(Video) राज्य सभा टीवी देश देशांतर Rajya Sabha TV (RSTV) Desh Deshantar : बदलता मॉनसून और फसल चक्र (Changing Monsoons and Crop Cycle)


(Video) राज्य सभा टीवी देश देशांतर Rajya Sabha TV (RSTV) Desh Deshantar : बदलता मॉनसून और फसल चक्र (Changing Monsoons and Crop Cycle)


विषय (Topic): बदलता मॉनसून और फसल चक्र (Changing Monsoons and Crop Cycle)

अतिथि (Guest):

  • Dr. Dushmanta Ranjan Pattanaik, (Scientist E, IMD)
  • Dr. Vinod Kumar Singh, (Head & Principal Scientist, Division of Agronomy, Indian Agricultural Research Institute)
  • Dr. J.P.S. Dabas, (PRINCIPAL SCIENTIST, CATAT (CENTRE FOR AGRIL. TECH. ASSESMENT & TRANSFER), IARI)
  • Dr. S. K. Malhotra, (Agriculture Commissioner ,Department of Agriculture, Cooperation & Farmers Welfare)

विषय विवरण (Topic Description):

आमतौर पर मानसून जून में शुरू होता है और सितंबर के पहले सप्ताह से लौटना शुरू कर देता है लेकिन इस साल देशभर में सितंबर में औसत बारिश 247.1 मिलीमीटर हुई जो कि सामान्य से 48 फीसदी अधिक और 1901 के बाद तीसरी सबसे अधिक बारिश का रेकॉर्ड है। जिससे बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी भारत में बारिश से बाढ़ का संकट मंडरा रहा है।कृषि पर निर्भर भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सालाना मानसून की बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है लेकिन जब वो समय पर हो....। अच्छी फसल के लिए सिर्फ ज़रूरी नहीं है कि मॉनसून समय पर आए बल्कि ये भी ज़रुरी है कि समय पर लौट जाये..सिंतबर के आखिरी औऱ अक्टूबर में भारी बारिश से खरीब की फसल को भारी नुकसान की आशंका हैं.. मौजूदा फसल चक्र के हिसाब से जून,जुलाई औऱ अगस्त में अच्छी बारिश खरीब की फसल के लिये ज़रुरी होती है लेकिन मॉनसून के देरी से आने औऱ देर तक बारिश होने से किसानों के लिये क्या नुकसान है और फसलों के लिये ये कितना नुकसानादक है....औऱ क्या बदलते मौसम के बीच किसानों को अपना फसल चक्र बदलने की ज़रुरत है।

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Courtesy: RSTV