मालदीव के निकट गिरा ‘लॉन्ग मार्च -5 बी वाई2’ (Long March-5B Y2) रॉकेट : डेली करेंट अफेयर्स

मालदीव के निकट गिरा ‘लॉन्ग मार्च -5 बी वाई2’ (Long March-5B Y2) रॉकेट

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में हिन्द महासागर में स्थित मालदीव के निकट ‘लॉन्ग मार्च -5 बी वाई2’ (Long March-5B Y2) रॉकेट का मलबा गिरा है।

‘लॉन्ग मार्च -5 बी वाई2’ (Long March-5B Y2)

  • ‘लॉन्ग मार्च -5 बी वाई2’ (Long March-5B Y2), एक चीनी रॉकेट है।
  • इस रॉकेट का उपयोग चीन, अन्तरिक्ष में अपने स्पेस स्टेशन के निर्माण हेतु कर रहा है।
  • ‘लॉन्ग मार्च -5 बी वाई2’ रॉकेट, हाल ही में चीन के अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण हेतु तीन प्रमुख घटकों में से प्रथम घटक ‘तियान्हे मॉड्यूल' (Tianhe module) को लेकर गया था।
  • हालांकि ‘लॉन्ग मार्च -5 बी वाई2’ रॉकेट अपने मार्ग से अनियंत्रित हो गया था और चीन के कंट्रोल से बाहर हो गया था। यही कारण है कि इस रॉकेट का मलबा मालदीव के उत्तर में हिंद महासागर में गिरा है।
  • यह भी दावा किया जा रहा है कि इस विशालकाय रॉकेट का मलबा भारत तक देखा गया है। भारत में भी कई लोगों ने इस रॉकेट को आकाश में गिरते देखने का दावा किया है।

नासा द्वारा आलोचना

  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने ‘लॉन्ग मार्च -5 बी वाई2’ रॉकेट के मलबे का मालदीव के उत्तर में हिंद महासागर में गिरने को लेकर चीन की आलोचना की है।
  • अमेरिका ने इसे चीन की गैरजिम्मेदारपूर्ण कारवाई कहा है। अमेरिका का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ मानवता के लिए काफी खतरनाक हैं।
  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि चीन मलबे को लेकर मानकों का पालन करने में असफल रहा है। नासा ने जोर देकर कहा कि यह जरूरी है कि चीन और अन्य देश अंतरिक्ष में 'जिम्मेदारी और पारदर्शिता' के साथ काम करें।
  • इसके साथ ही अंतरिक्ष में इन अभियानों को लेकर विभिन्न देशों की अन्तरिक्ष एजेंसियों को और ज्यादा पारदर्शिता बरतनी चाहिए।

चीन का अंतरिक्ष स्टेशन

  • चीन अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण कर रहा है।
  • चीन के अंतरिक्ष स्टेशन का नाम ‘तियांगॉन्ग’ (Tiangong) है।
  • चीन ने तियांगॉन्ग (Tiangong) स्पेस स्टेशन के निर्माण कार्य के पूरा करने का लक्ष्य अगले साल के अंत तक रखा है।
  • तियांगॉन्ग (Tiangong), का जीवनकाल 10 वर्ष का होगा, अर्थात यह वर्ष 2037 तक कार्य करेगा।
  • उल्लेखनीय है कि तियांगॉन्ग, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाद दुनिया का दूसरा अंतरिक्ष स्टेशन होगा।

मालदीव

  • मालदीव, हिन्द महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है।
  • दरअसल यहाँ प्रवाल द्वीप पाये जाते हैं। इसलिए यह देश पर्यावरण के प्रति संवेदनशील है।
  • मालदीव, जनसंख्या और क्षेत्र दोनों ही प्रकार से एशिया का सबसे छोटा देश है।
  • मालदीव की राजधानी माले है।