आज़ादी की लड़ाई और सुभाष चन्द्र बोस (Freedom Struggle and Subhash Chandra Bose) : ध्येय रेडियो (Dhyeya Radio) - ज्ञान की डिजिटल दुनिया

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साल 1938 में कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन में जब सुभाष चंद्र बोस अध्यक्ष बने तो उन्होंने पार्टी के भीतर स्वतंत्र भारत में नियोजित आर्थिक विकास यानी प्लैन्ड इकोनॉमिक डेवलपमेंट इन फ्री इंडिया पर चर्चा करने का काम किया।

अगले साल 1939 में त्रिपुरी में अधिवेशन होना था। कांग्रेस के वामपंथी झुकाव वाले धड़े ने सुभाष चंद्र बोस को अपना उम्मीदवार बनाया। गांधी जी पट्टाभिसीतारमैया के पक्ष में थे जो कांग्रेस के एक अन्य धड़े को भी पसंद थे लेकिन सुभाष चंद्र बोस विजयी रहे। इस पराजय को गांधीजी ने अपनी निजी हार के रूप में स्वीकार किया लेकिन कांग्रेस का त्रिपुरी संकट अभी शुरू होना था। क्या हुआ था त्रिपुरी में और कैसे सुभाष चंद्र बोस ने आज़ाद हिंद फौज को खड़ा किया अंग्रेज़ों के सामने, सुनिये ध्येय रेडियो के इस पॉडकास्ट में।

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