्यादा तक सीमित रखना अभी बना हुआ है।
  • किसी देश की मौद्रिक एवं वित्तीय नीति पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है। तो साथ ही यह नीतियाँ भी महंगाई की दर को प्रभावित करती है।
  • जब किसी अर्थव्यवस्था में सामान्य कीमत स्तर लगातार बढ़े और मुद्रा का मुल्य या क्रय शक्ति क्षमता कम हो जाये तो इसे मुद्रास्फीति कहते हैं।
  • महंगाई मापन के WPI एवं CPI दो पद्धतियों का प्रयोग किया जाता है।
  • WPI को डेटा Office Of Economic Advisor द्वारा जारी किया जाता है।
  • इसमें सिर्फ 697 वस्तुओं को शामिल किया जाता है जिसमें वस्तु एवं सेवा दोनो को शामिल किया जाता है।
  • CPI Central Statistics Office द्वारा जारी किया जाता है जिसमें वस्तु एवं सेवा दोनो को शामिल किया जाता है।
  • आधार वर्ष के रूप में 2012 का प्रयोग किया जाता है।
  • ग्रामीण बास्केट में 448 एवं शहरी बास्केट में 460 वस्तुओं एवं सेवाओं को शामिल किया जाता है।
  • CPI का प्रयोग ही अब ज्यादा किया जाता है। इसी के आधार पर 7.35% महंगाई बताई गई है।
  • अक्टूबर में यह 4.62% एवं नवंबर में 5.54% था।
  • दिसंबर में यह वृद्धि Food Inflation की वजह से हुई है। इसमें वृद्धि 14.12% हुई है। इसमें 60% योगदान सब्जियों की कीमत वृद्धि का है।
  • सब्जियों की कीमत में प्रमुख योगदान प्याज का रहा है।
  • यहाँ यह ध्यान देना है कि यह Inflation Heading का उदाहरण है न कि कोर Inflation का ।
  • कोर इन्फलेशन दिसंबर माह में 3.5% रही।
  • सामान्य शब्दो में कोर इंफलेशन वह इंफलेशन होता है जिसमें Food और Fuel का Inflation समाहित नहीं होता है।
  • कोर मुद्रास्फीति अक्टूबर माह और नवंबर दोनों में 3.5% रही है।
  • कोर इंफलेशन का कारण टेलीकॉम सेक्टर, मेडीसिन, रेलवे किराया और स्टील की कीमत में वृद्धि रहा है।
  • RBI की मोंनिट्री पोलिसीकमेंटी का गठन 2016 में किया गया था, इसका एक प्राथमिक लक्ष्य महंगाई पर नियंत्रण रखना है।
  • MPC के गठन के बाद से यह पहला अवसर है जब मुद्रास्फीति 7% के ऊपर चली गई है।
  • इसीलिए प्रत्येक दो माह पर जारी की जाने वाली मौद्रिक पोलिसी में रेपो रेट में किसी कटौती का अनुमान नहीं है।
  • इस समय आर्थिक गतिशीलता बढ़ाने के लिए रेपो रेट में कटौती आवश्यक थां इस तरह दोहरी चुनौती RBI के सामने है।
  • महंगाई का प्रभाव बजट के बाद ज्यादा दिखाई देगा।
  • वर्तमान समय में हमारा राजस्व घाटा लगभग 3.3% है जिसे आगामी 1 फरवरी के बजट में बढ़ाकर 3.8% किया जा सकता है इससे पुनः महंगाई बढ़ेगी।

