(Video) राज्य सभा टीवी देश देशांतर Rajya Sabha TV (RSTV) Desh Deshantar : अप्रत्यक्ष लैंगिक भेदभाव और कानून की कसौटी (Focus on Indirect Discrimination)


(Video) राज्य सभा टीवी देश देशांतर Rajya Sabha TV (RSTV) Desh Deshantar : अप्रत्यक्ष लैंगिक भेदभाव और कानून की कसौटी (Focus on Indirect Discrimination)


विषय (Topic): अप्रत्यक्ष लैंगिक भेदभाव और कानून की कसौटी (Focus on Indirect Discrimination)

अतिथि (Guest):

  • Captain (Retd.) Anubha Rathaur, (Defence Expert) (कैप्टन (रिटा.) अनुभा राठौर, रक्षा विशेषज्ञ)
  • Satya Prakash, (Legal Editor, The Tribune) (सत्य प्रकाश, विधि संपादक, द ट्रिब्यून)

विषय विवरण (Topic Description):

सुप्रीम कोर्ट ने सेना में स्थायी कमीशन देने की मांग कर रहीं कई महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) अधिकारियों की याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई की और कहा कि एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) मूल्यांकन प्रक्रिया में खामी है तथा वह भेदभावपूर्ण है. न्यायालय ने कहा कि महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए एसीआर मूल्यांकन मापदंड में उनके द्वारा भारतीय सेना के लिए अर्जित उपलब्धियों एवं पदकों को नजरअंदाज किया गया है. अदालत ने कई महिला अधिकारियों की याचिकाओं पर फैसला सुनाया, जिन्होंने पिछले साल फरवरी में केंद्र को स्थायी कमीशन, पदोन्नति और अन्य लाभ देने के लिए दिए निर्देशों को लागू करने की मांग की थी. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि जिस प्रक्रिया के तहत महिला अधिकारियों का मूल्यांकन किया जाता है, उसमें पिछले साल उच्चतम न्यायालय द्वारा सुनाए फैसले में उठाई गई लैंगिक भेदभाव की चिंता का समाधान नहीं किया गया है. पिछले साल 17 फरवरी को दिए अहम फैसले में शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया था कि सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिया जाए. न्यायालय ने केंद्र की शारीरिक सीमाओं की दलील को खारिज करते हुए कहा था कि यह ‘महिलाओं के खिलाफ लैंगिक भेदभाव’ है.

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Courtesy: RSTV