(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) हम्पी : बेशकीमती धरोहर (Humpee: Invaluable Heritage of India)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) हम्पी : बेशकीमती धरोहर  (Humpee: Invaluable Heritage of India)



UNESCO की विश्व धरोहर में शुमार हो चुके चौदहवीं शताब्‍दी के दौरान मध्‍य कालीन भारत के महानतम साम्राज्‍यों में से एक, विजयनगर साम्राज्‍य की राजधानी, हम्‍पी....जहाँ मोजूद है भगवान् विष्णु को समर्पित विट्टल मंदिर.....इस मंदिर के परिसर में मौजूद भगवान विष्णु का वाहन ये पत्थर का रथ...इस धरोहर को बचाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस पत्थर के रथ के चारों ओर लकड़ी के बैरिकेडस लगाने का फैसला लिया है......ये फैसला इस पत्थर के रथ को नुक्सान से बचाने के लिए किया गया है….विट्टल मंदिर परिसर हम्पी के विरासत स्थलों में सबसे ज़्यादा पर्यटकों वाला स्थान है….इसके साथ ही यह स्थान सैलानियों द्वारा सबसे ज़्यादा कैमरे में कैद करने के लिए मशहूर है….

कला इतिहासकारों के मुताबिक़ इस मंदिर परिसर की वास्तुकला मंदिर स्थापत्य के सबसे उम्दा नमूनों में से एक है । आपको बता दें की चौदहवीं से सत्रवीं शताब्दी के दौरान विजयनगर शासकों के शासन काल में मंदिर स्थापत्य कला अपने चरम पर थी…पुरातत्व सर्वेक्षण के कुछ अधिकारियों का कहना है की मंदिर परिसर के चारों ओर कुछ सैलानियों के स्मारकों को नुक्सान पहुंचाने के मद्देनज़र लकड़ी का बैरिकेड लगाने के बारे में काफी दिनों से सोचा जा रहा था जिसे अब मूर्त रूप देने का सरकार ने इरादा बना लिया है…..इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी को एक फैसले में हम्पी के पास विरुप्पुर गड्डे नाम के एक द्वीप के इर्द गिर्द होटल रिसोर्ट आदि को हटाए जाने का आदेश दिया था....विरुप्पुर गड्डे द्वीप, कर्नाटका के कोप्पल ज़िले में स्थित है और हम्पी में विरुपाक्ष मंदिर से तकरीबन 500 मीटर की दूरी पर है\....विदेशी सैलानियों में ये द्वीप काफी मशहूर है जिसकी वजह है यहाँ का शांत वातावरण …..

हम्पी 14 वीं सदी में विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी....हम्पी मध्य कर्नाटक के बेल्लारी ज़िले में तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित है....विट्टल मंदिर परिसर हम्पी में मौजूद मंदिरों में सबसे सुन्दर स्थापत्य का नमूना है...16वीं शताब्दी के दौरान कृष्णदेव राय ने कई सुन्दर राजभवनों और मंदिरों का निर्माण कराया था ....इन सब मंदिर परिसरों में सबसे बड़ा और भव्य मंदिर था विट्टल मंदिर ….हम्पी में मौजूद मंदिरों की खासियत इनकी भव्यता ,इनकी सजावट ,सुन्दर और बारीक नक़्क़ाशी और मंदिर के आलीशान खम्बे हैं जिसमे नक़्क़ाशी के ज़रिये रामायण और महाभारत की कहानियों के किरदारों को उकेरा गया है ….हम्पी के ज़्यादातर मंदिरों के मंडपों के इर्द गिर्द कई बाज़ार हैं...महानवमी डिब्बा, एक चौकनुमा संरचना है और हम्पी के सबसे लोकप्रिय आकर्षणों में से एक है, जिसे राजा कृष्णदेवराय ने उदयगिरि पर हुई अपनी जीत के बाद बनवाया था। यह प्राचीन स्थल हम्पी के शाही महलों में से सबसे ऊंची संरचना है और अपनी भव्यता की वजह से इसे आसपास की जगहों से बड़ी आसानी से देखा जा सकता है..हम्पी के बचे खुचे खंडहरों में महानवमी डिब्बा सबसे ख़ास है…..गौरतलब है की UNESCO ने साल 1986 में हम्पी को वैश्विक विरासत स्थल के रूप में घोषित किया था…

जानते है विजयनगर साम्राज्य के बारे में...

विजयनगर का मतलब है विजय या जीत का नगर...विजयनगर साम्राज्य की स्थापना का श्रेय संगम वंश के दो भाइयों हरिहर और बुक्का को जाता है... विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 14वीं शताब्दी में इन दो भाइयों ने की थी... हरिहर और बुक्का ने हम्पी को विजयनगर साम्राज्य की राजधानी बनाया था...विजयनगर साम्राज्य उत्तर में कृष्णा नदी से लेकर दक्षिण तक फैला हुआ था...विजयनगर साम्राज्य में वैसे तो कई राजवंशों ने शासन किया था लेकिन यहाँ के सबसे ख़ास 4 वंश रहे हैं जिनमे- संगम वंश , सालुवा वंश , तलुवा वंश और अरविदु वंश अहम् हैं....तलुवा वंश के शासक कृष्णदेव राय विजयनगर साम्राज्य के सबसे महत्वपूर्ण शासक थे....कृष्णा देव राय ने यहाँ कई भव्य और आकर्षक मंदिरों का निर्माण कराया जिनमे उन्होंने गोपुरम जैसी संरचना को यहाँ के मंदिरों में शुरू करवाया जिसके बाद इसका असर धीरे धीरे दक्षिण भारत के तमाम मंदिरों पर दिखाई पड़ा