भारत में बढ़ता चिकित्सा पर्यटन - समसामयिकी लेख

सन्दर्भ

हाल ही में पर्यटन मंत्रालय के आकड़ो के अनुसार पिछले एक दशक में औसतन 861 चिकित्सीय पर्यटक भारत आये हैं।

परिचय

  • चिकित्सा पर्यटन चिकित्सा उपचार प्राप्त करने के लिए अपने आप के अलावा किसी अन्य देश की यात्रा करने वाले लोगों को संदर्भित करता है। पिछले एक दशक में भारत में चिकित्सा पर्यटन की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है तथा भारत वैश्विक स्तर पर एक चिकित्सीय हब के रूप में विकसित हुआ है।
  • यद्यपि 2020 में कोरोना के कारण से समस्त देशो में पर्यटन प्रभावित रहा है तथापि 2009 से 2019 के मध्य भारत में 3458737 पर्यटक आये हैं जो औसतन 861 पर्यटक प्रतिव्यक्ति हैं। भारत में आयुष , योग ,चिकित्सा की उपलब्धता के कारण भारत लगातार वैश्विक स्तर पर चिकित्सीय पर्यटन के रूप में विकसित हो रहा है।

मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत किये गए आकड़ो के मुख्य निष्कर्ष

  • 2009 से 2013 तक लगातार चिकित्स्कीय पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।
  • 2013 की अपेक्षा 2014 में चिकित्सीय पर्यटकों की संख्या कम थी।
  • 2014 में जहाँ 139447 चिकित्सीय पर्यटक भारत आये वहीँ अब उत्तरोत्तर इस संख्या में बढ़ोत्तरी होकर 2019 तक लगभग 7 लाख पहुंच चुकी है।
  • एशियाई देशो में चिकित्सीय पर्यटन में भारत शीर्ष स्थान पर है तथा भारत को चीन ,जापान ,सिंगापूर ,थाईलैंड जैसे देशो से चुनौती मिल रही है।
  • भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों में एशियाई देश , अफ्रीकी देश ,लैटिन अमेरिकी देश मुख्य हैं।
  • ईराक , मालदीव , अफगानिस्तान , ओमान,यमन ,सूडान , नेपाल ऐसे देश हैं जहाँ से चिकित्सीय पर्यटक भारत आते हैं

भारत में चिकित्सा पर्यटन की स्थित

  • चिकित्सा पर्यटन आज भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र बन गया है।कोविड पूर्व संभावित आकड़ो के अनुसार 2020 तक इसकी सकल मूल्य 280 बिलियन डॉलर तक बढ़ सकती थी परन्तु कोरोना जिन क्षेत्रो को नकरात्मक रूप से प्रभावित किया है उनमे पर्यटन मुख्य है।
  • भारत में बेहतर स्वास्थ्य पेशेवर , एम्स जैसे अस्पताल , न्यूनतम व्यय के साथ साथ आयुष ,योग सम्बंधित सभी चिकित्सा प्राप्त हो जाती हैं जो भारत को एक प्रमुख चिकित्सा गंतव्य बनाती हैं।
  • भारतीय उद्योग परिसंघ की रिपोर्ट, 2015 के मुताबिक भारत में प्रतिवर्ष चिकित्सा पर्यटन क्षेत्र 30 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़ रहा है।भारत में 75-80 फीसदी हेल्थ केयर सेवाएं और निवेश गैर- सरकारी के माध्यम से ही मुहैय्या करायी जाती हैं।

भारत में चिकित्सा पर्यटन बढ़ने के कारण

कम लागत पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

  • भारत में योग्य चिकित्सक और आधुनिक तकनीकों के साथ कम खर्चे में इलाज करते हैं । पश्चिमी देशो की तुलना में भारत में स्वास्थ्य व्यय अत्यंत कम है।
  • इसके साथ ही हृदय की समस्या, अंग प्रत्यरोपन , शल्य चिकित्सा में भारतीय चिकित्सक विश्वप्रसिद्द हैं।
  • सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में काम करने वाले अधिकांश चिकित्सकों को अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में प्रशिक्षित किया जाता है। भारत से अधिकतक चिकित्स्कों को काम के लिए विदेशों मे बुलाया जाता है। विश्व स्तर की चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाएं, उच्च प्रशिक्षित डॉक्टर और पेशेवर स्वास्थ्य कर्मचारी तथा कम लागत – ये तीन ऐसे प्रमुख आकर्षण हैं जो भारत में चिकित्सा पर्यटकों को अधिक आकर्षित कर रहे हैं।

