Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 10 February 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 10 February 2020



आधारभूत संरचना और बजट

  • किसी देश की अर्थव्यवस्था उद्योग सेवा क्षेत्र को आधार प्रदान करने वाले सेक्टर या संरचना को आधारभूत संरचना के नाम से जाना जाता है
  • जितनी भी प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं उनके यहां तक विकसित होने में इन संरचनाओं का ही योगदान रहा है !
  • यह दो प्रकार की होती है सामाजिक आधारभूत संरचना एवं भौतिक आधारभूत संरचना !
  • भारत लंबे समय से अपनी आधारभूत संरचना को विकसित करने का प्रयास कर रहा है !
  • इस बार के बजट में भी कुछ इसी प्रकार के प्रयास किए गए हैं !
  • सबसे प्रमुख बात नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी को लेकर कही गई है !
  • लॉजिस्टिक क्षेत्र निर्यात या वस्तुओं के व्यापार के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण होता है, इसका सामान्य अर्थ सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना होता है !
  • इस क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र-राज्य और स्थानीय सरकार तीनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है इसलिए नई पॉलिसी में कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों का विभाजन हो सकता है !
  • निवेश को बढ़ाने और आकर्षित करने के लिए निवेश के सिंगल विंडो का प्रयोग किया जा सकता है !
  • लघु और मध्यम आकार के उद्योगों का योगदान अर्थव्यवस्था में बढ़ाने के लिए नई पॉलिसी में इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है !
  • आधारभूत संरचना के महत्व को स्वीकार करते हुए NIP (इंफ्रास्ट्रक्चर पाइप लाइन) का भी जिक्र इसमें किया गया है !
  • हालांकि इसकी घोषणा 31 दिसंबर 2019 को ही कर दी गई थी ! इसके तहत 102 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे !
  • यह PPP मॉडल पर कार्य करेगा जिसमें केंद्र-राज्य और प्राइवेट सेक्टर तीनों का योगदान होगा !
  • NIP के तहत ऊर्जा, क्षेत्र, सड़क, रेलवे, सिंचाई, ग्रामीण एवं शहरी अवसंरचना, बंदरगाह, एयरपोर्ट, औद्योगिक, और सामाजिक आधारभूत संरचना एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आदि को विकसित किया जाएगा !
  • सड़क क्षेत्र को विकसित करने के लिए 2500 किलोमीटर का एक्सप्रेस तेज गति से चलने वाले वाहनों को कंट्रोल हाईवे बनाने के बात की गई है !
  • इसके अलावा 2000 किलोमीटर का स्ट्रैटेजिक हाईवे, 2000 किलोमीटर का आंतरिक एवं तटीय बंदरगाह सड़कों को विकसित करने की बात की गई है !
  • 9000 किलोमीटर लंबे इकोनमिक कॉरिडोर को बनाने की बात कही गई है !
  • सड़क के साथ-साथ रेलवे सेक्टर को भी आगे बढ़ाने की बात की गई है !
  • रेलवे सेक्टर की आय बढ़ाने के लिए रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ खाली पड़े जगह का उपयोग सोलर बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा !
  • आने वाले समय में 150 पैसेंजर ट्रेनों को PPP मॉडल पर चलाया जाएगा !
  • तेजस ट्रेनों के माध्यम से आईकॉनिक टूरिस्ट स्थानों को जोड़ा जाएगा !
  • मुंबई अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड ट्रेन चलाई जाएंगी !
  • बजट में रेलवे के एक महत्वपूर्ण एचिवमेंट को बताया गया है वह Zero Unmanned Crossing के लक्ष्य को प्राप्त करना !
  • सरकार पोर्ट (बंदरगाह) क्षेत्र में कारपोरेट सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर को शामिल करने का विचार कर रही है इसी के तहत बड़े पोर्ट में से एक को प्राइवेट सेक्टर को सौंपने का विचार सरकार के द्वारा किया जा रहा है !
  • साथ ही बंदरगाह के प्रबंधन की गुणवत्ता को वैश्विक डेनमार्क के स्तर पर ऊपर उठाने का प्रयास सरकार कर रही है !
  • आंतरिक जलमार्ग को सुदृढ़ करने के लिए “अर्थ गंगा” कांसेप्ट को लाया गया है !
  • आवागमन करने के लिए उड़ान स्कीम के तहत 100 एयरपोर्ट को विकसित किया जाएगा !
  • जहाजों की संख्या लगभग दोगुना 600 से 1200 करने की बात सरकार द्वारा की जा रही है !
  • बिजली क्षेत्र कि क्रियात्मक प्रक्रिया को लाभदायक और भरोसेमंद बनाने के लिए स्मार्ट मीटर की संख्या बढ़ाने की बात की गई है !
  • DISCOMS में सुधार करने की बात हर बार के बजट की तरह इस बार भी की गई है !
  • नेशनल गैस ग्रिड को 16200 किलोमीटर से 27000 किलोमीटर तक किया जाएगा !
  • भारतीय अर्थव्यवस्था को 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए आधारभूत संरचना को विकसित करना एक प्रारंभिक शर्त माना गया है !
  • प्रभाव
  1. व्यापारिक
  2. सामाजिक
  3. राजनैतिक
  • चुनौतियां
  1. योजनाओं का धरातल पर उतर पाना
  2. भ्रष्टाचार और लेट लतीफी
  3. गुणवत्ता और इच्छाशक्ति
  4. जमीन अधिग्रहण एवं लोगों का सहयोग

