यूएपीए (Unlawful Activities (Prevention) Act - UAPA) : डेली करेंट अफेयर्स

यूएपीए (Unlawful Activities (Prevention) Act - UAPA)

चर्चा में क्यों?

गुवाहटी उच्च न्यायालय द्वारा यूएपीए की धाराओं के अंतर्गत गिरफ्तार 15 लोगों को जमानत दे दी गई I इन लोगों पर अफगानिस्तान में तालिबानी शासन के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखने का आरोप था I

Kunal Kamra and Contempt Proceeding : Daily Current Affairs ...

पृष्ठभूमि

1967 में देश में गैर क़ानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यूएपीए कानून लाया गयाI किसी व्यक्ति या संघ द्वारा भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को बाधित करने के उद्देश्य से की गई किसी भी कार्रवाई के मामले को यूएपीए के अंतर्गत शामिल किया जाता हैI भारत में बाह्य सुरक्षा (जैसे- सीमापार आतंकवाद, पूर्वोत्तर में विप्लव) और आंतरिक सुरक्षा (नक्सलवाद, संगठित अपराध जैसी ) चुनौतियाँ विद्यमान हैं I ऐसे में अपराधियों के मन में कानून के प्रति भय पैदा करने के लिए यूएपीए जैसे कठोर कानून की आवश्यकता महसूस की गई I

यूएपीए में 2004, 2008 और 2012 में संशोधन के बाद कानून के दायरे को व्यापक बनाते हुए इसमें देश की सुरक्षा के लिये खतरा पैदा करने वाले कार्य, उसकी आर्थिक सुरक्षा (वित्तीय और मौद्रिक सुरक्षा, भोजन, आजीविका, ऊर्जा पारिस्थितिक तथा पर्यावरण सुरक्षा) जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

यह कानून संविधान के अनुछेद-19 द्वारा प्रदत्त वाक् व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शस्त्रों के बिना एकत्र होने के अधिकार और संघ बनाने के अधिकार पर युक्तियुक्त प्रतिबंध आरोपित करता है।

यूएपीए की विशेषताएं

इस कानून के प्रावधान के अनुसार केंद्र सरकार किसी गतिविधि को यदि गैर-कानूनी मानती है तो आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से इसकी घोषणा कर उसे अधिनियम के तहत अपराध बना सकती है। इसमें अधिकतम सज़ा के तौर पर मृत्युदंड और आजीवन कारावास का प्रावधान हैं।

जांच एजेंसियां गिरफ्तार व्यक्ति के विरुद्ध 180 दिनों में चार्जशीट दाखिल कर सकती हैं I यह कानून भारतीयों के साथ ही साथ विदेशी नागरिकों पर भी लागू होता है I अपराध भारत में हुआ हो या भारत के बाहर, यूएपीए की धाराओं में कार्यवाही की जा सकती हैंI

यूएपीए से संबंधित मुद्दे

यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और असहमति के अधिकार के हनन का विषय है I क्योंकि यूएपीए के अंतर्गत कठोर सजा का प्रावधान है I सरकार अपने विरुद्ध असहमति को दबाने के लिए इस कानून का दुरूपयोग कर सकती हैI

यह यूएपीए के मामलों में सुनवाई में देरी होती है I लगभग 95% मामले अभी तक लम्बित हैं I अपराध को साबित कर पाने की दर काफी कम हैं I

संघीय प्रावधानों का उल्लंघन करता है। पुलिस राज्य का विषय है परंतु यह संशोधन NIA को संपत्ति को जब्त करने का अधिकार देता है जो कि राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र में कमी करता है।