(Video) बजट विशेष: रेलवे बजट - 2019: इतिहास और विशेषताएँ (Railway Budget - 2019: History & Highlights)


(Video) बजट विशेष: रेलवे बजट - 2019: इतिहास और विशेषताएँ (Budget Special: Railway Budget - 2019: History & Highlights)


मुख्य बिंदु:

  • पिछली 1 फरवरी को श्री पीयूष गोयल द्वारा अंतरिम बजट पेश किया गया. इस स्पीच में उन्होंने इंडियन रेलवेज के लिए भी एनाउंसमेंट्स किये, जो कि दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है, रेलवे बजट पर बात करने से पहले आइए नजर डालते हैं भारतीय रेलवे के इतिहास पर।
  • भारत में रेलवे का पहला प्रपोजल मद्रास में 1832 में आया।
  • भारत की पहली ट्रेन रेड हिल रेलवे के नाम से रेड हिल से चिंताड्रिपेट ब्रिज के बीच मद्रास में 1837 में चली. इसका श्रेय आर्थर कॉटन को जाता है जिन्होंने ग्रेनाइट के ट्रांसपोर्ट के लिए रेल और रोड नेटवर्क बनाया था.
    इण्डियन रेलवेज के टैग के तहत पहली टेªन सेंट्रल मुम्बई से थाने के बीच 16 अप्रेल 1853 को चली।
  • भारत में सैपरेट रेलवे बजट की परंपरा 1924 में शुरू हुआ।
  • 1921 में ब्रिट्रिश रेलवे इकोनोमिस्ट विलियम मिचैल एक्वर्थ को कॉमिटी ऑन इण्डियन रेलवेज का चेयरमैन अप्पॉयंट किया।
  • इसी एक्वर्थ रिपोर्ट के शजेशन पे रेलवे फाइनेंस को जनरल गवर्नमेंट फाइनेंस से अलग कर दिया। इसका कारण यह था कि उस समय रेलवे बजट जनरल बजट का 84 प्रतिशत था और रेलवे रिवेन्यू ही देश के जीडीपी का सबसे बड़ा सोर्स था।
  • मोदी गवर्नमेंट द्वारा 21 सितम्बर 2016 को रेल और जनरल बजट को मर्ज करने के लिये स्वीकृति दी गई। यह मर्जर नीति आयोग के मेंबर विवेक देवरॉय द्वारा हेडिड एक कमिटी की रिक्मेंडेशन के आधार पर हुआ।
    जगजीवन राम द्वारा भारत के सबसे ज्यादा 7 बार रेलवे बजट परजेंट किये गये वहीं पर ममता बेनर्जी भारत की सबसे पहली महिला रेलवे मिनिस्टर बनी वहीं सुरेश प्रभू द्वारा आखरी सेपरेट रेलवे बजट प्रेजेंट किया गया।

चलिये अब बात करते हैं इस साल के रेलवे बजट के अनाउंसमेंट की

  • श्री पीयूष गोयल द्वारा इस बार सबसे ज्यादा केपिटल एक्पेंडिचर एलोकेशन किया गया। रेलवेज के लिये 1.58 लाख करोड़ का निर्धारण किया गया। वहीं पर पेसेंजर फेयर और फ्रेट रेटस को वेसा ही रखा गया।
    रेलवे मिनिस्टर ने साथ में कहा कि पिछला वर्ष रेलवेज का सबसे सैफ वर्ष रहा।
  • मिनिस्टरी ने बोर्ड ग्रेज रेटवर्क की सभी अनमेंड लेवल क्रोसिंग को हटा दिया। आखरी अनमेंड लेवल क्रोसिंग को 31 जनवरी 2019 हटाया गया।
  • सरकार ने स्मार्ट कोचेज को बनाने की बात की जिसमें आर्जिफिशियन इजेंलिजेंश का इस्तेमाल कर किसी भी तरीके के फोल्ट को डिटेक्ट किया जा सके।
  • इसी के साथ सरकार ने नो बिल नो पै पॉलिसी के बारे में भी चर्चा की इसके तहत अगर किसी यात्री को बिल नहीं दिया जाता है तो वो पेमेंट करने से मना कर सकता है।
  • साथ ही रेलवे स्टेंशनस को एयरपोर्ट जैसे फेसिलिटिज से भी लैस करने की भी बात की।
  • इनमें दो बड़े अनाउंसमेंट रहे मिशन रफ्रतार और इण्डियन रेलवेज के ऑपरेटिंग रेशियो को कम करने की घोषणा मिशन रफ्रतार को 2016 के बजट में अनाउंस किया गया था और इसका टारगेट सभी ट्रेंस की अवरेज स्पीड 25 किमी- प्रतिघण्टा बड़ा देना है।
  • वहीं अगर ऑपरेटिंग रैशियो की बात करे तो यह वो अमाउंट है जो कि रेलवेज एक रूपया कमाने पर खर्च करता है इसका मतलब यह है कि जितना कम औपरेटिंग रेशियो होगा उतना ही इण्डियन रेलवेज को लाभ होगा।
  • रेल रोड्स में 80 और उससे कम का ऑपरेटिंग रेशियो डिजाइरेबल होता है भारत में 2017-2018 में ऑपरेटिंग रेशियो 98.4 प्रतिशत रहा वहीं पीयूष गोयल द्वारा करंट फिस्कल ईयर के लिये 96.2 प्रतिशत का ऑपरेटिंग रेशियो आउंस किया गया। और साथ ही अगले साथ के लिये इसे कम कर 95 प्रतिशत तक लाने की घोषणा की।

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