कोरोना वायरस से जहाजों पर प्रतिबंध

  • कोरोना वायरस जानवरों की कुछ खास प्रजातियों में पाए जाने वाला एक वायरस है। इस वायरस का नाम कोरोना इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी बनावट बिल्कुल सूर्य की कोरोना रोशनी के समान है। आपको बता दें जब पृथ्वी की छाया के चारों तरफ फैल रही सूर्य की इस रोशनी को कोरोना कहा जाता है।
  • कोरोना वायरस अपना शिकार ज्यादातर 50 साल से कम उम्र के व्यक्तियों को बनाता है। कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए आणविक टेस्ट और सर्जरी टेस्ट का प्रयोग किया जाता है। कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए कोई वैक्सीन नहीं है न ही इसके लिए कोई विशेष उपचार है। साबुन और पानी से अपने हाथ धोकर, अपनी आँख, नाक या मुंह ना छूकर और संक्रमित लोगों के ज्यादा करीब रहने से बचकर संक्रमण के जोखिम को घटाया जा सकता है
  • कोरोना वायरस विशेष प्रकार के वायरस में से एक है जिसके सामान्य लक्षणों में सर्दी लगना, सांस से सम्बंधित तकलीफें और आंत से जुडी बीमारियों के पैदा होने का खतरा आते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में जारी अपने बयान में कहा है कि कोरोना वायरस बेहद नजदीकी संपर्क में रहने वाले दो इंसानों में एक से दूसरे में संक्रमित हो सकता है। मानवों पर प्रभाव डालने के अलावा कोरोना वायरस जानवरों जैसे सूअर, बिल्लियों कुत्तों और पक्षियों आदि जैसे जानवरों पर अपना असर दिखा सकते हैं। अभी तक के ज्ञात कोरोना वायरस में सबसे घातक सार्स कोरोना वायरस और मर्स कोरोना वायरस पाए गए हैं जिनसे सांस सम्बन्धी गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती हैं।
  • कोरोना वायरस से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। इस वायरस के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में घोषित कर दिया है। इसके साथ ही दवा कंपनियों में कोरोना वायरस की वैक्सीन समेत अन्य दवाओं की बनाने की होड़ लग गई है।
  • थाईलैंड के डॉक्टरों के द्वारा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को परीक्षण के दौरान कुछ दवाओं का सम्मिलित डोज दिया गया। इन दवाओं को एंटी-वनायरल कांबिनेशन से तैयार किया गया। या दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इन दवाओं को फ्लू और एचआईवी के इलाज में होने वाली दवाओं से निर्मित किया गया। दवाओं के इस कांबिनेशन में एंटीफ्लू दवा ओसेल्टामिविर और एचआईवी के इलाज में प्रयोग में लाई जाने वाली लोपिनाविर और रिटोनाविर दवा शामिल है।
  • थाईलैंड के द्वारा डॉक्टर द्वारा यह दावा किया गया कि जब मरीज को इन दवाओं का डोज दिया गया तो वे जल्द ही स्वस्थ हो गए। इसके साथ ही इन मरीजों को निगरानी में रखकर यह सुनिश्चित किया गया कि वह पूरी तरह से संक्रमण मुक्त हो गए हैं।
  • कोरोना वायरस को पहले से ही WHO द्वारा पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी के रूप में घोषित किया जा चुका है इसलिए अब इसे रोकने के सभी विकल्प प्रयोग किए जा रहे हैं !
  • इसका अभी सर्वाधिक प्रभाव चीन के मुख्य भूमि पर पड़ा है ! जहां 37000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं !
  • Mainland चीन में ही लगभग 800 लोगों की मृत्यु हो चुकी है !
  • इसका प्रसार बहुत तेजी से हो रहा है जिसमें एक देश से दूसरे देश में जाने वाले क्रूज जहाज माध्यम बन सकते हैं ! इसलिए तीन जहाजों The World Dream, Diamond Princes और The Royal Caribbean’s Anthem of the Seas को Quarantine (क्वॉरेंटाइन- अलग करना, पृथक) किया गया है !
  • क्रूज जहाज बड़े आकार के जहाज होते हैं जिनका वर्तमान समय में उपयोग Holiday मनाने के लिए किया जाता है !
  • डायमंड प्रिंसेज को 4 फरवरी को जापान के याकू-हामा में क्वारंटीन किया गया है !
  • इसे 2 सप्ताह के लिए यहां रखा जाएगा जिसमें 3700 लोग हैं !
  • द वर्ल्ड ड्रीम को हांगकांग में क्वारंटीन किया गया है इसमें भी लगभग 3600 लोग हैं !
  • द रॉयल कैरीबियन को यू॰एस॰ए॰ के न्यूजर्सी में क्वारंटीन किया गया था ! हालांकि अब इसके पैसेंजर को जाने दिया जा रहा है !
  • सामान्यतः इन जहाजों को 15 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाता है क्योंकि इतने समय में इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं !
  • इन तीनों जहाजों को प्रतिबंधित करने का एक प्रमुख कारण इसके कुछ पैसेंजर मे कोरोना वायरस का पॉजिटिव पाया जाना है !
  • उदाहरण के तौर पर हम देखें तो द डायमंड प्रिंसेस पर पहले एक व्यक्ति के अंदर यह वायरस पाया गया था लेकिन अब इसके कई लोग संक्रमित हो चुके हैं !
  • इस जहाज के अभी 273 लोगों का परीक्षण किया गया है जिसमें से 64 लोग इनफेक्टेड पाए गए हैं 3700 लोगों में यह संख्या बहुत ज्यादा है !
  • जहाजों को जब क्वारंटीन किया जाता है तब यहां से किसी व्यक्ति को बाहर जाने की अनुमति नहीं होती है !
  • वर्तमान समय में इन जहाजों के लोगों को एक दूसरे से मिलने से मना किया गया है आपस में कम से कम 3 फीट की दूरी बनाकर रखने को कहा गया है पूरे शरीर को ढक कर रखने को कहा गया है !
  • जहाज के माध्यम से इस प्रकार की महामारी का सबसे अच्छा उदाहरण 14 वीं शदी में फैला प्लेग था !
  • ऐसा माना जाता है कि इससे उस समय के यूरोपीय देशों में कई लाख लोगों की मौत हो गई थी !
  • जहाज से बीमारी का प्रभाव कैसे ?
  • भीड़
  • आपसी मेल-मिलाप की एक्टिविटी
  • क्रू मेंबर
  • कई/देशों क्षेत्रों के लोगों का जमावड़ा