मराठी भाषा को क्लासिकल भाषा दर्जा की मांग

  • अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन जो कुछ दिन पहले हुआ उसमें एक प्रस्ताव पास किया गया जिसमें कहा गया मराठी को Classical Language का दर्जा मिलना चाहिए।
  • भारत सरकार के Culture Minister ने भी कहा था कि मराठी भाषा को एक क्लासिकल भाषा के रूप में शामिल करने पर हम विचार कर रहे हैं।
  • यह मांग बहुत लंबे समय से की जाती रही है।
  • हमारे संविधान की 8वीं अनुसूची में 22 भाषाएं हैं। मराठी भी इसमें शामिल है।
  • 2004 में भारत सरकार ने भाषा की एक नई श्रेणी का निर्माण किया जिसे क्लासिकल भाषा का नाम दिया गया।
  • इस श्रेणी में सबसे पहले तमिल को 2004 में शामिल किया गया।
  • इसके बाद क्रमशः संस्कृत 2005, कन्नड़ 2008, तेलगु 2008, मलयालम 2013 और ओड़िया 2014 को शामिल किया गया।
  • किसी भाषा को क्लासिकल भाषा का दर्जा देने का आधार
  • यह प्राचीन भाषा हानी चाहिए। 1500 से 2000 वर्ष का लिखित साक्ष्य हो।
  • उस भाषा का प्राचीन साहित्य हो जो उस समय के लोगों द्वारा Valuable Heritage माना जाता है।
  • उस भाषा का Literary Tradition ऑरिजनल होना चाहिए। अर्थात किसी अन्य भाषा से न ली गई हो।
  • उस भाषा का जो वर्तमान साहित्य है उससे अलग एक प्राचीन साहित्य होना चाहिए।
  • There May be a Discontinuity between The Classical Language And its later Forms of its Offshoot.
  • क्लासिकल भाषा का दर्जा हासिल होने से फायदा
  • इसके स्कॉलर को अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड मिल सकता है। यह संस्थाओं द्वारा या देशों के समूह के द्वारा दिया जा सकता है।
  • इस भाषा के अध्ययन के लिए उच्च श्रेणी के संस्थान की स्थापना की जायेगी।
  • UGC सेंट्रल Universities से इस भाषा का एक विभाग और प्रोफेशनल की नियुक्ति के लिए कह सकती है।
  • UGC की तरफ इन भाषाओं को प्रमोट करने के लिए एडिशनल फण्ड प्रदान किये जाते हैं।
  • संभावनाएं
  • चुनौतियाँ- राज्य-राज्य, भाषा

अधिक सल्फर वाले Marine Fuel पर प्रतिबंध

  • लगभग 90-92% अंतराष्ट्रीय व्यापार जलमार्ग के द्वारा होता है।
  • International Maritime Organization (IMO) ने 1 जनवरी 2020 से सल्फर की मात्रा, जो जहाजों के ईधन में पाया जाता है, को लकर प्रतिबंध लगाया है।
  • इसमें उस ईंधन पर प्रतिबंध की बात कही गई जिसमें सल्फर की मात्रा 0.5% से ज्यादा होगा।
  • सागरीय ईंधन का प्रयोग जहाजों में किया जाता है, इसे बंकर ईंधन (Bunker Fuel) के नाम से भी जाना जाता है।
  • इसे Heavy Fuel Oil (HFO) और Distillates दो रूपों में वर्गीकृत किया जाता है।
  • HFO काफी भारी होता है जिसमें कार्बन एवं सल्फर की मात्रा ज्यादा होती है।
  • HFO का प्रयोग ज्यादा होने के कारण सामान्यतः इसे ही Marine Fuel के नाम से जाना जाता है
  • यह भी तीन प्रकार का होता है। High Sulfur Fuel Oil (HSFO), LSFO एवं ULSFO- इसमें सल्फर की मात्रा क्रमशः 3.5%, 1% एवं 0.1% होती है।
  • महासागरीय इकोसिस्टम के दृष्टिकोण ULSFO सबसे अच्छा होता है। वर्तमान रेगुलेशन इसी कदम की ओर एक प्रयास है।
  • International Convention For The Prevention Of Pollution From Ships (MARPOL) के Annex VI में जहाजों द्वारा वायु प्रदूषण के रोकथाम की बात की गई है।
  • विकल्प के रूप में LNG] Methanol का प्रयोग किया जा सकता है। हालांकि इसके नवीन तकनीक वाले जहाज का प्रयोग करना होगा।
  • भारत के अधिकांश जहाज इस विकल्प का प्रयोग करने में सक्षम नहीं है।
  • एक विकल्प Scrubber का प्रयोग है, हालांकि यह महंगा होता है।
  • पूर्वी तट पर स्थित बंदरगाहों के जहाजों को ईंधन सप्लाई करने वाली कंपनियों ने कम सल्फर वाले ईंधन की लगभग 30000 टन की आवश्यकता पूरी करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की है।
  • एक हफ्ते के बाद शायद उपलब्ध मात्रा समाप्त हो जाये।
  • इस क्राइसिस के पीछे एक कारण भारतीय रिफाइनरिज के द्वारा कम सल्फर के ईंधन का उत्पादन लेट में और कम मात्रा में करना बताया जा रहा है।
  • क्या.क्या हो सकता है ?