बासमती चावल (Basmati Rice) : डेली करेंट अफेयर्स

बासमती चावल (Basmati Rice)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में एपीडा ने बासमती एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन के साथ मिलकर बासमती चावल उत्पादकों के लिए जागरूकता अभियान चलाया है।

बासमती चावल के जीआई टैग (GI tag) का ...

प्रमुख बिन्दु

  • भारत की आजादी के 75 साल या 'आजादी का अमृत महोत्सव' के राष्ट्रव्यापी उत्सव के एक हिस्से के रूप में, एपीडा ने बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (बीईडीएफ) के सहयोग से बासमती धान की खेती में रसायनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल के बारे में किसानों को जागरूक करने का यह अभियान चलाया है।
  • इस जागरूकता अभियान के माध्यम से किसानों को इस बात की जानकारी दी जाएगी कि बासमती चावल की खेती एक भारतीय परंपरा है और इस परंपरा को बनाए रखना एक सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि वैश्विक बाजार में बासमती चावल की भारी मांग है।
  • इस अभियान के दौरान किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली बासमती का उत्पादन करने के लिए सही मात्रा में रसायनों और उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी गई ताकि उन्हें दुनिया में बासमती चावल की मांग बढ़ाने में मदद मिल सके और उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके।
  • एपीडा, बीईडीएफ के जरिए बासमती चावल की खेती को बढ़ावा देने में राज्य सरकारों की सहायता करता रहा है।
  • एपीडा ने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किसानों को प्रमाणित बीजों के साथ-साथ रासायनिक उर्वरक के वैज्ञानिक उपयोग का भी सुझाव दिया है ताकि बासमती चावल का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके जिससे देश से बासमती चावल के निर्यात को और बढ़ावा मिले।
  • उल्लेखनीय है कि भारत ने 2020-21 में 29,849 करोड़ रुपये (4019 मिलियन अमेरिकी डॉलर) मूल्य का 4.63 मिलियन टन बासमती चावल का निर्यात किया है।
  • एपीडा, मूल्य श्रृंखला में मौजूद विभिन्न हितधारकों के सहयोग से चावल के निर्यात को बढ़ावा देता रहा है। भारत सरकार ने एपीडा के तत्वावधान में चावल निर्यात संवर्धन फोरम (आरईपीएफ) की स्थापना की है। आरईपीएफ में चावल उद्योग, निर्यातकों, एपीडा के अधिकारियों, वाणिज्य मंत्रालय और पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों के कृषि निदेशकों का प्रतिनिधित्व है।

बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (बीईडीएफ)

  • बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (बीईडीएफ), भारत से बासमती चावल के निर्यात को बढ़ावा देती है।
  • यह फाउंडेशन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की एक शाखा है।
  • बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (बीईडीएफ), भारत में निर्यात को बढ़ावा देने हेतु बासमती चावल की खेती में संलग्न किसानों को जागरूक बनाने के लिए अभिनव कदम उठाती है।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा)

  • कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (Agriculture and Processed Food Products Export Development Authority- APEDA) की स्थापना दिसंबर, 1985 में संसद द्वारा पारित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा की गई थी।
  • एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन स्थापित एक प्राधिकरण है।
  • इसे फल, सब्जियों और उनके उत्पाद, मांस और मांस उत्पाद, पॉल्ट्री उत्पाद, डेयरी उत्पाद, कन्फेक्शनरी, बिस्कुट और बेकरी उत्पाद, शहद, गुड़ और चीनी उत्पाद, कोको आदि उत्पादों के निर्यात संवर्धन और विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • इसके अतिरिक्त, एपीडा को सभी प्रकार के चॉकलेट, मादक और गैर-मादक पेय, अनाज और अनाज उत्पाद, मूंगफली और अखरोट, अचार, पापड़ और चटनी, ग्वार गम, फूल और फूल उत्पाद, हर्बल और औषधीय पौधे जैसे उत्पादों के निर्यात संवर्धन और विकास की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।