यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (01 अगस्त 2020)


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में म्यांमार ने चीन की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना ‘बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) के हिस्सा यांगून मेगा सिटी प्रोटेक्ट में अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों को शामिल करने का निर्णय लिया है।

Myanmar Pushes Back Against BRI

पृष्ठभूमि

  • म्यांमार की सरकार ने यांगून मेगा सिटी प्रोजेक्ट में चीन की कम्पनियों के अतिरिक्त अन्य विदेशी कम्पनियों को निवेश करने हेतु आमंत्रित किया है।
  • माना जा रहा है कि म्यांमार सरकार ने यह निर्णय चीन की यांगून मेगा सिटी प्रोजेक्ट में उदासीनता को लेकर लिया है।
  • वर्ष 2020 की शुरूआत में चीन ने अपनी बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव परियोजना के तहत यांगून मेगा सिटी प्रोजेक्ट में निवेश की सहमति जतायी थी।
  • म्यांमार सरकार के इस निर्णय को चीन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव परियोजना के बारे में

  • चीन ने बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव परियोजना की शुरूआत वर्ष 2013 में की थी। पहले इस परियोजना का नाम वन बेल्ट वन रोड परियोजना था , बाद में सन् 2016 में बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) नाम दिया गया।
  • चीन ए बीआरआई के तहत आधारभूत ढाँचा और परिवहन मार्गों (जल व थल) को विकसित करना चाहता है ताकि उसकी सड़क, रेल एवं समुद्री मार्गों से यूरोप, अफ्रीका, एशिया आदि तक आसान पहुँच सुनिश्चित हो सके।
  • बीआरआई के तहत चीन सड़क, रेल, बंदरगाह, पाइपलाइन, आर्थिक कॉरिडोर एवं अन्य बुनियादी संरचनाओं को विभिन्न देशों में विकसित कर रहा है।
  • चीन इस परियोजना के द्वारा प्राचीन सिल्क मार्गों को भी पुनर्जीवित करना चाहता है।
  • वर्तमान में चीन में विश्व का सबसे अधिक विनिर्माण होता है अर्थात् चीन पूरे विश्व के लिए एक प्रमुख उत्पादन केंद्र है। इसलिए चीन एशिया, यूरोप, अफ्रीका आदि के देशों तक अपनी भूमि व समुद्री कनेक्टिविटी बढ़ाकर अपने निर्यात को एक अलग स्तर पर ले जाना चाहता है अर्थात् चीन अपने यहाँ उत्पादित माल का अधिक से अधिक निर्यात करना चाहता है।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि बीआरआई परियोजना चीन के उत्पादन केंद्रों को विश्व की लगभग 70% जनसंख्या और 75% ज्ञात ऊर्जा भण्डारों से जोड़ने का कार्य करेगी।

भारत और बीआरआई

  • भारत, चीन की बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव परियोजना का भागीदार नहीं है, क्योंकि बीआरआई परियोजना का एक हिस्सा ‘चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा’ (सीपेक) पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरता है जिसे भारत अपनी सस्म्प्रभुता का उल्लंघन मानता है।
  • चीन अपनी बीआरआई परियोजना के द्वारा ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल’ की नीति से भारत को हिन्द महासागर में घेरने का कार्य कर रहा है।
  • भारत का मानना है कि चीन अपनी इस परियोजना के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपना भू-राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है।

अर्थव्यवस्था के बुनियादी क्षेत्र (कोर इंडस्ट्री)

चर्चा में क्यों?

  • अर्थव्यवस्था के बुनियादी क्षेत्र के उत्पादन में जून महीने में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि इसके पहले महीने में 22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

संबन्धित जानकारी

  • देशव्यापी बंदी की वजह से उद्योग मजदूरों की कमी, मांग में कमी और नकदी के संकट से जूझ रहे हैं, जिसका सीधा प्रभाव उनके उत्पादन पर पड़ रहा है।
  • आंकड़ों के मुताबिक मई 2020 में उर्वरक को छोड़कर सभी सात क्षेत्रों - कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, इस्पात, सीमेंट, और बिजली में नकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है।
  • आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन लगातार पिछले चार माह से नकारात्मक वृद्धि कर रहा है हालांकि जून 2020 में गिरावट 15% रही जो मई में 22% की गिरावट से कुछ कम थी।

क्या होते है अर्थव्यवस्था के बुनियादी क्षेत्र?

