वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट - समसामयिकी लेख

सन्दर्भ

हाल ही में वायु गुणवत्ता का आकलन करने वाली स्विस संस्था आईक्यूएयर द्वारा "वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट " को जारी किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार विश्व के शीर्ष 30 सर्वाधिक प्रदूषित शहरो में 22 शहर भारत के हैं।

परिचय

हाल ही में स्विस संस्था आईक्यूएवार द्वारा जारी "वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट " में सम्पूर्ण विश्व के वायु प्रदूषण के गुणवत्ता पर रिपोर्ट जारी की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार विश्व के शीर्ष 30 देशो में भारत के 22 शहर सम्मिलित हैं इनमे देश की राजधानी दिल्ली भी है। रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण मानव जीवन को अत्यंत खतरा है।

रिपोर्ट के मुख्य विन्दु

  • इस रिपोर्ट के अनुसार चीन का शिनजियांग विश्व का सर्वाधिक प्रदूषित शहर है।
  • विश्व के शीर्ष 10 प्रदूषित शहरो में शिनजियांग के उपरान्त अन्य 9 शहर भारत के हैं।
  • भारतीय शहरो में गाजियाबाद सर्वाधिक प्रदूषित है तथा विश्व में दुसरे स्थान पर है।
  • दिल्ली सम्पूर्ण विश्व की सर्वाधिक प्रदूषित राजधानी है तथा वैश्विक स्तर पर 10 वे स्थान पर है।
  • रिपोर्ट ने यह भी बताया है कि दिल्ली में पिछले आकलन से 15% कम प्रदूषण स्तर प्राप्त हुआ है।
  • महामारी के फलस्वरूप हुए लाकडाउन के कारण विश्व स्तर पर लगभग 84 % देशो के वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है
  • इस रिपोर्ट में आकलन का मुख्य आधार पीएम 2.5 रहा है जबकि कुल 106 देशो के वायुप्रदूषण स्तर का अध्ययन किया गया है।
  • सम्पूर्ण विश्व के लगभग 50% प्रदूषित शहर भारत ,चीन ,पाकिस्तान तथा बांग्लादेश में हैं।

भारत में वायु प्रदूषण की स्थिति

  • भारत में वायु प्रदूषण की स्थिति अत्यंत दयनीय है जो भारतीय नागरिकों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण भारतीयों की जीवन प्रत्याशा में औसतन 3 वर्ष की कमी आ रही है
  • भारत की आधी से अधिक आबादी ऐसे स्थानों पर निवास हेतु बाध्य है जहाँ पर पार्टिकुलेट कण प्रदूषण भारत के सुरक्षित मानकों से ऊपर है।
  • गंगा और यमुना को दुनिया की 10 सबसे प्रदूषित नदियों में सम्मिलित हैं।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में पीएम -2.5 की 84.1 प्रति घनमीटर वायु की सांद्रता रही है तथा लगभग 54000 लोगों की आसमयिक मृत्यु वायुप्रदूषण से हुई है। परन्तु भारत के लिए यह अच्छा संकेत है कि गतवर्ष से पीएम-2.5 का औसत लगभग 11% कम रहा।

भारत में वायु प्रदूषण को कम करने के उपाय

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ;-

  • केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), एक सांविधिक संगठन है। इसका गठन जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अधीन सितंबर, 1974 में किया गया था। इसके अलावा, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम,1981 के अधीन भी शक्तियां और कार्य सौंपे गए।
  • यह पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एक फील्ड संघटन का काम करता है तथा मंत्रालय को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के उपबंधों के बारे में तकनीकी सेवाएं भी प्रदान करता है।

राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम

  • भारत में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम निम्न उद्येश्यों हेतु चलाया जाता है
  • भारत में, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (cpcb) ,राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम (NAMP) को क्रियान्वित कर रहा है।

भारत में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम (एनएएमपी) निम्न उद्येश्यों हेतु चलाया जाता है :

