(Video) राज्य सभा टीवी आयुष्मान भवः Rajya Sabha TV (RSTV) Ayushman Bhava : मोतियाबिंद (Cataract)


(Video) राज्य सभा टीवी आयुष्मान भवः Rajya Sabha TV (RSTV) Ayushman Bhava : मोतियाबिंद (Cataract)


विषय (Topic): मोतियाबिंद (Cataract)

अतिथि (Guest):

  • Prof. Sudarshan Khokhar, (Head, Dr Rajendra Prasad Centre for Ophthalmic Science, AIMMS, Delhi)

विषय विवरण (Topic Description):

हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग.... हमारी आँखें ... जिससे हम संसार के सभी रंगों की सुन्दरता का आनंद ले पाते हैं। इसलिए आँखों की देखभाल बेहद जरूरी है... खासकर बढ़ती उम्र के साथ इनका ध्यान रखना और ज़रूरी हो जाता है। अक्सर देखा गया है कि 50 से अधिक उम्र के लोगों को मोतियाबिंद की समस्या हो जाती है। मोतियाबिंद को अंग्रेजी में कैटरेक्ट कहा जाता है। मोतियाबिंद आँखों की वो समस्या जिसमें धीरे-धीरे आँखों की रोशनी में धुंधलापन आने लगता है जिससे दिखाई देना कम हो जाता है। मोतियाबिंद की बीमारी जन्मजात भी हो सकती है। मोतियाबिंद एक आँख में भी हो सकता है या फिर दोनों आँखों में भी हो सकता है। आम भाषा में कहा जाए तो आँखों के लेंस के ऊपर एक तरह की परत का जम जाना, इसके कारण आँखों की रोशनी धीरे-धीरे कम हो जाती है।मोतियाबिंद का कारण है बढ़ती उम्र, डायबिटीज की समस्या,आंखों पर देर तक सूरज की रोशनी पड़ना, आंख में किसी तरह की चोट या सूजन,धूम्रपान का सेवन, अल्ट्रावायलेट रेडिएशन के संपर्क में आना,रेडिएशन थेरेपी, अनुवांशिक । मोतियाबिंद के चार प्रकार के होते हैं जैसे सेकेंडरी मोतियाबिंद, ट्रॉमेटिक मोतियाबिंद, कन्जेनिटल मोतियाबिंद, रेडिएशन मोतियाबिंद । मोतियाबिंद का इलाज मरीज की दृष्टि पर निर्भर करता है क्योंकि किसी-किसी मामले में चश्मे के नंबर लेंस को बदल कर भी इलाज संभव है। और अगर मोतियाबिंद का स्तर बढ़ जाए तो सर्जरी की जाती है।

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Courtesy: RSTV