(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) पीएम स्वनिधि योजना (PM Swanidhi Yojana)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) पीएम स्वनिधि योजना (PM Swanidhi Yojana)



कोरोना महामारी से लॉकडाउन के कारण रेहड़ी-पटरी चलाने वाले लोगों की आजीविका पर सबसे ज्‍यादा असर पड़ा है...यह कहना गलत नही होगा...की लॉकडाउन की मार सबसे ज्यादा यही लोग झेल रहे है....ऐसे में सरकार की और से इन्हीं लोगों के लिए एक योजना बनाई गयी है....रेहड़ी पटरी वालों की योजना को एक नया नाम दिया गया है...अब यह योजना पीएम स्वनिधि योजना के नाम से जानी जाएगी जो मुख्य रूप से रेहड़ी पटरी वालों के लिए समर्पित होगी....

आज DNS में हम बात करेंगे पीएम स्वनिधि योजना की, साथ ही उन कई अहम और एतिहासिक फैसलों पर भी नज़र डालेंगे.....

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक हुई.... जहाँ किसान, छोटे कारोबारी और रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वालों के लिए कई बड़े फैसले लिए गए.....साथ ही बैठक में आत्मनिर्भर भारत आर्थिक पैकेज के कुछ फैसलों को मंजूरी दी गई....

जैसा की आप जानते ही है...कोविड-19 महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन की स्थिति है...जिसकी वजह से देश की अर्थवयवस्था बुरी तरह प्रभावित हुआ है....इस लड़खड़ाई अर्थवयवस्था से सबसे ज्यादा असर रेहड़ी- पटरी पर काम करने वालों पर हुआ है.....ऐसे में सरकार का कदम बेहद ही एहम है...सरकार ने ऐसे लोगों के लिए पीएम स्वनिधी योजना शुरू की है...जिसका मकसद रेहड़ी-पटरी और छोटी दुकान चलाने वालों को सस्ता कर्ज देना है...

इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदारों को छोटी राशि का कर्ज उपलब्‍ध कराया जाएगा. इस पर ब्‍याज की दर भी कम होगी...चलिए इस योक्जना की कुछ ख़ास बातों पर नज़र डालते है...

पीएम स्वनिधि योजना के तहत अधिकतम 10 हजार रुपये तक का लोन मिलेगा. यह कारोबार को शुरू करने में मदद करेगा. यह बेहद आसान शर्तों के साथ दिया जाएगा. इसमें किसी गारंटी की जरूरत नहीं होगी. इस तरह यह एक तरह का अनसिक्‍योर्ड लोन होगा.

सड़क किनारे, ठेले या रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वालों को यह कर्ज दिया जाएगा. फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकानें भी इस श्रेणी में शामिल की गई हैं. इन्‍हें चलाने वाले भी यह लोन ले सकते हैं.

इस योजना के तहत रियायती दरों पर कर्ज मिलेगा. समय से कर्ज का भुगनान करने वालों को ब्‍याज में खास छूट भी दी जाएगी.

सरकार ने स्‍ट्रीट वेंडरों की मदद की खातिर इस स्‍कीम के लिए 5000 करोड़ रुपये की राशि रखी है. इसके लिए कोई कड़ी शर्त नहीं होगी. यह आसान शर्तों के साथ मिल जाएगा...

सरकार मानती है कि इस स्‍कीम से 50 लाख स्‍ट्रीट वेंडरों को फायदा पहुंचने की उम्‍मीद है. जानकार मानते हैं कि यह स्‍कीम ऐसे दुकानदारों की एक और तरह से मदद करेगी. आमतौर पर ये लोग सूदखोरों के चंगुल में फंस जाते हैं. सूदखोर छोटी सी रकम के बदले उनसे जमकर ब्‍याज वसूलते हैं. यह स्‍कीम सूदखोरों के जाल से उन्‍हें बचाएगी...

वहीँ कैबिनेट की इस बैठक में ...कई और अहम फैसले भी लिए गए.....जिसमे कृषि, मजदूरी से लेकर छोटे उद्योगों के लिए कई बड़े फैसले हुए..

किसानों के लिए किया गए ऐलान

कैबिनेट ने 14 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी है. किसानों को मूल्य की तुलना में 50-83 फीसदी तक ज्यादा मिल सकेगा. केंदीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बताया आज तक गेहूं की खरीद 360 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है. पिछले साल तक 342 लाख मीट्रिक टन थी. धान की खरीद इस साल अब तक 95 पचानवे लाख मीट्रिक टन हो चुकी है. पिछले साल यह 90 लाख मीट्रिक टन थी. दलहन और तिलहन की खरीद इस साल अब तक 16.07 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है जो पिछले साल 15 लाख मीट्रिक टन थी...

बदली MSME की परिभाषा

कैबिनेट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की परिभाषा (MSME Definition) बदलने पर मुहर. इसके तहत अब 1 करोड़ रुपये निवेश और 5 करोड़ रुपये का कारोबार सूक्ष्म उद्योग की श्रेणी में होगा. 10 करोड़ का निवेश और 50 करोड़ का टर्नओवर वाला कारोबार लघु और 20 करोड़ रुपये का निवेश 250 करोड़ रुपये के कारोबार को मध्यम उद्योग की श्रेणी में होगा. 2006 के MSMEs एक्ट के 14 साल बाद संशोधित किया गया है. इससे करीब 2 लाख कंपनियों को फायदा होगा.

MSME के लिए इक्विटी स्कीम (Equity Scheme for MSME) को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. आत्मनिर्भर भारत के तहत आर्थिक पैकेज में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका ऐलान किया था. मुश्किल में फंसी MSMEs को 20,000 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूर किया गया है. इसके बाद MSMEs कंपनियां लिस्ट (MSME Listing) हो सकती है. प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि MSMEs के लिए 50,000 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश का ऐलान किया गया है. इसमें ये कंपनियां बाजार में लिस्ट होकर पैसा जुटा सकती हैं. देश भर में 6 करोड़ से ज्यादा MSMEs हैं. ..