  • परिवेशी वायु गुणवत्ता की स्थिति और रुझान निर्धारित करने के लिए
  • NAAQS के अनुपालन का पता लगाने के लिए
  • वातावरण में स्वच्छता की प्राकृतिक प्रक्रिया को समझने के लिए
  • निवारक और सुधारात्मक उपाय करने के लिए।

राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS)

  • राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) को वर्ष 1982 में अधिसूचित किया गया। इसे 12 प्रदूषकों के आधार पर तैयार किया गया था। वे सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), पार्टिकुलेट मैटर 10 (PM10) ,पार्टिकुलेट मैटर 2.5 (PM 2.5), ओजोन, लेड, कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), आर्सेनिक, निकल , बेंजीन, अमोनिया, बेंजोपाइरीन हैं

राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक

  • देश के बड़े शहरो के प्रदूषण के रियल टाइम मापन के उद्देश्य से इसे 2015 में लांच किया गया था।
  • यह आठ प्रदूषणकारी तत्वों - पीएम 10 ,पीएम 2.5 , नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड , ओजोन , अमोनिया , सल्फर डाई ऑक्साइड , कार्बन मोनो ऑक्साइड तथा लेड के आधार पर वायु गुणवत्ता की 6 श्रेणियों में बांटा गया है
  • वायु गुणवत्ता की श्रेणिया अच्छी (0 से 50),संतोषजनक (51-100),सामान्य प्रदूषित (101-200),ख़राब (201-300),बहुत खराब (301-400),गंभीर (401-500) है

अन्य महत्वपूर्ण पहल

  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के नेतृत्व से भारत सम्पूर्ण विश्व को नवीकरणीय ऊर्जा का महत्व बता रहा है इसके साथ ही भारत ने जलवायु समझौते में अपने लक्ष्य को स्वयं बढ़ाकर 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा है।
  • नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान को एनवायरनमेंट फ्रेंडली, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के उद्देश्य से लाया गया था। जिससे 2020 तक 1.5 % कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सके।
  • राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण पर्यावरण की रक्षा हेतु स्थापित एक अर्धन्यायिक निकाय है जिसकी की स्थापना राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अधिनियम 2010 में की गई। यह ।
  • उज्ज्वला योजना के अंतर्गत रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कर सरकार इंडोर प्रदूषण को कम करने का प्रयास कर रही है।

जनता द्वारा हो सकने वाले प्रयास

लोगो को जनसँख्या नियंत्रण, वृक्षारोपण, निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक वाहनों का उपयोग, पराली को जलाने से बचना, वनो की कटाई न करना, घरेलू ईंधन का कम उपयोग, वनो की कटाई न करना , सरकारी योजनाओ का पालन जैसे कार्यो के द्वारा व्यवाहरिक परिवर्तन करना होगा :

निष्कर्ष

भारत में पर्यावरणीय संकट और बहुआयामी है जिसे विभिन्न मोर्चों पर और विभिन्न कारकों द्वारा संबोधित किया जाना है। हमें निर्माण, ऊर्जा, जल प्रबंधन, औद्योगिक उत्पादन और परिवहन में पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों को विकसित करने और बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक और सामाजिक.वैज्ञानिक विशेषज्ञता उपयोग की आवश्यकता है। इसके साथ ही यह भी कहना होगा कि भारत अपने प्रदूषण स्तर को पिछले वर्षो से लगातार सुधार रहा है जो भारत के अभूतपूर्व प्रदर्शन के कारण संभव हो सका है।

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3
  • पर्यावरण तथा प्रौद्योगिकी
  • संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

मुख्य परीक्षा प्रश्न :

  • भारत में वायु प्रदूषण जिसे विभिन्न मोर्चों पर और विभिन्न कारकों से सम्बंधित है। क्या भारत अपने वायु प्रदूषण की चुनौतियों के निदान हेतु प्रयासों में सफल हो रहा है?