आयुष-64 और काबासुरा कुडिनीर (AYUSH 64 & Kabasura Kudineer) : डेली करेंट अफेयर्स

आयुष-64 और काबासुरा कुडिनीर (AYUSH 64 & Kabasura Kudineer) का राष्ट्रव्यापी वितरण अभियान

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने आयुष-64 और काबासुरा कुडिनीर (AYUSH 64 & Kabasura Kudineer) औषधियों के राष्ट्रव्यापी वितरण का अभियान शुरू किया है।

प्रमुख बिन्दु

  • देश में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का मजबूती से मुकाबला करने के लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने अपनी पॉली हर्बल औषधि (poly herbal Ayurvadic drugs) आयुष-64 और काबासूरा कुडिनीर के राष्ट्रव्यापी वितरण का अभियान शुरू किया है।
  • इन औषधियाँ को कोविड-19 संक्रमित रोगियों (जो अस्पताल में भर्ती नहीं हैं) को राष्ट्रीय स्तर पर वितरित किया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि इन दवाओं की उपयोगिता और प्रभावशीलता बहु-केंद्रीय क्लीनिकल परीक्षणों (multi-centre clinical trials) के माध्यम से साबित हो चुकी है।
  • भारत सरकार के आयुष मंत्रालय का कहना है कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि दवाएँ पारदर्शी तरीके से ज़रूरतमंदों तक पहुँचे। इसके अतिरिक्त, इस अभियान में मुख्य सहयोगी के रूप में ‘सेवा भारती’ (Sewa Bharati) संस्था को भी जोड़ा गया है।
  • दरअसल कोविड-19 के हल्के और मध्यम संक्रमण के इलाज में कारगर इन औषधियों के देशव्यापी वितरण की एक व्यापक रणनीति बनाई गई है जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में काम करने वाले विभिन्न संस्थानों के व्यापक नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा, जिसमें सेवा भारती का देशव्यापी नेटवर्क प्रमुख तौर पर अपना योगदान देगा।

‘आयुष-64’(AYUSH-64) औषधि

  • ‘आयुष 64’ दवा, सप्तपर्ण (Alstonia scholaris), कुटकी (Picrorhiza kurroa), चिरायता (Swertia chirata) एवं कुबेराक्ष (Caesalpinia crista) औषधियों से बनी है।
  • यह व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर बनाई गयी है और सुरक्षित तथा प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है।
  • इस दवाई को लेने की सलाह आयुर्वेद एवं योग आधारित नेशनल क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल (National Clinical Management Protocol) द्वारा भी दी गयी है।
  • उल्लेखनीय है कि ‘आयुष 64’ औषधि या दवा को आयुष मंत्रालय की केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा विकसित किया गया है।

‘आयुष-64’(AYUSH-64) औषधि का क्लीनिकल परीक्षण

  • कुछ दिनों पूर्व भारत सरकार के आयुष मंत्रालय तथा सीएसआईआर (CSIR) ने मध्यम कोविड-19 संक्रमण हेतु ‘आयुष-64’(AYUSH-64) की प्रभावकारिता और इसके सुरक्षित होने का मूल्यांकन करने के लिए एक व्यापक और गहन नैदानिक (क्लीनिकल) परीक्षण पूरा किया गया था।
  • इस परीक्षण में पाया गया कि ‘आयुष 64’ दवा हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के लिए लाभकारी है।
  • इस प्रकार कोविड-19 महामारी के विश्वव्यापी कहर के बीच ‘आयुष 64’ दवा हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के रोगियों के लिए आशा की एक किरण के रूप में उभरी है।

केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएएस)

  • केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद् (Central Council for Research in Ayurvedic Sciences -CCRAS), भारत सरकार के आयुष मंत्रालय (आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध एवं होम्योपैथी) के अंतर्गत एक स्वायत्तशासी निकाय है।
  • यह भारत में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में वैज्ञानिक विधि से शोध कार्य प्रतिपादित करने, उसमें समन्वय स्थापित करने, उनका विकास करने एवं उसे समुन्नत करने हेतु एक शीर्ष राष्ट्रीय निकाय है।