बंगाल फ्लोरिकन पक्षी के संरक्षण के लिए आईयूसीएन का असम सरकार से कम्युनिटी रिजर्व बनाने का आग्रह : डेली करेंट अफेयर्स

बंगाल फ्लोरिकन पक्षी के संरक्षण के लिए आईयूसीएन का असम सरकार से कम्युनिटी रिजर्व बनाने का आग्रह

इंटरनेशनल यूनियन फ़ॉर दि कंजर्वेशन ऑफ नेचर ( आईयूसीएन) ने हाल ही में असम के मुख्यमंत्री को लिखे एक लेटर में निवेदन किया है कि असम स्थित कोकिलाबारी सीड फार्म जोकि बंगाल फ्लोरिकन पक्षियों के लिए स्वर्ग स्थल जैसा है उसको संरक्षण दिया जाय।

आईयूसीएन ने कहा है कि कोकिलाबारी सीड फार्म को असम सरकार द्वारा एक कम्युनिटी रिज़र्व घोषित किया जाना चाहिए। यह सीड फार्म मानस नेशनल पार्क के पास ही पड़ता है और यहां राज्य सरकार ने एक विश्वविद्यालय गठित करने के साथ विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है जिसके चलते आईयूसीएन के मुताबिक बंगाल फ्लोरिकन पक्षी खतरे में पड़ जाएंगे।

मात्र 9 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले कोकिलाबारी सीड फार्म 25 बंगाल फ्लोरिकन और 850 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले मानस नेशनल पार्क में 33 बंगाल फ्लोरिकन हैं । कुल 58 बंगाल फ्लोरिकन के साथ मानस - कोकिलाबारी पृथ्वी पर बंगाल फ्लोरिकन पक्षी के 3 सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के डी एरिंग अभ्यारण्य में 100 और नेपाल के कोशी टप्पू में 100 ऐसे पक्षी हैं।

हाल ही में कई बंगाल फ्लोरिकन पक्षी अरुणाचल प्रदेश के डेइंग एरिंग वन्य जीव अभ्यारण्य में देखे गए हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि आईयूसीएन ने अपने रेड डेटा लिस्ट में बंगाल फ्लोरिकन को अति संकटापन्न के रूप में सूचीबद्ध किया है। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के मुताबिक इस अभ्यारण्य में करीब 100 बंगाल फ्लोरिकन हैं।

बंगाल फ्लोरिकन को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम , 1972 के तहत शेड्यूल वन स्पीशीज घोषित किया गया है यह अपने "मेटिंग डांस" के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह एक ग्रासलैंड स्पीशीज है जो भारत में मुख्यतया उत्तर प्रदेश के दुधवा , किशनपुर और पीलीभीत रिजर्व में , असम के मानस , ओरंग और काज़ीरंगा रिजर्व में और अरुणाचल प्रदेश के डेइंग एरिंग वन्य जीव अभ्यारण्य में और पश्चिम बंगाल के जलदपारा नेशनल पार्क में पाया जाता है। भारतीय उपमहाद्वीप में ये केवल भारत और नेपाल और दक्षिण पूर्वी एशिया के वियतनाम और कम्बोडिया में ही पाया जाता है।