(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) नागा शांति समझौता (Naga Peace Accord)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) नागा शांति समझौता (Naga Peace Accord)


महत्वपूर्ण बिंदु

दशकों से चले आ रहे नागा विवाद को हल करने की कोशिशे लगातार चल रही है। विवाद के उलझे होने के कई कारण है और इसमें कई हिस्सेदारों की भागीदारी होने के कारण स्थाई हल ढूढ़ना किसी की सरकार के लिये बहुत ही चुनौतीपूर्ण रहा है।

हमारे आज के DNS में हम नागा शांति समझौता की पृष्ठभूमि, इतिहास, इसके कारण व सुलह की शर्तों आदि पर चर्चा करेंगे साथ ही यह भी जानने का प्रयास करेंगे कि आखिर वे कौन से कारण रहे जिसकी वजह से अंग्रेजो के जमाने से इस समस्या का कोई स्थाई हल नही निकल सका।

नागा विवाद या नागा समस्या क्या है?

  • अंग्रेजो ने 1826 में असम पर कब्जा कर लिया और सदियों से नागा पहाडि़यों व इसके आसपास रह रही नागा जनजाति भी 1881 में अंग्रेजो के अधिकार क्षेत्र में आ गई।
  • शुरूआती दौर में अंग्रेजो ने इस जनजाति व इसके कार्यो पर अधिक हस्तक्षेप नही किया परन्तु बाद के वर्षों में अंग्रेजो के बढ़ते हस्तक्षेप पर विरोध जताने के लिये Naga Club की स्थापना 1918 में की गई।
  • यह पहला वाकिया था जब नागाओं ने अधिकारिक तौर पर अंग्रेजो का विरोध किया ।
  • 1929 में नागा क्यब ने नागाओं के हक की बात रखते हुए साइमन कमीशन के समक्ष प्रस्ताव रखा कि नागाओं को उनके हाल पर छोड़ दिया जाये व बिना किसी हस्तक्षेप के नागाओ को उनके फैसले स्वयं लेने का अधिकार दिया जाये।
  • एक प्रकार से यह कहा जा सकता है कि नागा किसी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं चाहते थे और सदियों पुराने अपने पारम्परिक तौर तरीके व आपसी नियम कानून के तहत ही जीना चाहते थे।
  • 1946 में Naga National Council के बनाने के बाद यह बात और पुख्ता हो गई और Naga National Council ने Nagaland को एक स्वतंत्र राज्य घोषित कर दिया ।
  • 1951 में NNC ने एक जनमत संग्रह कराया जिसमें 99 प्रतिशत लोगों ने स्वतंत्र नागालैंड के पक्ष में वोट दिया
  • यह वह समय था जब भारत की सरकार तमाम अन्य मुद्दों में व्यस्त थी और आजादी के साथ आयी अन्य गम्भीर सम्ययाओं का हल ढूढ़ रही थी।
  • भारत सरकार ने उस समय इस मुद्दे पर अधिक गौर नहीं किया। परिणाम स्वरूप नागालैंड में एक Underground Naga Federal Government व Naga Federal Army कार्य करने लगी।
  • सरकार ने जब इस मुद्दे को गम्भीरता से लिया तो 1958 में Armed Forces Special Powers act यानि AFSPA पारित किया।
  • इस Act के तहत भारत सरकार ने भारतीय सेना को नागालैंड में इस विद्रोह व दहशतगर्दी को कुचलने के लिये भेजा ।
  • विद्रोहियों को कुचलने का यह सिलसिला 1975 में आकर थमा जब भारत सरकार व नागा गुरिल्लों और Naga Federal Government के बीच Shilong Accord या शिलांग समझौता हुआ ।
  • इस समझौते में खास बात यह रही कि नागा विद्रोहियों ने बिना किसी शर्त भारतीय संविधान को स्वीकार किया व अपने हथियार डालने की बात कही।
  • लेकिन बात यहाँ तक नही रूकी 1980 में थुंगलैंग मुइवा और अन्य 140 सदस्यों ने शिलांग समझौते को मानने से इंकार कर दिया और National Socialist Council of Nagaland या NSCN बनाई।
  • 1988 में NSCN दो भागों में बँट गई और दो नई पार्टियां NSCN (IM) और NSCN (k) बनी।
  • 1997 में NSCN (IM) और भारत सरकार के बीच Ceasefire Agreement हुआ लेकिन विद्र्रोही अपने गुरिल्ला युद्ध कला के माध्यम से Nagaland में अंशांति फैलाते रहे हैं।
  • दशकों तक चली इस अंशाति को अन्त करने के लिये समय समय पर सरकार नागालैंड में शान्ति वार्ता करती रही है और 2015 में आखिरकार भारत सरकार ने नागालैंड के NSCN (IM) के साथ Naga Peace Accord पर हस्ताक्षर किये।
  • यह शांति समझौता व इसकी शर्तें फिलहाल सरकार द्वारा गोपनीय रखी गयी है लेकिन इस समझौते के तहत नागा विवाद को जल्द से जल्द सुलझाने की बात कही गई है।
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस समझौते को ऐतिहासिक करार दिया था और हाल ही में नागालैंड के राज्यपाल व वार्ता में मघ्यस्तकर्ता R.N रवी ने इस मुद्दे का जल्द ही हल आने की बात कही हैं।

इस मुद्दे में कई लूपहोल भी है-

  • सबसे पहले तो यह कि NSCN (IM) जिस Greater Nagaland की मांग कर रही है उसमें सिर्फ नागालैंड ही नहीं बल्कि मणिपुर,अरूणाचल प्रदेश,मेघालय व असम के भी हिस्से आते हैं और ये राज्य ऐसे किसी भी हिस्से को नागालैंड को देने का पुरजोर विरोध कर रहे है।
  • नागा शांति समझौते में इन राज्यों को भी हिस्सेदार बनाया गया है।
  • हालही में मणिपुर के मुख्यमंत्री M.Biren Singh ने दिल्ली आकर विरोध भी जताया था।
  • दूसरा मुद्दा NSCN (IM) द्वारा अलग कानून व अलग झण्डे की माँग का है जिसे सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है।
  • इस समझौते की विशेष बात यह है कि NSCN (IM) के अलावा अन्य Naga groups ने सरकार की शर्तों का लगभग समर्थन कर दिया है। लेकिन NSCN (IM) लगातार इस समझौते में अपनी शर्तों को मनवाने की भरपूर कोशिश में है।
  • हालांकि सरकार के द्वारा निर्धारित 31 October की तारीख जिस दिन तक इस बातचीत का फैसला हो जाना था, बीत चुकी है। और सरकार ने यह आश्वासन दिया है कि समझौते का निष्कर्ष जल्द ही निकाल लिया जायेगा।
  • नागा शांति समझौते का भविष्य क्या है यह तो वक्त ही बतायेगा पर सरकार द्वारा उठाये गये कदम इस दिशा में नये विकास व शांति की और इशारा करते दिख रहे है।