गेल द्वारा भारत के सबसे बड़े ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट को निर्मित करने का निर्णय : डेली करेंट अफेयर्स

गेल द्वारा भारत के सबसे बड़े ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट को निर्मित करने का निर्णय

स्टेट ओन्ड गेल इंडिया लिमिटेड ने भारत के सबसे बड़े ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट को निर्मित करने का निर्णय किया है। गेल के चैयरमैन और प्रबंध निदेशक मनोज जैन ने हाल ही में सेरा वीक द्वारा आयोजित इंडिया एनर्जी फोरम में इस बात की घोषणा की थी। गेल अब अपने नेचुरल गैस बिजनेस को कार्बन फ्री फ्यूल से जोड़ना चाहता है। गेल ने कहा है कि अगले 12 से 14 माह में भारत के सबसे बड़े ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट को लगा दिया जाएगा। इसके लिए गेल ने 2 -3 स्थानों को भी देखा है जिसमें मध्यप्रदेश का विजयपुर शामिल है। यह 10 मेगावाट का प्लांट होगा।

राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन ...

गौरतलब है कि इसी साल जुलाई माह में यह सूचना आई थी कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) भविष्य में क्‍लीन एनर्जी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी मथुरा रिफाइनरी में देश का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट लगाएगी। लेकिन यह देश का सबसे बड़ा प्लांट नही है , बल्कि देश का पहला ऐसा प्लांट है।

उल्लेखनीय है कि नेशनल थर्मल पॉवर कोऑपरेशन ने भी 5 मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट लगाने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी ने इसी साल अपने जारी अपने 'वर्ल्ड एनर्जी ट्रांज़ीशन आउटलुक" रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2050 तक कुल ऊर्जा मिश्रण में हाइड्रोजन की हिस्सेदारी 12% तक हो जाएगी। एजेंसी ने यह भी सुझाव दिया कि उपयोग किये जाने वाले इस हाइड्रोजन का लगभग 66% हिस्सा प्राकृतिक गैस के बजाय जल से प्राप्त किया जाना चाहिये।

इस समय क्लीन एनर्जी कंपनियों की निगाह विभिन्न रंगों के हाइड्रोजन पर है। हाइड्रोजन के रंग के आधार पर वर्गीकरण में शामिल है : ग्रीन हाइड्रोजन , ब्राउन , ब्लू , येलो , पिंक , ग्रे और टर्कवाईज हाइड्रोजन ( फिरोजा रंग का हाइड्रोजन) ।