(Video) राज्य सभा टीवी देश देशांतर Rajya Sabha TV (RSTV) Desh Deshantar : अदालती कार्यवाही और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता (Court Proceedings and Sensitivity Towards Women)


(Video) राज्य सभा टीवी देश देशांतर Rajya Sabha TV (RSTV) Desh Deshantar : अदालती कार्यवाही और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता (Court Proceedings and Sensitivity Towards Women)


विषय (Topic): अदालती कार्यवाही और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता (Court Proceedings and Sensitivity Towards Women)

अतिथि (Guest):

  • Dr. Justice Satish Chandra, (Former Judge, Allahabad High Court) (डॉ. सतीश चंद्र, पूर्व न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय)
  • Charu Pragya, (Advocate, Supreme Court) (चारू प्रज्ञा, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट)

विषय विवरण (Topic Description):

सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में यौन अपराधों के मामलों में अदालतों के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करते हुए कहा है कि जजों को महिलाओं के बारे में रूढ़िवादी या पितृ-सत्तात्मक सोच से बचना चाहिए। कोर्ट ने देश की सभी अदालतों को यौन अपराध से जुड़े मामलों का निपटारा करते वक्त महिलाओं के वस्त्र, उनके आचरण, पूर्व बर्ताव, नैतिकता का पाठ पढ़ाने से परहेज करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जजों को हर वक्त इसके प्रति संवेदनशील रहना चाहिए कि ऐसा कोई भी शब्द या बात, बोली या लिखी नहीं जानी चाहिए जिससे पीड़िता की पवित्रता और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती हो। Supreme Court ने देशभर की अदालत के जजों को स्टीरियोटाइप यानी घिसी-पिटी टिप्पणी से बचने की सलाह देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें सेक्सुअल असॉल्ट के आरोपी को पीड़िता से राखी बंधवाने की शर्त पर जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों के न्यायाधीशों को महिलाओं के खिलाफ अपराध खासकर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतने का निर्देश दिया। जस्टिस एएम खानविलकर की अगुवाई वाली बेंच के सामने सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट अपर्णा भट्ट और अन्य 8 महिला वकीलों ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के इस अजीब फैसले को चुनौती दी थी। पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि जमानत के लिए पीड़िता से राखी बंधवाने की शर्त स्वीकार योग्य नहीं है। यह शर्त छेड़छाड़ करने वाले को भाई बना देती है। ऐसा करना यौन उत्पीड़न के अपराधों को कमतर करके देखने के समान है।

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Courtesy: RSTV