(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) 4 फ़रवरी - वर्ल्ड कैंसर डे (4th February - World Cancer Day)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) 4 फ़रवरी - वर्ल्ड कैंसर डे (4th February - World Cancer Day)


"मैं हूं और मैं रहूंगा" (I am and I will) इस थीम के साथ आज पूरे विश्व में कैंसर दिवस मनाया गया । हर साल 4 फ़रवरी को मनाये जाने वाले विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) का मक़सद दुनिया के लोगों को कैंसर के खिलाफ लड़ाई लड़ने में एकजुट करना है । इसके अलावा इस दिन को मनाने के पीछे कैंसर के बारे में जागरूकता पैदा करना , रोग का जल्दी पता लगाना और कैंसर के उपचार और रोकथाम पर ध्यान देना है। कैंसर से हर साल दुनिया में लाखों लोग मौत के मुंह में समा जाते हैं । इस दिवस को मनाने के पीछे हर साल होने वाली मौतों को रोकना भी है।

दुनिया भर में कैंसर दिवस (World Cancer Day) पर इस जानलेवा बीमारी को लेकर तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है । हॉलीवुड और बॉलीवुड की कई हस्तियां हैं, जिन्होंने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ जंग लड़ी और जीती भी।

विश्व कैंसर दिवस को मनाने के पीछे एक लम्बा इतिहास रहा है । विश्व कैंसर दिवस को सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ (यूआईसीसी)ने मनाना शुरू किया था । अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ (यूआईसीसी) एक वैश्विक गैर लाभकारी संस्था है। इसका मकसद साल 2020 तक कैंसर से होने वाली मौतों को कम करना है। अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ (यूआईसीसी) की नीव साल 1933 में रखी गयी थी।

कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी क्या है और ये किस वजह से होती है ?

शरीर में कोशिकाओं के समूह या सेल्स की बेतरतीब बढ़ोत्तरी ही कैंसर है। ये बढ़ती हुई कोशिकाएं उत्तकों या टिश्यू पर अपना असर डालती हैं । इसकी वजह से कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है। कैंसर उम्र का मोहताज़ नहीं होता है । यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपना निशाना बना सकता है । लेकिन अगर कैंसर का सही वक़्त पर पता नहीं लगाया गया और रहते समय इसका उपचार नहीं हुआ तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है । कैंसर के सामान्य लक्षणों में शरीर के वजन में कमी, बुखार आना , भूख में कमी, हड्डियों में दर्द, अनियंत्रित खांसी और मुंह से खून आना शुमार हैं।

वैसे तो कैंसर जैसी बीमारी अभी तक लाइलाज है लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर हम इस बीमारी को खुद से दूर रख सकते हैं ।इन सावधानियों में तम्बाकू के उत्पादों का सेवन न करना , कैंसर के संक्रमण से बच कर रहना , चोट लगने पर इसका सही उपचार करना और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को सेहतमंद बनाना है । कैंसर दिवस पर लोगों को इस बीमारी के बारे में जानकारियां मुहैया कराई जाती हैं ।लोगों को इस दिन कैंसर के सामान्य लक्षणों , वजहों और इलाज़ से सम्बंधित जानकारियों से रूबरू कराया जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक़ पूरी दुनिया में हर 6 में से एक मौत कैंसर की वजह से होती है। छोटे और विकास शील देशों में 70 फीसदी मौतों की वजह कर्क रोग या कैंसर है।

इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक़ भारत जैसे देश में तकरीबन 7 .8 लाख मौतें हर साल कैंसर की वजह से होती हैं

भारत में कैंसर रोगियों की बात करें तो महिलाओं में ब्रैस्ट कैंसर और पुरुषों में मुंह के कैंसर वाले मरीज़ों की तादाद सबसे ज़्यादा है । कैंसर के इलाज़ के दौरान मरीज़ों के इलाज़ में पैसों के बोझ को हल्का करने के लिए भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष, राष्ट्रीय आरोग्य निधि, स्वास्थ्य मंत्री विवेकाधीन अनुदान, केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) जैसी योजनाओं चलाई जा रही हैं।

वैसे तो कैंसर एक लाइलाज बीमारी है लेकिन अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में थोड़ा बदलाव करके हम इससे बच सकते हैं । इन बदलावों में रोज़ व्यायाम करना , स्वस्थ जीवन शैली और पौष्टिक आहार का सेवन शामिल है।