आईटी हार्डवेयर तथा फार्मास्युटिकल उद्योग के लिए पीएलआई योजना - समसामयिकी लेख

सन्दर्भ

हाल ही में कैविनेट द्वारा आईटी हार्डवेयर तथा फार्मास्युटिकल उद्योग के लिए पीएलआई योजना को अनुमोदित किया गया है।

परिचय

  • कैबिनेट ने हाल ही में औषधि और आईटी हार्डवेयर क्षेत्र में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को अनुमोदित किया है। इस पहल के अंतर्गत देश के औषधि और आईटी हार्डवेयर क्षेत्र में विनिर्माण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिये 22,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
  • इसके पूर्व इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में पीएलआई योजना को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है। यह योजना न सिर्फ इन क्षेत्रको की वृद्धि में सहायक होगा बल्कि कोरोना के कारण हुई आर्थिक क्षति को संतुलित करने में भी सहायक होगा।

क्या है उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई)?

  • उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना को घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आरंभ किया गया है। इस योजना के अंतर्गत 10 प्रमुख क्षेत्रको को उत्पादन के आधार पर प्रोत्साहन राशि दी जायेगी जिससे भारत के घरेलू उत्पादन में वृद्धि हो सके।
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य आयात निर्भरता को कम करना , निर्यात को बढ़ाना तथा आत्मनिर्भरता को प्राप्त करना है। इस योजना के अंतर्गत अगले 5 साल में दो लाख करोड़ रुपए 10 प्रमुख क्षेत्रों पर खर्च किए जाएंगे। इस योजना के माध्यम से भारत को एशिया का वैकल्पिक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाने का प्रयास किया जाएगा।

आईटी हार्डवेयर तथा फार्मास्युटिकल उद्योग के लिए पीएलआई योजना के मुख्य विन्दु

  • योजना के तहत विनिर्माताओं को देश मे विनिर्मित वस्तुओं की अतिरिक्त बिक्री पर 1.0 प्रतिशत से 4.0 प्रतिशत का ‘कैशबैक’ (नकद-वापसी) निश्चित अवधि तक प्राप्त होगा।
  • उत्पादन के मापन हेतु आधारवर्ष 2019-20 रखा गया है।
  • औषधि क्षेत्र के लिए कुल प्रोत्साहन राशि लगभग 15000 करोड़ तथा आईटी हार्डवेयर के लिए लगभग 7,325 करोड़ रूपये निर्धारित की गई है।
  • पीएलआई योजना से भारत को लगभग 2.45 लाख करोड़ रुपये का आईटी वस्तुओं तथा औषधि उत्पादों को लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये के निर्यात का अनुमान है।
  • अगले चार साल में इन उत्पादों का विनिर्माण 3.26 लाख करोड़ रुपये लगभग 2 लाख रोजगार सृजित करने का अनुमान बताया गया है।
  • योजना के तहत उत्पादन से अगले चार साल में 15,760 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष राजस्व के सृजित होने का अनुमान है इससे आईटी हार्डवेयर में घरेलू मूल्यवर्धन 2025 तक बढ़कर 20 से 25 प्रतिशत होने का अनुमान है।

भारत में औषधि या फार्मास्क्यूटिकल क्षेत्र

  • भारतीय फार्मास्युटिकल क्षेत्र के 2025 तक यूएस $ 100 बिलियन तथा चिकित्सा उपकरण बाजार में यूएस $ 25 बिलियन बढ़ने की का अनुमान लगाया जा रहा है इस दृष्टिकोण से यह भारत के सर्वाधिक वृद्धि प्राप्त करने वाले क्षेत्रको में एक है।
  • भारत से फार्मास्युटिकल का निर्यात वित्त वर्ष 2015-16 में 16.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। कोरोना प्रभाव के समय भारत ने वित्त वर्ष 2020-21 में 15.86 बिलियन अमेरिकी डॉलर की दवाइयों का निर्यात किया। इस प्रकार यह भारत के विदेशी मुद्रा अर्जक क्षेत्रो में प्रमुख है।
  • भारत का घरेलू दवा बाजार का सकल मूल्य वर्ष 2019 में 1.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। अतः यह स्पष्ट है कि फार्मास्क्यूटिकल क्षेत्र भारत में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रोजगार में एक बड़ी भूमिका निभाता है।
  • पीएलआई योजना से इस क्षेत्र में लगभग 15000 करोड़ के निवेश का अनुमान है जो विनिर्माण , निर्यात , तथा रोजगार में भारत को सहयोग प्रदान करेगा।

भारत का आईटी हार्डवेयर उद्योग

  • भारत के आईटी हार्डवेयर में लैपटॉप, टैबलेट, पर्सनल कंप्यूटर और सर्वर बनाने वाली कंपनिया सम्मिलित हैं। आज भारत विश्व का सर्वाधिक इंटरनेट उपभोगकर्ता देश है परन्तु आज भी आईटी सॉफ्टवेयर तथा आईटी हार्डवेयर निर्माता कम्पनिया अमेरिका तथा अन्य देशो से सम्बंधित हैं।
  • आज भारत आईटी-बीपीएम उद्योग में एक प्रतिष्ठित नाम है परन्तु यह मात्र सर्विस प्रोवाइडर तक ही सीमित है।
  • सरकार द्वारा आईटी हार्डवेयर उद्योग में किया गया निवेश भारत को आईटी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करेगा।
  • आईटी हार्डवेयर क्षेत्र के लिये इस योजना से अगले चार साल में इन उत्पादों का निर्यात 2.45 लाख करोड़ रुपये तथा सकल विनिर्माण 3.26 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है है। इससे 1.80 लाख रोजगार के अवसर सृजन होने का भी अनुमान है।

निष्कर्ष

  • पीएलआई योजना से इन दोनों क्षेत्रको को सहयोग प्राप्त होगा जिससे भारत का निर्यात बढ़ेगा तथा आयात में कमी आएगी और साथ ही साथ भारत अपनी बड़ी जनसँख्या की आवश्यकताओ को पूर्ण करने में भी सफल होगा । कोरोनोत्तर विश्व में भारत के फार्मास्क्यूटिकल उद्योग की क्षमता सम्पूर्ण विश्व ने जानी है।
  • इस योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे, विदेशी कंपनियां भी भारत में उत्पाद करने के लिए प्रोत्साहित होंगी। इस योजना के माध्यम से निर्यात बढ़ेगा तथा आयात में कमी आएगी। जिससे कि देश की अर्थव्यवस्था बेहतर होगी ।
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3
  • अर्थव्यवस्था
  • भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

मुख्य परीक्षा प्रश्न :

  • कैबिनेट ने हाल ही में औषधि और आईटी हार्डवेयर क्षेत्र में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को अनुमोदित किया है।उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से आप क्या समझते हैं ? यह इन दोनों क्षेत्रको को किस प्रकार लाभान्वित करेगा?