यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नम्बर - समसामयिकी लेख

चर्चा में क्यों?

केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही सभी लैंड होल्डिंग्स के लिए इस यूनिक लैंड पर्सेल आइडेंटिफिकेशन नम्बर का आरम्भ किया जाएगा।

परिचय

  • केंद्र सरकार द्वारा देश के प्रत्येक भूखंड को 14 अंकों की पहचान संख्या जारी करने योजना आरम्भ करने का पहल किया जा रहा है ।इस योजना में प्रत्येक भूखंडो को यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) जारी किया जाएगा।
  • इस नंबर को जमीनों का "आधार नंबर" कहा जा रहा है। इस पहल को वर्ष 2021 में 10 राज्यों में शुरू किया गया जायेगा तथा मार्च 2022 तक इसे देश भर में लागू किया जाएगा। इस योजना से भूमि रिकॉर्ड सम्बन्धी कार्यविधियों में एफिसिएंसी बढ़ने के संकेत हैं
  • इस पहल के पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार ने खसरा -खतौनी के आधार पार भूमि के 16 अंको का एक नंबर तैयार किया था

यूनिक लैंड पर्सेल आइडेंटिफिकेशन नम्बर के बारे में

  • यह 14 अंको का एक पहचान संख्या होगा जो जमीनों के जियो रिफरेन्स कोड की वरटिक्स अर्थात लोंगिट्यूड , लेटीट्यूड के आधार पर निर्धारित किया जायेगा।
  • इसे सामान्य रूप से "जमीनों के आधार " के रूप में जाना जा सकता है।
  • इस योजना से भूमि बैंक की स्थापना तथा एकीकृत भूमि सूचना प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा।
  • यह योजना डिजिटल इण्डिया लैंड रिकॉर्ड मोडर्नाइज़ेशन के अगले चरण के रूप में लाइ जा रही है।

इस पहल से लाभ

संस्थानों की क्षमता वृद्धि :-

  • हम प्रायः देखते हैं कि भूमि सम्बन्धी मामलो में तहसील स्तर पर एक लम्बा प्रशासनिक तंत्र विकसित है। अधिक जनसँख्या , घटती लैंड होल्डिंग तथा विकट प्रशासनिक तंत्र के कारण संस्थाओ की क्षमता में कमी आ जाती है। यूनिक लैंड पर्सेल आइडेंटिफिकेशन नम्बर से व्यवस्था में स्पष्टता आएगी।

भ्रष्टाचार से निजात :-

  • प्रायः यह देखा जाता है कि भू माफिया तथा नौकरशाही की मिलीभगत से बहुत सारी जमीनों पर अवैध कब्ज़ा जमा लिया जाता है। जिसमे गरीब किसानो तथा सरकारी जमीने सम्मिलित होती हैं। एक बार यूनिक लैंड पर्सेल आइडेंटिफिकेशन नम्बर बन जाने से इस प्रवृत्ति में कमी आएगी।

धोखा-धड़ी में कमी :-

  • रियल स्टेट सेक्टर में धोखे से एक ही जमीन को कई ग्राहकों को दे दिया जाता है। इसके साथ ही ग्रामीण स्तर पर भी भूमि के क्रय-विक्रय में फ्राड के मामले आते हैं। यह धोखा प्रायः जमीन के सन्दर्भ में अनिश्चितता से होता है। यूनिक लैंड पर्सेल आइडेंटिफिकेशन नम्बर से जमीन के मानदंड निश्चित होंगे तथा धोखा-धड़ी में कमी आएगी।

भू-मापन में एकरूपता :-

  • आज भारत में अलग अलग स्थान पर भू- मापन के अलग अलग मापदंड हैं। यूनिक लैंड पर्सेल आइडेंटिफिकेशन नम्बर से सारे देश में एकरूपता आएगी।

अन्य लाभ

  • सिविल कोर्ट में जमीन संबंधी मामलों में गिरावट आएगी।
  • भूमि सम्बन्धी मामलो में एकल विंडो क्लीयरेंस से प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी।
  • विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और सभी हितधारकों के बीच भूमि रिकॉर्ड डेटा साझा करने में आसानी होगी ।
  • इस योजना से लैंड रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने की लागत में भी कमी आएगी। सरकार के अनुसार आधार को यूनिक लैंड पर्सेल आइडेंटिफिकेशन नम्बर से जोड़ने के उपरान्त एक व्यक्ति के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में 3 रुपये का व्यय आएगा।

डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स आधुनिकीकरण कार्यक्रम

  • डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम 2008 में भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया था। इसे पहले में राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण के नाम से जाना जाता था
  • यह भूमि अभिलेखों के प्रबंधन को आधुनिकीकरण, भूमि/संपत्ति विवादों के दायरे को कम करने, भूमि अभिलेख रखरखाव प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और देश में अचल संपत्तियों के लिये गारंटीकृत निर्णायक अधिकार की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से आरम्भ किया गया था।
  • इस कार्यक्रम में भूमि स्वामित्त्व का फेर-बदल, मानचित्रों का डिजिटलीकरण ,स्थानिक डेटा के एकीकरण, सर्वेक्षण/पुन: सर्वेक्षण और भूमि के रिकॉर्ड सहित सभी भूमि अभिलेखों का कंप्यूटरीकरण किया जाता है।

निष्कर्ष

भारत में भूमि आर्थिक न होकर सामाजिक स्थिति का प्रतीक समझी जाती है। अतः भूमि सम्बन्धी सुधारो की अत्यंत आवश्यकता रहती है। भारत में लगातार घटती लैंड होल्डिंग ,बढ़ती जनसंख्या , भ्रष्टाचार , भू माफिया जैसी समस्याओ के कारण भूमि सम्बन्धी विवादो में वृद्धि हुई है। यह पहल इन समस्याओं के निदान में महत्वपूर्ण प्रयास है।

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2
  • शासन
  • सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

मुख्य परीक्षा प्रश्न :

  • केंद्र सरकार द्वारा देश के प्रत्येक भूखंड को पहचान संख्या देने की योजना भारत में भूमि संबधी गतिविधियों की क्षमता में वृद्धि करेगी । क्या आप कथन से सहमत हैं ? अपने उत्तर के पक्ष में तर्क प्रस्तुत करें?