कोया जनजाति (Koya Tribe) : डेली करेंट अफेयर्स

कोया जनजाति (Koya Tribe)

आंध्र प्रदेश की कोया जनजाति सुर्खियों में है। इसके सुर्खियों में रहने की वज़ह यह है कि इसने हाल ही में गोंडी भाषा दिवस ( Gondi Language Day) मनाया है। कोया जनजाति चाहती है कि उसकी गोंडी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जल्द से जल्द शामिल किया जाए।

गोंडी लैंग्वेज डे मनाते हुए कोया जनजाति के लोगों ने अपनी संस्कृति और भाषा को संरक्षण देने की प्रतिज्ञा भी ली। कोया जनजाति के लोगों ने 21 जुलाई को गोंडी भाषा दिवस के रूप में मनाया है। इस दिवस को मनाने के लिए आदिवासी संक्षेम परिषद ( Adivasi Samkshema parishad) द्वारा आयोजित दिल्ली कन्वेंशन -2018 में निर्णय किया गया था । यह परिषद देश के दक्षिणी , मध्य और उत्तरी भागों में 7 राज्यों में फैले गोंडी भाषा और संस्कृति को संरक्षण देने की दिशा में सक्रिय होकर काम कर रही है।

गोंडी भाषा मुख्य रूप से 7 राज्यों- छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश,गुजरात, तेलंगाना, ओडिशा, मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदायों के बीच बोली जाती है।

कोया ट्राइबल सोसाइटी भी ऐसा ही काम कर रही है।

वहीं भारत सरकार के गृह मंत्रालय के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार इस समय देश में 38 भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग हो रही है।

संविधान की आठवीं अनुसूची में 4 अंतिम भाषाएं वर्ष 2004 में जोड़ी गई थीं । उस वर्ष बोडो ,डोगरी , मैथिली और संथाली भाषा को जोड़ा गया था और तब से लेकर 17 वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी अन्य भाषा को आठवी अनुसूची में नहीं डाला गया है।

कोया जनजाति के बारे में आपको एक विशेष फैक्ट की जानकारी होनी चाहिए कि ये छत्तीसगढ़ में भी निवास करते हैं और वहां नक्सलियों से निपटने के लिए कोया आदिवासियों की भर्ती कर कोया कमांडोज का गठन छत्तीसगढ़ सरकार ने किया था और उन्हें हथियार दिए थे ताकि वो नक्सलियों से लड़ सकें। इसके चलते छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल खड़ा कर दिया था।

गोंडी यूनेस्को के एटलस ऑफ दि वर्ल्ड्स लैंग्वेजेज इन डेंजर में " सुभेद्य ( Vulnerable ) की श्रेणी में रखी गई है।