कोविडोत्तर विश्व में वैश्विक नेतृत्वकर्ता की ओर बढ़ता भारत - समसामयिकी लेख

सन्दर्भ

कोविड काल के उपरान्त बदली वैश्विक परिस्थितियों में भारत वैश्विक नेतृत्वकर्ता की भूमिका में आ रहा है ।

परिचय

चीन के वुहान में प्रारम्भ होने वाला कोरोना वायरस सम्पूर्ण यूरोप , अमेरिका तथा भारत सहित एशिया के अन्य देशो के लोगों को संक्रमित किया। इससे वैश्विक स्तर पर लाखो लोग मारे गए तथा और अधिक लोग संक्रमित भी हुए। द्वितीय विश्व युद्ध के उपरान्त संभवतः कोरोना पहली ऐसी स्थिति थी जिसने विश्व तथा विश्व राजनीति को प्रभावित किया। इस कोरोना के दौरान जहाँ विश्व के विकसित देश असहाय दिखे वहीँ भारत इसके सामने अडिग रहकर वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे बढ़ने लगा।

कोरोना के दौरान विश्व की स्थिति :-

  • पश्चिमी दुनिया इस महामारी के केंद्र में है। इस महामारी ने इटली को सर्वाधिक प्रभावित किया है। अमेरिका सहित समूर्ण यूरोप की अर्थव्यवस्था सहित स्वास्थ्य संरचना प्रभावित रहा है।
  • इसने विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की प्रासंगिकता पर संशय लगा दिया। कई देशो का यह आरोप रहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन चीन की कठपुतली बना रहा है, तथा इस महामारी में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी वैश्विक प्रासंगिकता खो बैठा है।
  • यह वैश्वीकरण के सिद्धांतों को वापस लेने का कारण हो सकता है। चीन का निर्यात भी कुछ समय तक ठप्प रहा है।
  • यह विश्व राजनीति में प्रमुख शक्ति परिवर्तन भी उत्पन्न कर सकता है। यह सम्पूर्ण विश्व में एक नकारात्मक आर्थिक प्रभाव उत्पन्न कर रहा है
  • नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण के कुछ इक्के-दुक्के मामले सबसे पहले चीन में सामने आए और उसके कुछ माह बाद ही देखते-देखते इसने वैश्विक महामारी का रूप धारण कर लिया। इस महामारी के कारण वैश्वीकृत दुनिया की एक दूसरे के साथ मजबूती से जुड़ी हुई प्रणालियां पूरी तरह से बदल गई है।
  • इस वायरस के प्रकोप पर काबू करने के प्रयास के तौर पर अलग-अलग देशों की सरकारों ने आने-जाने तथा सामाजिक मेल-जोल पर बंदिशें लगा दी जिसके कारण दुनिया की 7.8 बिलियन की आबादी में से एक तिहाई से अधिक आबादी इस समय इस महामारी के कारण एक तरह से अपने घरों में बंद रहने को मजबूर कर दिया था।
  • सम्पूर्ण विश्व में मंदी से ग्रस्त रहा , वैश्विक जीडीपी 2021 के लिए अनुमान 2.5 प्रतिशत से नीचे आ गए हैं।
  • कोविड-19 के कारण लोगों को घर में रहते हुए बैठकें करने, शिक्षा हासिल करने, वर्कआउट करने और अन्य काम करने के लिए डिजिटल समाधान खोजने के लिए सम्पूर्ण सबको सामूहिक प्रयत्न करने के लिए प्रेरित होना पड़ा है।

भारत की प्रतिक्रिया

  • भारत ने कोविड के दौरान योग , आयुर्वेद के द्वारा लोगों में इम्युनिटी को बढ़ा दिया।
  • कोविड के दौरान भारत के फार्मास्क्यूटिकल विभाग ने कई देशो में टीके तथा दवाइयों की आपूर्ति की है।
  • भारत का वैक्सीनेशन प्रोग्राम सम्पूर्ण विश्व में प्रभावशाली रहा है। भारत ने अफगानिस्तान ,श्रीलंका , मध्य एशिया के देशो में भेजा है।
  • भारत ने इसी दौरान "आत्मनिर्भर भारत" का उपयोग कर सम्पूर्ण विश्व में स्वालम्बन का सन्देश दिया। आत्मनिर्भर भारत में भारत 20 लाख करोड़ का पैकेज दिया है।
  • कोरोना के दौरान चीन ने अपनी साम्राज्य्वादी गतिविधियों को आगे बढ़ाया है। चीन द्वारा भारत , ऑस्ट्रेलिया , दक्षिण चीन सागर में अतिक्रमण के मामले आये हैं। परन्तु भारत द्वारा अपनी सीमा पर चीन को रोककर सम्पूर्ण विश्व में अपनी शक्ति को सिद्ध किया है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण माना है। हाल में ही हुई क्वाड बैठक में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
  • इसके साथ ही भारतीय संस्कृति पर सम्पूर्ण विश्व का विश्वास बढ़ा है जो भारत की नेतृत्व को बैधता प्रदान कर रहा है।

चुनौतीपूर्ण क्षेत्र

  • भारत की अर्थव्यवस्था कोविड काल में नकारात्मक हो गई थी यद्यपि भारत अभी वृद्धि दर्ज कर रहा है।
  • हाल ही में चीन ने अपने रक्षा बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की है। चीन का रक्षा बजट 261 बिलियन डॉलर था जो भारत के रक्षा बजट से 71 बिलियन से कहीं अधिक है।
  • भारत में अभी भी गरीबी तथा स्वास्थ्य की समस्याएं हैं

निष्कर्ष

कोरोना काल में जहाँ सम्पूर्ण विश्व मात्र सर्वाइवल की स्थिति में था वहीँ भारत द्वारा अपने देश को आत्मनिर्भर बनाते हुए सम्पूर्ण विश्व के लिए वैक्सीन मैत्री का आयोजन किया। भारत ने कठिन समय पर अपनी सांस्कृतिक ,वैज्ञानिक तथा कूटनीति के द्वारा मानवता की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यद्यपि भारत के समक्ष कुछ चुनौतियाँ हैं परन्तु भारत इन चुनौतियों को पार कर वैश्विक नेतृत्वकर्ता की तरफ बढ़ रहा है।

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2
  • अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध
  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
  • भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव

मुख्य परीक्षा प्रश्न :

  • क्या आप सहमत हैं कि कोविडोत्तर काल में भारत वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित हुआ है ? अपने उत्तर के पक्ष में तर्क प्रस्तुत करें?