(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) बिम्‍सटेक बंदरगाह सम्मेलन (BIMSTEC Port Conclave)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) बिम्‍सटेक बंदरगाह सम्मेलन (BIMSTEC Port Conclave)


महत्वपूर्ण बिंदु

हाल ही में भारत के पूर्वी समुद्री तट के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक विशाखापत्टनम मे पहली BIMSTEC Conclave यानि BIMSTEC सभा का आयोजन किया गया।

हमारे आज के DNS में हम जानेगें कि क्या है BIMSTEC और भारत के लिये इसके क्या मायने है साथ ही हम BIMSTEC को लेकर भारत की बदलती कूटनीति व विदेश नीति पर भी चर्चा करेंगे।

  • दरअसल BIMSTEC यानि Bay of Bengal Initiative for multi sectoral Technical and economic cooperation बंगाल की खाड़ी के आस पास स्थित देशों का एक संगठन है। जिसे 6 जून 1997 को Bangkok declaration पर बनाया गया था।
  • इस संगठन में पांच देश दक्षिण एशिया से हैं जिनमें बांगलादेश,भूटान,नेपाल ,भारत और श्री लंका आते है तथा दो देश दक्षिण पूर्व एशिया से हैं जिनमें म्यांमार व थाइलैंड शामिल है।
  • यह संगठन लगभग 1-67 बिलियन लोगों यानि दुनिया की कुल जनसंख्या के 22 प्रतिशत लोगों का प्रतिनिधित्व करता है।साथ ही इस संगठन की Combined GDP लगभग 3-71Trillion अमेरिकी डॉलर के बराबर है।
  • संगठन के बनने के बाद से अब तक कुल 4 BIMSTEC की बैठके आयोजित की जा चुकी हैं जिनमें पहली बैठक 2004 को बैंकाक में ,दूसरी 2008 को नई दिल्ली में ,तीसरी 2014 नायपी ताव में और चौथी व सबसे Latest काठमांडू में 2018 में आयोजित की गई थी।
  • इस संगठन का उद्देश्य आपसी सूझबूझ को बढ़ाना,व्यापार में बढ़ोत्तरी करना,व बंगाल की खाड़ी का उपयोग सबके हित में करना आदि शामिल है।
  • गौरतलब है कि दुनिया का एक चौथाई व्यापारिक माल हर साल बंगाल की खाडी से होकर गुजरता है।
  • भारत की बदलती विदेश नीति के कारण बंगाल की खाड़ी का क्षेत्र भारत के लिये बहुत महत्व रखता है इसीलिये BIMSTEC का भी महत्व भारत के लिये बढ़ जाता है।
  • भारत के लिये BIMSTEC के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस बार अपने दूसरे कार्यकाल के शपथ समारोह मे भारतीय प्रधानमंत्री ने BIMSTEC के नेताओं को न्यौता दिया था।
  • गौरतलब है कि अपने पहले कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में उन्होनें SAARC देशो के नेताओं को आमंत्रण भेजा था। इससे भारत की Neighbourhood first और Act east policies की भी महत्ता दिखती है।
  • नई दिल्ली के लिये BIMSTEC का एक और विशेष महत्व है और वह है Strong Connectivity यानि बिना किसी विरोध के बंगाल की खाडी में नौसंचालन।
  • नई दिल्ली की बंगाल की खाड़ी में मज़बूत उपस्थिति चीन के लिये Malacca Dillema यानि मलक्का संकट को और गहरा कर देगी जो कि भारत के लिये कूटनीतिक स्तर पर फायदेमंद रहेगी ।
  • बीते 7 नवंबर को हुए पहली BIMSTEC Port Conclave का उद्घाटन राज्य जहाजरानी मंत्री श्री मंसुख माण्डवीय ने किया और उन्होने प्रधानमंत्री के Vision,SAGAR यानि (Securtiy and growth for all in the region) पर जोर दिया।
  • इस सभा में तीन MOU भी Sign किये गये जिनमें थाइलैंड के रेंनाग पोर्ट से भारत के चेन्नई,विशाखापत्टनम और कोलकत्ता पोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बढाने पर बात कही गई।
  • SAARC मे पाकिस्तान द्वारा लगातार लगाई जा रही अड़चनों की कारण BIMSTEC भारत के लिये एक स्वर्णिम अवसर की तरह उभर का आ सकता है और भारत की दावेदारी क्षेत्रीय व वैश्विक स्तर पर मजबूत कर सकता है।