लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय के गठन को मंजूरी : डेली करेंट अफेयर्स

लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय के गठन को मंजूरी

जम्मू कश्मीर राज्य पुनर्गठन अधिनियम के आने और धारा 370 के हटने के बाद से लेह लद्दाख क्षेत्र के विकास के लिए भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं । इसी कड़ी में हाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 750 करोड़ रुपए की लागत से लद्दाख में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के गठन को मंजूरी दी है ।

विश्वविद्यालय का पहला चरण 4 वर्षों में पूरा हो जाएगा । लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम , 2009 में संशोधन किया जाएगा।

लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और इस क्षेत्र के बौद्धिक विकास में मदद मिलेगी। यह प्रस्तावित विश्वविद्यालय इस क्षेत्र के अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगा।

इस केंद्रीय विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार ( Jurisdiction) में लेह और कारगिल सहित समूचा लद्दाख क्षेत्र आएगा। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख के विकास परियोजनाओं को मजबूती देने के लिए एक एकीकृत बहुउद्देश्यीय निगम ( Integrated multipurpose corporation ) के गठन की भी घोषणा कर दी है। यह निगम लद्दाख में उद्योगों , पर्यटन , परिवहन सेवाओं के विकास की देख रेख करेगा और साथ ही स्थानीय उत्पादों और हैंडीक्राफ्ट की मार्केटिंग के लिए भी कार्य करेगी। यह लद्दाख में सबसे मुख्य अवसंरचना निर्माण अभिकरण ( primary infrastructure construction agency) के रूप में काम करेगा ।

इस कारपोरेशन को 25 करोड़ रुपए के अधिकृत शेयर कैपिटल ( authorised share capital) से कंपनीज एक्ट के तहत गठित किया जाएगा। अप्रैल , 2021 में भारत के वित्त मंत्रालय के कमिटी ऑन इस्टैब्लिशमेंट एक्सपेंडिचर के द्वारा ऐसे कारपोरेशन के गठन के लिए सिफारिश की गई थी।