(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) तेल रिसाव पर रूस में आपातकाल (Emergency in Russia over Huge Oil Spill)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) तेल रिसाव पर रूस में आपातकाल (Emergency in Russia over Huge Oil Spill)



दुनिया में इस वक्त कोरोना वायरस का संकट फैला हुआ है, लेकिन इसके साथ भी कई तरह की मुश्किलें सामने आ रही हैं…

ऐसी ही मुसीबत आन पड़ी है रूस में...जहाँ बीते बुधवार एक ऐसी घटना हुई.....जिसकी वजह से

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साइबेरिया के एक क्षेत्र में आपातकाल की घोषणा कर दी है....

दरअसल, जब एक पावर प्लांट से रिस कर लगभग 20 हजार टन डीजल नदी में पहुंच गया. यह घटना राजधानी मॉस्को से पूर्वोत्तर में लगभग तीन हजार किलोमीटर दूर नॉरिलस्क शहर के पास हुई. इस नदी का पानी एक झील में गिरता है. उस झील से एक और नदी निकलती हैं जो आखिरकार आर्कटिक सागर में गिरती है....

आज के DNS में विस्तार से जानेंगे इस घटना के बारे में... क्यों हुआ यह डीजल लीक...क्या कारण थे...और इसका क्या असर पड़ा सकता है...

रूस के साइबेरिया में एक पॉवर प्लांट से 20 हजार टन डीजल के रिसाव के बाद नजदीक से बहने वाली नदी का रंग सफेद से लाल हो गया है। बता दें कि इस रिसाव के भयावहता को देखते हुए गुरुवार को राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने स्टेट इमरजेंसी का ऐलान किया था। जिस प्लांट से तेल का रिसाव हुआ है वह साइबेरिया के नोर्लिस्क NORLISK शहर में स्थित है....

यह घटना राजधानी मॉस्को से पूर्वोत्तर में लगभग तीन हजार किलोमीटर दूर नॉरिलस्क शहर के पास हुई. इस नदी का पानी एक झील में गिरता है. उस झील से एक और नदी निकलती हैं जो आखिरकार आर्कटिक सागर में गिरती है... समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, मॉस्को से 3000 किमी. दूर नॉरिलस्क में एक प्लांट के पास शुक्रवार को ये लीकेज शुरू हुई थी. लेकिन देखते ही देखते ये इतनी बढ़ गई कि संकट पैदा हो गया.,..

रूसी पर्यावरण विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में साइबेरिया क्षेत्र में जल और मृदा संकट की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि इस रिसाव से 350 वर्ग मील से ज्यादा एरिया प्रभावित है। यहां की अंबरनाया नदी में 15 हजार टन पेट्रोलियम उत्पाद मिल गए हैं। जिसकी सफाई करना अब बहुत मुश्किल काम है...

डीजल फैलने के बाद नदी में अवरोध खड़े कर दिए गए हैं. इसके बाद वहां से गुजरने वाले जलीय यातायात में बाधा आई है. राष्ट्रपति पुतिन ने इस घटना पर सख्य रुख अपनाया है और दिग्गज स्टील कंपनी नॉरलिस्क निकेल (नॉरनिकेल) की सहायक कंपनी एनटीईके की आलोचना की है.

विश्व वन्यजीव कोष की रूसी शाखा के एलेक्सी क्निजनीकोव ने कहा है कि डीजल रिसने से मछलियों और दूसरे संसाधनों पर जो असर पड़ेगा, उसकी वजह से एक अरब रूबल (1.46 करोड़ डॉलर) का नुकसान हो सकता है.....

पॉवर प्लांट से डीजल बहकर अंबरनाया नदी में मिल गया है....जिससे इस नदी का रंग बदल गया है। रूसी विशेषज्ञ इस नदी को साफ करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रह हैं। वहीं कई पर्यावरण विशेषज्ञों ने दावा किया है कि इस नदी को साफ करने की लागत 1.16 बिलियन यूरो तक पहुंच सकती है। ऐसी आशंका है कि प्रदूषण ग्रेट आर्कटिक स्टेट नेचर रिजर्व में फैल सकता है। बता दें कि इस रिजर्व में प्रदूषण के पहुंचने से जलीय जीवन को भारी नुकसान हो सकता है।

क्यों हुआ डीजल लीक

बताया जा रहा है कि प्लांट में तेल का रिसाव फ्यूल टैंक का एक पिलर धंसने से कारण शुरू हुआ था। यह टैंक बर्फीली कठोर जमीन पर बना हुआ था जो तापमान बढ़ने के बाद पिघलने लगी। हालांकि साइबेरिया क्षेत्र में ऐसी घटना कम ही देखने को मिलती है। बता दें कि इस घटना के बारे में कंपनी नोर्लिस्क निकिल की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

साइबेरिया के जिस प्लांट से डीजल का रिसाव हुआ है वह नॉरनिकेल निकिल की एक इकाई है। यह कंपनी निकेल और पैलैडियम धातु का उत्पादन करने के मामले में दुनिया के शीर्ष कंपनियों में शामिल है। इस कंपनी में तेल का रिसाव शुक्रवार से ही शुरू हो गया था लेकिन, पर्याप्त रोकधाम के उपाय न करने के कारण दो दिनों में 20 हजार टन डीजल बह गया।

एनटीईके उन बहुत सारी कंपनियों में से एक है जिनकी वजह से औद्योगिक शहर नोरिलस्क दुनिया की सबसे प्रदूषित जगहों में शामिल है....

ये प्लांट नॉरिलस्क की डिवीजन के द्वारा चलाया जाता है. जिसे दुनिया की सबसे प्रदूषित जगहों में गिना जाता है. अभी तक जांच में ये सामने नहीं आया है कि ये लीकेज किस वजह से हुआ. लेकिन, कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इससे हुए नुकसान को जांचा जा रहा है....