राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद (National Startup Advisory Council - NSAC) : डेली करेंट अफेयर्स

राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद (National Startup Advisory Council- NSAC)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद (National Startup Advisory Council- NSAC) की पहली बैठक की अध्यक्षता की है।

प्रमुख बिन्दु

  • भारत सरकार के केंद्रीय रेल, वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री ने हाल ही में राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद (एनएसएसी) की पहली बैठक की अध्यक्षता की है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत में स्टार्टअप आंदोलन ने पिछले 5 वर्षों में उद्यमशीलता की भावना को उभारा है। भारत सरकार 'स्टार्टअप इंडिया' विज़न के तहत हर स्तर पर स्टार्टअप को बढ़ावा दे रही है। सरकार भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की प्रगति को बढ़ावा देने में मददगार सहयोगी की भूमिका में है।
  • वर्तमान में स्टार्टअप्स को आत्मनिर्भर भारत के नए विजेता के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के पास विश्व का सबसे बड़ा और सबसे नवीन स्टार्टअप इकोसिस्टम बनने की क्षमता है।

राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद (National Startup Advisory Council- NSAC)

  • राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद (National Startup Advisory Council- NSAC) का गठन भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) ने गठन किया है।
  • राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद, भारत सरकार को देश में नवाचार और स्टार्टअप के पोषण के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने के लिए आवश्यक सलाह देती है। देश में सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के सरकार के लक्ष्य को प्राप्त करने में यह परिषद सलाहकार की भूमिका में है।
  • राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद की अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री द्वारा की जाती है। इसके अतिरिक्त, इस परिषद में आधिकारिक और गैर-आधिकारिक दोनों प्रकार के सदस्य हैं।
  • यह परिषद भारत में कई उभरते स्टार्टअप उद्यमियों के लिए मार्गदर्शक के रूप में कार्य करती है।

भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम की प्रगति हेतु सुझाव

  • भारत में "स्टार्टअप इंडिया" आंदोलन राष्ट्रीय भागीदारी और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन चुका है। हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए स्कूल स्तर पर उद्यमिता के बीज बोने की आवश्यकता है।
  • इसके अतिरिक्त, सफल उद्यमियों को अपने ज्ञान, अनुभव, विचारों आदि को साझा करने के साथ-साथ छात्रों और युवाओं का मार्गदर्शन भी करना होगा।
  • ग्रामीण भारत से लेकर टियर-II और टियर-III शहरों में लोगों के पास कई अनोखे आइडियाज हैं जिन पर काम करके सफल बनाने की जरूरत है।
  • 'स्टार्टअप इंडिया: द वे अहेड' के लक्ष्यों को साकार करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। गौरतलब है कि 'स्टार्टअप इंडिया: द वे अहेड' अभियान को प्रधानमंत्री ने जनवरी,2021 में लॉन्च किया था। इससे भारत को उस मंच पर पहुंचने में मदद मिलेगी, जहां दुनिया भर के देश भारत की उपलब्धियों के आधार पर अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना चाहेंगे। इससे 'स्टार्टअप इंडिया' को भी वैश्विक मंच मिलेगा।
  • इसके अतिरिक्त, भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने हेतु सरकार को नियामक के बजाय मददगार के रूप में कार्य करना होगा।