  • अर्थव्यवस्था के बुनियादी क्षेत्र में उन उद्योगों को रखा जाते है जो देश की अर्थव्यवस्था रीढ़ होते है तथा इनकी विकास दर में कमी या बढोत्‍तरी बताती है कि किसी देश की अर्थव्‍यवस्‍था की बुनियाद की हालत कैसी है?
  • अर्थव्यवस्था के बुनियादी क्षेत्र में अधिकतर ऐसे उद्योगों को शामिल किया जाता है जिनके स्थापना से अन्य उद्योगों की स्थापना का आधार बनती है।
  • ज्यादातर देशों में विशेष उद्योग स्थापित हैं जो अन्य सभी उद्योगों की रीढ़ (Backbone) माने जाते हैं तथा कोर उद्योग होने के योग्य प्रतीत होते हैं।
  • आठ प्रमुख उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली शामिल हैं।
  • औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में इन आठ उद्योगों की हिस्सेदारी 40.27 प्रतिशत है।
  • उनके भार के घटते क्रम में आठ कोर उद्योग:
  1. रिफाइनरी उत्पाद - 28.04%
  2. बिजली - 19.85%
  3. स्टील - 17.92%
  4. कोयला - 10.33%
  5. कच्चा तेल - 8.98%
  6. प्राकृतिक गैस - 6.88%
  7. सीमेंट - 5.37%
  8. उर्वरक - 2.63%

बेईदोउ नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम

चर्चा में क्यों?

  • चीन ने देश के स्वदेशी नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम (बीडीएस) बेइदोऊ-3 की पूर्ण वैश्विक सेवाओं की औपचारिक शुरुआत कर दी है।
  • चीन की यह नेवीगेशन प्रणाली अमेरिकी के ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) को टक्कर दे सकती है।

BeiDou Navigation Satellite System (BDS)

बेईदोउ सैटेलाइट सिस्टम क्या है?

  • चीन के बेइदोऊ नेविगेशन परियोजना की शुरुआत 1990 के दशक के आरंभ में की गई थी।
  • इस प्रणाली ने 2000 से चीन के भीतर सैटेलाइट नेविगेशन की सुविधा प्रदान करना शुरू कर दिया था।
  • 2012 में चीन ने इसका विस्तार एशिया प्रशांत क्षेत्र में जीपीएस सेवाएँ प्रदान करने के लिए किया जाने जाने लगा।
  • इस पूरी प्रणाली में 35 उपग्रहों को स्थापित किया गया है और इसके तीसरी पीढ़ी के उपग्रहों के उन्नयन के साथ यह प्रणाली वैश्विक कवरेज प्रदान करने के लिए तैयार है।

महत्व

  • इससे चीन की सेना को स्वतंत्र नेवीगेशन सुविधा मुहैया होंगी।
  • इससे चीन अपनी मिसाइलों को निर्देशित करने के लिए जीपीएस के बदले अपने नेवीगेशन प्रणाली का इस्तेमाल कर सकता है।
  • पाकिस्तान इस प्रणाली का पहले से ही इस्तेमाल कर रह है। साथ ही चीन अपनी बैल्ट एंड रोड परियोजना (बीआरआई) में शामिल देशों को भी इसके उपयोग के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
  • बेइदोऊ प्रणाली को रूस के ग्लोनास और यूरोपीय संघ के गैलीलियो सिस्टम और अमेरिका के जीपीएस के लिए एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

अन्य वैश्विक नेविगेशन सिस्टम

  • वर्तमान में चीन के बेईदोउ अलावा तीन अन्य वैश्विक नेविगेशन प्रणालियां कार्यरत हैं:
  • अमेरिका का जीपीएस सिस्टम
  • रूस का ग्लोनास
  • यूरोपियन संघ का गैलीलियो
  • इनके अलावा दो क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणालिया भी है:
  1. भारत का नाविक (IRNSS)
  2. जापान का QZSS

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन - 2020

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन -2020’ के ग्रैंड फिनाले को संबोधित किया ।

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन - 2020 (Smart India Hackathon SIH 2020)

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन क्या है?

  • स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन एक राष्ट्रव्यापी पहल है जो छात्रों को दैनिक जीवन में आने वाली बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
  • यह उत्पाद नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देता है और समस्या को सुलझाने की मानसिकता विकसित करता है।
  • स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन हमारे देश के सामने आने वाली चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकालने और विघटनकारी डिजिटल प्रौद्योगिकी नवाचारों की पहचान करने के लिए एक अनूठी पहल है।
  • यह एक नॉन-स्टॉप डिजिटल उत्पाद विकास प्रतियोगिता है, जहां नवीन समाधान सुझाने के लिए प्रौद्योगिकी छात्रों को समस्याएं दी जाती हैं।
  • स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जो कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की फ्लैगशिप पहल है , जो अब दुनिया के सबसे बड़े ओपन इनोवेशन मॉडल में विकसित हो गई है।
  • स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का भी एक उत्तम उदहारण है।
  • स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017 के पहले संस्करण में 42,000 छात्रों की भागीदारी देखी गई जो 2018 में बढ़कर 1 लाख और 2019 में 2 लाख के पार हो गई।

