तालिबान के उदय का भारत-नेपाल सम्बन्धों पर प्रभाव : डेली करेंट अफेयर्स

तालिबान के उदय का भारत-नेपाल सम्बन्धों पर प्रभाव

चर्चा में क्यों?

हाल ही में तालिबान की अफगानिस्तान में वापसी भारत के सम्मुख अनेक प्रकार की सुरक्षा चुनौतियाँ पेश कर सकता है जिसमें नेपाल सीमा के रास्ते उग्रवाद, आतंकवाद से संबंधित सुरक्षा चिंताए भारत के लिए बढ़ सकती है।

भारत व नेपालः

भारत नेपाल के साथ 1751 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है तथा उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम राज्य नेपाल के साथ अपनी सीमा साझा करते है।

नेपाल की नदियां निसंदेह पर्वतीय राष्ट्र के प्राकृतिक परिदृश्य को सुंदर बनाती है-

करनाल नदीः करनाल नदी नेपाल की सबसे लंबी नदियों में से एक है जो मानसरोवर झील के पास तिब्बती पठार से निकलती है। शे फोक्सुंडो नेशनल पार्क, शर नेशनल पार्क इस नदी के किनारे संरक्षित है।

करनाल नदी की अन्य सहायक नदियां हुमला करनाल, मुगु करनाल और सेती है। करनाल की मुख्य सहायक नदी भेरी है जो डोलपो क्षेत्र से निकलती है।

कोशी नदीः कोशी नदी सात मुख्य सहायक नदियों के कारण सप्तकोशी के नाम से जानी जाती है भारत में प्रवेश करने के बाद कोशी नदी को बिहार का शोक भी कहा जाता है। तमाकोशी, लिखू खोला, इंद्रावती नदियाँ कोशी की कुछ अन्य सहायक नदियाँ है।

गंडकी नदीः गंडकी नदी को नेपाल में नारायणी के नाम से जाना जाता है। गंडकी नदी का बेसिन, पश्चिम में करनाली बेसिन और पूर्व में कोसी नदी प्रणाली के बीच में स्थित है।

गंडकी, हिमालय से निकलकर दक्षिण-पश्चिमी दिशा में बहती हुई भारत में प्रवेश करती है। यह उत्तर प्रदेश में महाराजगंज और कुशीनगर जिलों से होकर बहते हुए गंगा में जाती हैं।

काली नदीः काली नदी का उदगम उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित कालापानी नामक स्थान से होता है। काली नदी उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों में पहुँचने पर शारदा नदी के नाम से जानी जाती है।

काली नदी नेपाल के साथ भारत की पूर्वी सीमा बनाती है जहाँ इसे महाकाली नदी कहा जाता है।