न्यू स्टार्ट संधि - समसामयिकी लेख

सन्दर्भ

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा यह सूचित किया गया है कि रूस तथा संयुक्त राज्य अमेरिका 'न्यू स्टार्ट संधि' को आगे बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं।

परिचय

  • न्यू स्टार्ट संधि अमेरिका और रूस के बीच अब कायम एकमात्र समझौता है। यह समझौता रूस तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के परमाणु निःशःस्त्रीकरण , रणनैतिक स्थिरता के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण रहा है।वर्तमान में अमेरिका तथा रूस सम्पूर्ण विश्व में सर्वाधिक परमाणु आयुध संपन्न देशो में आते हैं।
  • न्यू स्टार्ट संधि 2011 में हुई थी, जिसके अंतर्गत 700 रणनीतिक लांचरों 1550 परमाणु हथियार मॉस्को और वाशिंगटन की ओर से तैनात किए जा सकते थे । यह संधि फरवरी 2021 में समाप्त हो रही है ,इस स्थिति में रूस इस संधि को 5 वर्षो के लिए विस्तारित करने के पक्ष में है। दोनों राष्ट्रपतियों की वार्ता के बाद अब इस नवीन संधि को अनुमोदित किया गया है।

न्यू सटार्ट संधि का विकास

  • शीतयुद्ध (द्वितीय विश्व युद्ध से 1991 तक ) के दौरान अमेरिका तथा रूस में शस्त्रो तथा वर्चस्व की एक दौड़ देखने को मिली। इस दौरान कई बार दोनों देश एक दुसरे के आमने सामने हुए। ये दोनों ही देश परमाणु आयुध संपन्न देश थे तथा इनके मध्य होने वाली किसी तनाव का प्रभाव सम्पूर्ण विश्व पर पड़ता।
  • 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद शीत युद्ध के समापन होने पर दोनों देशो के मध्य स्टार्ट -1 नामक संधि हुई। इस संधि ने दोनों पक्षों (अमेरिका और रूस) को 1,600 सामरिक वितरण वाहनों और 6,000 युद्धक हथियारों तक सीमित कर दिया।
  • इन दोनों देशो के मध्य 2002 की स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी भी हुई। स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन संधि ( मास्को संधि ) संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के लिये अपने तैनात सामरिक परमाणु बलों की संख्या को कम कर क्रमशः 1,700 तथा 2,200 तक सीमित करने की प्रतिबद्धता लागू करती है।
  • 2009 में जब स्टार्ट-1संधि का समय पूर्ण हुआ तब स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी तथा स्टार्ट-1 के स्थान पर न्यू स्टार्ट ट्रीटी को लाया गया। इस संधि को 5 फरवरी, 2011 को लागू किया गया।
  • इस नवीन संधि के पूर्व पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन के दौरान इस संधि को विस्तारित करने पर बात की गई थी परन्तु क्योंकि तब अमेरिका ने कुछ शर्तो को रूस द्वारा न स्वीकार किये जाने की स्थिति में इस समझौते को ख़ारिज कर दिया गया था। अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर रूस ने पुनः इस पहल को आरम्भ किया है।
  • रूस के द्वारा पांँच वर्षों के लिये न्यू स्टार संधि के विस्तार को मंज़ूरी दी गई है, यह निर्णय नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति और रूसी राष्ट्रपति के मध्य टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद लिया गया। हालाँकि व्हाइट हाउस द्वारा इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

न्यू स्टार्ट संधि के प्रावधान

  • 2011 से प्रभावी यह संधि दोनों देशो के मध्य रणनीतिक आक्रामक हथियारों की मात्रा में कमी करने और उन्हें सीमित करने के लिए प्रतिबद्ध करती है।
  • यह संधि दोनों पक्षों को 700 रणनीतिक लांचरों और 1,550 परिचालन युद्धक हथियारों तक सीमित करती है तथा रणनीतिक आयुधो को कम करने की द्विदलीय प्रक्रिया का समर्थन करती है।
  • ट्रम्प प्रशासन की अमेरिका फर्स्ट , संरक्षणवादी तथा वैश्विक संधियों की अवहेलना वाली प्रवृत्ति से इस संधि का भविष्य अन्धकार में था परन्तु रूसी राष्ट्रपति तथा नव निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति की वार्ता के उपरान्त इस संधि को 5 वर्ष के लिए आगे बढ़ाया गया है।

क्या हो सकते हैं संभावित परिणाम

  • विश्व आर्थिक मंच बैठक में रूस के राष्ट्रपति ने इस संधि को "सही दिशा में उठाया गया कदम" कहकर इसकी सराहना की लेकिन साथ ही बढ़ती वैश्विक प्रतिद्वंद्विता और नए संघर्षों के खतरों के बारे में भी चेतावनी दी परन्तु इस संधि को स्वीकार कर यह दोनों देशो द्वारा यह सन्देश दिया गया है कि आपसी प्रतिद्वंदिता वैश्विक हितो के ऊपर नहीं हो सकती।
  • इस संधि के अनुमोदन के उपरान्त यह भी संभव है कि अमेरिका इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्स ट्रीटीके निलंबन और ‘ओपन स्काई संधि' ,में पुनः सम्मिलित हो जिसे ट्रम्प प्रशासन द्वारा निलंबित किया गया था।
  • जो बाइडेन (नव निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति) ने यह स्पष्ट किया है कि अमेरिका पुनः वैष्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ेगा ,इस स्थिति में अमेरिका के पेरिस समझौते , संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग , यूनेस्को, विश्व स्वास्थ्य संगठन में पुनः वापसी संभव है।
  • इस संधि से दोनों देशो के मध्य तनाव कम होगा तथा यह भी संभव है कि दोनों देशो के मध्य कई वैश्विक मुद्दों यथा यूक्रेन विवाद ,की वार्ता की राह आसान हो।

निष्कर्ष

वर्तमान के पारिश्थितिकीय संकट तथा लगातार आतंकवादियों तथा अराजकतत्वों की विनाशक शस्त्रों तक पहुंच कहीं न कहीं निःशस्त्रीकरण की आवश्यकता की प्रासंगिकता को बताती है। दोनों देशो द्वारा इस संधि को आगे बढाकर निःशस्त्रीकरण की दिशा में एक बेहतर प्रयास किया गया है। स संधि के विस्तार के लिये संयुक्त राज्य अमेरिका में कांग्रेस की मंज़ूरी की आवश्यकता नहीं है परंतु रूसी सांसदों को इस कदम की पुष्टि करनी होगी। इस कदम की पुष्टि के साथ साथ सम्पूर्ण विश्व में एक बेहतर सन्देश जाएगा।

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2
  • अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध

मुख्य परीक्षा प्रश्न :

  • न्यू स्टार्ट संधि से आप क्या समझते हैं ? इस संधि के अनुमोदन के उपरांत विश्व पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा करें?