ब्लैक टाइगर (Black Tiger) : डेली करेंट अफेयर्स

ब्लैक टाइगर (Black Tiger)

चर्चा में क्यों?

वैज्ञानिकों की एक टीम ने विशिष्ट रूप से सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले ‘काली धारियों वाले बाघों’ की जीनोम डाटा से उनकी कलि धारियों के रहस्य को समझने में सफ़लता प्राप्त की है I

पृष्ठभूमि

सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान में विशिष्ट प्रकार के “काली धारी वालेबाघ पाए जाते हैंI यह इन बाघों का एकमात्र आवास स्थल हैI वज्ञानिकों के एक दल ने जीनोम डाटा के अध्ययन से यह निष्कर्ष निकाला कि केवल एक जीन में उत्क्रमण (म्यूटेशन) के कारण बाघों के शरीर पर विशिष्ट प्रकार की काली धारियाँ पायी जाती हैंI

अध्ययन में दावा किया गया कि बाघों के जीन में हुआ उत्क्रमण प्राकृतिक कारणों से हुआ थाI

छद्म रूप से उत्क्रमित ( म्यूटेंट ) जीन वाले बाघ तीन अन्य नंदनकानन (भुवनेश्वर), भगवान बिरसा मुंडे जैविक पार्क (रांची ) और अरिग्नार अन्ना जूलॉजिकल पार्क (चेन्नई ) चिड़ियाघरों में पाए जाते हैंI

पुराने अनुसंधानों में भारत में पाए जाने वाले बाघों में तीन बड़े उत्क्रमण की पुष्टि हुई थी जो केन्द्रीय भारत, दक्षिण भारत और उत्तर पश्चिम भारत में पाये जाते हैं I

सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान

  • यह राष्ट्रीय उद्यान 4374 वर्ग किलोमीटर में ओडिशा के मयूरभंज जिले में अवस्थित है I इस राष्ट्रीय उद्यान में उष्णकटिबंधीय, अर्द्धसदाबहार वन, उष्णकटिबंधीय नम पर्णपाती वन, शुष्क पर्णपाती वन और घास के मैदान पाए जाते हैं I
  • सिमलीपाल जैव विविधता धनी क्षेत्र है जहाँ 1076 फूलों की प्रजातियाँ और आर्किड की 96 प्रजातियाँ हैंI यहाँ बाघों और हाथियों समेत पक्षियों की 304 प्रजातियाँ, उभयचरों की 20 प्रजातियाँ और सरीसृप प्रजातियाँ निवास करती हैं I
  • 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत इसे शामिल किया गया I
  • 1994 में भारत सरकार द्वारा जैव मण्डल रिजर्व क्षेत्र घोषित किया गया I
  • वर्ष 2009 में यूनेस्को के विश्व नेटवर्क ऑफ़ बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा हैI
  • जलवायु परिवर्तन के कारण हुए वैश्विक तापन से सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान में वनाग्नि की घटनाओं में वृद्धि हुई हैI
  • ओडिशा के अन्य प्रमुख उद्यान – भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान जो लुप्तप्राय खारे पानी का सबसे बड़ा समूह निवास करता है I
  • नंदनकानन वन्यजीव अभयारण्य- सफ़ेद बाघों के लिए प्रसिद्ध है I
  • गहिरमाथा वन्यजीव अभ्यारण्य ओलिव रिडले कछुओं का प्रमुख प्रजनन क्षेत्र हैI
  • चिलिका वन्यजीव अभ्यारण्य – एशिया की सबसे बड़ी और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील हैI
  • लखारी घाटी, कोटगढ़, हदगढ़, बैसीपल्ली और बदरमा अन्य वन्यजीव अभ्यारण्य हैंI