फ्यूचर टेक 2021 (Future Tech 2021) : डेली करेंट अफेयर्स

फ्यूचर टेक 2021 (Future Tech 2021)

हाल ही में, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने "फ्यूचर टेक 2021" सम्मेलन का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन किया. "फ्यूचर टेक 2021" डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी है जिसका आयोजन CII (The Confederation of Indian Industry) द्वारा किया जा रहा है। यह सम्मेलन 19 से 27 अक्टूबर 2021 तक चलेगा। इसमें उद्यमियों, उद्योग जगत की हस्तियों और सरकारी अधिकारियों के बीच बातचीत होंगी. बातचीत में इस विषय पर चर्चा होगी कि डिजिटल टेक्नोलॉजी का अर्थव्यवस्था में किस तरह से बेहतरीन उपयोग किया जा सकता है। इस कार्यक्रम की थीम है - "भविष्य के निर्माण के लिए प्रमुख वाहक तकनीक, हम सब भरोसा कर सकते हैं"। इस थीम के तहत पांच मुख्य बिंदुओं पर फोकस किया गया है - रणनीति, विकास, लचीलापन, समावेशिता, और विश्वास।

आर्थिक व्यवस्था का ऐसा फॉर्मेट जिसमें पैसे और धन का ज्यादातर लेन-देन क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिग, मोबाइल पेमेंट और अन्य डिजिटल माध्यमों से किया जाए, डिजिटल अर्थव्यवस्था कहलाती है। 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था के लिये डिजिटल सेवाएँ काफी अहम हो गई हैं। जब नोटबंदी अथवा कोरोना के चलते लॉकडाउन चल रहा था तो वाणिज्यिक लेन-देन के पारंपरिक तरीके काफी बाधित हुए थे। उस वक्त डिजिटल सेवाओं की अहमियत हम सब ने महसूस की।

सरकार द्वारा डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर कई कदम उठाए गए हैं, मसलन गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंसटेक सिटी की स्थापना, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना, डिजिटल जनगणना और ई-न्याय जैसे तमाम कदम शामिल हैं। हालांकि अभी भी देश में इस दिशा में कई स्तरों पर कोशिश की जरूरत बनी हुई है। रेडसीर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में भारत में डिजिटल बाजार से जुड़े ऑनलाइन खरीदारों की संख्या महज 18.5 करोड़ अनुमानित की गई है। इसका मतलब यह हुआ कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले बहुत-से लोग भी अभी डिजिटल अर्थव्यवस्था से दूर हैं। विशेषज्ञ इसकी मुख्य वजह देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था का बुनियादी ढांचा कमजोर होना मानते हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत-कंप्यूटर और इंटरनेट-अधिकांश लोगों की पहुंच से दूर हैं। वित्तीय लेन-देन के लिए डिजिटल भुगतान तकनीकों के प्रति बड़ी संख्या में लोगों में जागरूकता का अभाव है। दूरदराज के इलाकों में अथवा छोटे गांवों में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। साथ ही, मोबाइल ब्रॉडबैंड की स्पीड के मामले में भी देश अभी भी बहुत पीछे है। ऑनलाइन धोखाधड़ी की बढ़ती हुई घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोगों का ऑनलाइन लेन-देन पर विश्वास नहीं बन पा रहा है। यह तमाम ऐसे बिंदु हैं जिन पर अभी भी काम करने की जरूरत है।