वैक्सीन मैत्री (Vaccine Maitri) : डेली करेंट अफेयर्स

वैक्सीन मैत्री (Vaccine Maitri)

चर्चा में क्यों?

भारत सरकार ने पुनः अपने पड़ोसी और प्रमुख साझेदार देशों को अक्टूबर माह से कोरोना वायरस वैक्सीन प्रदान करने का निर्णय लिया है।

पृष्ठभूमिः

ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविड शील्ड और भारत की एकमात्र स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन के उत्पादन-विनिर्माण से भारत के वैक्सीन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर उभरा है।

भारत में लगभग 81.8 करोड़ वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। भारत अक्टूबर से दिसम्बर तक 100 करोड़ वैक्सीन डोज का उत्पादन करने जा रहा है जो भारत की घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के अतिरिक्त अधिशेष उत्पादन होगा।

वैक्सीन मैत्रीः

जब विकसित देश (पश्चिमी देश) ‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ (एक देश पूर्व खरीद समझौतों का प्रयोग करते हुये अपने नागरिकों के लिये वैक्सीन की खुराक सुरक्षित करता है, और अन्य देशों को वैक्सीन देने से पूर्व अपने घरेलू बाजार को प्राथमिकता देता है- वैक्सीन संरक्षणवाद या वैक्सीन राष्ट्रवाद कहलाता है।) को प्रोत्साहित कर रहे थे जिससे अविकसित देशों (कम संसाधन वाले) के हित प्रभावित होते हैं।

भारत ने अपने पड़ोसियों और मित्र देशों के साथ ही अल्पविकसित अविकसित देशों को वसुधैव कुटुम्बकम् के आधार पर वैक्सीन प्रदान कर वैक्सीन राष्ट्रवाद को बाधित किया।

भारत ने महामारी से निपटने के लिये ‘हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, रेमिडिसविर और पैरासिटामोल दवाइयों के साथ ही वेंटिलेटर, मास्क और अन्य मेडिकल उपकरण प्रदान किये थे।

भारत को लाभः

सॉफ्रट पॉवर में वृद्धिः भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्वकारी की भूमिका (विश्व गुरू) निभाना चाहता है। ऐसे में भारत वैश्विक संस्थाओं में (सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता, हिंद महासागर में सुरक्षा प्रदायक की भूमिका, एनएसजी की सदस्यता) अपनी निर्णायक भूमिका चाहता है जिसमें अन्य देशों का सहयोग आवश्यक है।

आर्थिक लाभः

  1. भारत के पड़ोसी देशों के साथ ही सउदी अरब, मोरक्को, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका ने वैक्सीन खरीदने की इच्छा व्यक्त की है। भारत वैक्सीन आपूर्ति का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
  2. भारत जेनरिक दवाओं, टीकों के निर्माण में अग्रणी है, ऐसे में भारत वैश्विक बाजार में बड़ी भागीदारी निभा सकता है।

चीन की वैक्सीन डिप्लोमेसी को प्रतिसंतुलित करने में सहायक।

वैक्सीन राष्ट्रवाद में बाधा उत्पन्न होगी।