शरणार्थी एवं भारत

  • भारतीय सभ्यता को शरणार्थियों को शरण देने वाली सभ्यता के रूप में माना जाता है !
  • अक्टूबर 2018 को भारत ने 7 रोहिंग्या को म्यांमार वापस भेज दिया और सुप्रीम कोर्ट ने भी इन्हें वापस भेजने पर प्रतिबंध लगाने से मना कर दिया ! हालांकि केंद्र सरकार ने कहा था कि यह 7 लोग वापस जाने के लिए तैयार हैं !
  • उस समय से ही बहुत से लोग और समीक्षक उसे 1951 के Refugee Convention का उल्लंघन मानते हैं !
  • हालांकि भारत ने इस कन्वेंसन पर हस्ताक्षर नहीं किया है क्योंकि उस समय भारत की परिस्थितियां शरणार्थियों से संबंधित किसी वाहयकारी समझौतों के अनुकूल नहीं थी !
  • इसमें उन्हें रिफ्यूजी माना गया है जिस व्यक्ति के ऊपर किसी देश, धर्म, जाति, नस्ल, भाषा आदि के आधार पर अत्याचार हुआ हो और वह भागकर दूसरे देश में शरण ले !
  • इस कन्वेंशन में principal of Non-Refoulement का जिक्र है !
  • इसके तहत शरणार्थी को वापस भेजने के अधिकार पर प्रतिबंध लगाता है !
  • भारत एवं विभिन्न देशों में इस समय एक प्रकार का ट्रेंड दिखाई दे रहा है वह है शरणार्थियों के प्रवेश को रोकने और उन्हें वापस भेजने की !
  • इस तरह मानवता से ऊपर कुछ और आधारों को ही तरजीह दी जा रहे हैं !
  • इसलिए लेखक भारत में एक नए रिफ़्यूजी कानून की वकालत कर रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुकूल हो !
  • प्रावधान क्या-क्या होंगे ?