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन – 2020 के बारे में

  • स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन हैकाथॉन है जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों और उद्योगों की जटिल समस्याओं का तकनीकी संसाधनों की मदद से नए और प्रभावी समाधान निकलना है।
  • इस हैकाथॉन के लिए छात्रों के विचारों की स्क्रीनिंग कॉलेज स्तर के एक हैकाथॉन के द्वारा जनवरी में ही की गई थी, उसके बाद कॉलेज स्तर पर जो टीमें जीती थीं उनको राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश दिया गया. इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों और मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा विचारों की स्क्रीनिंग की गई और अब जो टीमें शॉर्टलिस्ट की गई है वो ग्रैंड फिनाले में प्रतिस्पर्धा करेंगी।
  • कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के ग्रैंड फिनाले का आयोजन देश भर के सभी प्रतिभागियों को एक विशेष प्लेटफार्म पर ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा है।
  • स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 के पहले दौर में 4.5 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया।
  • इस वर्ष सॉफ्टवेयर संस्करण का ग्रैंड फिनाले पूरे देश में सभी प्रतिभागियों को एक विशेष रूप से निर्मित उन्नत प्लेटफॉर्म पर एक साथ जोड़कर ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है। 37 केंद्रीय सरकारी विभागों, 17 राज्य सरकारों और 20 उद्योगों की 243 समस्याओं को हल करने के लिए 10,000 से अधिक छात्र प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न (MCQ Quiz for Prelims Exam)

प्रश्न- ‘बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

1- चीन ने बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव परियोजना की शुरूआत वर्ष 2013 में की थी।
2- भारत इस परियोजना का हिस्सा नहीं है।

उपरोक्त में से कौन साधसे कथन सहीं है/हैं

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 न ही 2

उत्तर (c)

व्याख्या- चीन ने बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव परियोजना की शुरूआत वर्ष 2013 में की थी। पहले इस परियोजना का नाम वन बेल्ट वन रोड परियोजना था। बीआरआई के तहत चीन सड़क, रेल, बंदरगाह, पाइपलाइन, आर्थिक कॉरिडोर एवं अन्य बुनियादी संरचनाओं को विभिन्न देशों में विकसित कर रहा है। भारत, चीन की बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव परियोजना का भागीदार नहीं है, क्योंकि बीआरआई परियोजना का एक हिस्सा ‘चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा’ (सीपेक) पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरता है जिसे भारत अपनी सस्म्प्रभुता का उल्लंघन मानता है।

प्रश्न: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में आठ प्रमुख उद्योगों की हिस्सेदारी 40.27 प्रतिशत है।
2. सर्वाधिक हिस्सेदारी विद्युत उद्योग के पास है।
3. सबसे कम हिस्सेदारी सीमेंट उद्योग की है।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही नहीं है/हैं?

(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)

व्याख्या: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में आठ प्रमुख उद्योगों की हिस्सेदारी 40.27 प्रतिशत है। घटते क्रम में इनकी हिस्सेदारी है: रिफाइनरी उत्पाद (28.04%)> बिजली (19.85%)> स्टील (17.92%)> कोयला (10.33%)> कच्चा तेल (8.98%)> प्राकृतिक गैस (6.88%)> सीमेंट (5.37%)> उर्वरक (2.63%)।

प्रश्न: वैश्विक नेविगेशन सिस्टम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. चीन की बेइदोऊ नेविगेशन प्रणाली विश्व की चौथी वैश्विक नेविगेशन प्रणाली है।
2. विश्व की चार नेविगेशन प्रणालियों में भारत की नाविक प्रणाली भी शामिल है।
3. ग्लोनास रूस की नेविगेशन प्रणाली है।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही नहीं है/हैं?

(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)

व्याख्या:

  • चीन के बेईदोउ नेविगेशन प्रणाली के अलावा तीन अन्य वैश्विक नेविगेशन प्रणालियां हैं: अमेरिका का जीपीएस सिस्टम; रूस का ग्लोनास और यूरोपियन संघ का गैलीलियो।
  • इनके अलावा दो क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणालिया भी है: भारत की नाविक प्रणाली (IRNSS) और जापान का QZSS

प्रश्न: स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन – 2020 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जो कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की फ्लैगशिप पहल है।
2. यह दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन हैकाथॉन है जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों और उद्योगों की जटिल समस्याओं का तकनीकी संसाधनों की मदद से नए और प्रभावी समाधान निकलना है।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सहीं है/हैं?

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 न ही 2

उत्तर: (c)

व्याख्या : स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन एक राष्ट्रव्यापी पहल है जो छात्रों को दैनिक जीवन में आने वाली बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जो कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की फ्लैगशिप पहल है , जो अब दुनिया के सबसे बड़े ओपन इनोवेशन मॉडल में विकसित हो गई है। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन हैकाथॉन है जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों और उद्योगों की जटिल समस्याओं का तकनीकी संसाधनों की मदद से नए और प्रभावी समाधान निकलना है।