बाओ धान : असम का लाल चावल : डेली करेंट अफेयर्स

बाओ धान : असम का लाल चावल

चर्चा में क्यों?

  • भारत की चावल निर्यात क्षमता को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में “लाल चावल” की पहली खेप को संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए रवाना कर दिया गया है।

बाओ धान या असम के लाल चावल के बारे में

  • चावल की इस किस्म को “बाओ धान” कहते हैं।
  • यह चावल आयरन के साथ- साथ एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है।
  • इस चावल के लाल रंग का होने का कारण इसमें पाया जाने वाला एंथोसाइनिन (anthocyanin) नामक पदार्थ होता है।
  • इसकी पैदावार असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में होती है।
  • इसे किसी भी रासायनिक उर्वरक के इस्तेमाल के बिना उगाया जाता है।
  • यह आसमिया भोजन का एक महत्वपूर्ण अंग है।
  • बाओ धान चावल का निर्यात, प्रमुख चावल निर्यातक ‘एलटी फूड्स’ द्वारा किया जा रहा है।
  • लाल चावल की इस खेप को एपीडा (एपीईडीए) के अध्यक्ष डॉ एम अंगमुथु ने हरियाणा के सोनीपत से रवाना किया।

लाभ

  • इस लाल चावल के निर्यात में वृद्धि होने के साथ ही इससे ब्रह्मपुत्र के बाढ़ वाले मैदानी इलाकों के किसान परिवारों की आय में बढ़ोत्तरी होगी।
  • भारत सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दुगना करना है। इस लक्ष्य को पाने हेतु कृषि उत्पादों(यथा- बाओ धान चावल आदि) के निर्यात में बढ़ोत्तरी होना अति आवश्यक है।
  • गौरतलब है कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य भारत की एक्ट ईस्ट नीति का प्रमुख हिस्सा हैं। इसलिए भारत सरकार इन राज्यों के विकास में प्रमुख तौर पर ध्यान दे रही है। इसी के चलते भारत सरकार यहाँ के कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दे रही है।
  • कृषि क्षेत्र के विकास से भारत में प्रच्छन्न बेरोजगारी की भी समस्या दूर होगी।
  • पूर्वोत्तर राज्यों में विकास के बढ़ने से यहाँ अलगाववाद की समस्या भी कम होगी, जो भारत की आंतरिक सुरक्षा व राष्ट्रीय अखंडता के लिए खतरा बनी हुई है।

चावल निर्यात संवर्धन मंच (आरईपीएफ)

  • भारत सरकार ने एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवेलपमेंट अथॉरिटी(एपीडा) के अंतर्गत चावल निर्यात संवर्धन मंच (Rice Export Promotion Forum- REPF) की स्थापना की है।
  • आरईपीएफ चावल उद्योग, निर्यातकों, एपीईडीए, वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों और पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा सहित प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों के निदेशकों का प्रतिनिधित्व करता है।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा)

  • कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (Agriculture and Processed Food Products Export Development Authority- APEDA) की स्थापना दिसंबर, 1985 में संसद द्वारा पारित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा की गई थी।
  • एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन स्थापित एक प्राधिकरण है।
  • इसे फल, सब्जियों और उनके उत्पाद, मांस और मांस उत्पाद, पॉल्ट्री उत्पाद, डेयरी उत्पाद, कन्फेक्शनरी, बिस्कुट और बेकरी उत्पाद, शहद, गुड़ और चीनी उत्पाद, कोको और इसके उत्पाद, सभी प्रकार के चॉकलेट, मादक और गैर-मादक पेय, अनाज और अनाज उत्पाद, मूंगफली और अखरोट, अचार, पापड़ और चटनी, ग्वार गम, फूल और फूल उत्पाद, हर्बल और औषधीय पौधे जैसे उत्पादों के निर्यात संवर्धन और विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।