भाषा का गतिरोध नहीं

  • भारत में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ाने में भाषा का भी अहम रोल रहा है। भाषा की जानकारी भारत चिकिस्ता के लिए बाधा नहीं है। भारत में अधिकांश लोग स्पष्ट अंग्रेजी बोल सकते हैं और डॉक्टरों / सर्जनों के साथ संचार कर सकते हैं।
  • भारत में उर्दू , हिंदी का बड़े पैमाने पर बोला तथा समझा जाना ईराक , पाकिस्तान ,अफगानिस्तान ,बांग्लादेश जैसे देशो के नागरिको को भारत आने के लिए प्रेरित करता है।

प्रभावी लागत

  • भारत में चिकित्सा पर्यटन की सफलता को बढ़ावा देने वाला मुख्य घटक उपचारों की लागत प्रभावीता है। विकसित देशों में लागत की तुलना में भारत में पांच से दस गुना उपचार की लागत सस्ती है।
  • उदाहरण के रूप में जहाँ एक ओपन हार्ट सर्जरी के लिए अमेरिका में 150,000 डॉलर और ब्रिटेन में 70,000 डॉलर खर्च होंगे लेकिन, उसी प्रक्रिया में भारत में 10,000 डॉलर खर्च होंगे।

मेडिकल टूर पैकेज

  • भारत में हेल्थकेयर कंपनियां अन्य देशों के मरीजों को सस्ती और आकर्षक टूर पैकेज उपलब्ध कराती हैं। इन पैकेजों के माध्यम से यात्रा , होटल प्रवास, उपचार लागत, अस्पताल में रहने और पोस्ट उपचार छुट्टी शामिल होंती है तथा पर्यटकों को वन स्टॉप सोल्यूशन प्राप्त होता है ।
  • टूर प्लानर रोगियों को संबंधित डॉक्टरों के साथ नियुक्तियों को तय करने, उड़ानों और आवासों की बुकिंग, भारतीय वीजा प्राप्त कराने, परिवहन की व्यवस्था कराने और मरीज़ को अस्पताल से गंतव्य तक ले जाने में मदद करती है। सरकार द्वारा भी ई-बीजा जैसे उपकरणों के द्वारा बीजा प्राप्ति में ओने वाले बिलम्ब को कम किया गया है जिससे सभी प्रकार के पर्यटन के साथ साथ चिकित्सीय पर्यटन बढ़ जाता है।

भारत को होने वाले संभावित लाभ

  • चिकत्सीय पर्यटन में बढ़ोत्तरी भारत की सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी को बढ़ती है। यह भारत तथा विश्व के अन्य देशो के नागरिको के मध्य पीपल टू पीपल कॉन्टैक्ट को बढ़ाता है।
  • इससे भारत को विदेशी मुद्रा का अर्जन होता है जो भारत के व्यापार घाटे को संतुलित करता है।
  • चिकित्सा के उन्नत सुविधाओं के साथ ही भारत की भव्य इमारते ,सांस्कृतिक तथा पर्यावरणीय स्थल विश्व के नागरिको को आकर्षित करते हैं , अतः चिकित्सा पर्यटन के साथ साथ भारत के सामान्य पर्यटन को बढ़ावा मिलता है जो अप्रत्यक्ष रूप से आतिथ्य तथा होटल उद्योग को भी बढ़ावा देता है।

चिंताएं

  • यद्यपि भारत चिकित्सा पर्यटन में शीर्ष पर है परन्तु भारत को चीन , थाईलैंड ,जापान जैसे देशो से लगतार चुनौती मिल रही है। अतः भारत को कुछ क्षेत्रो में सुधार की आवश्यकता है।
  • भारत में थाईलैंड और मलेशिया की तुलना में वीजा प्र्रोसेसिंग की फीस ज्यादा है। भारत को इसे कुछ कम करना चाहिए।
  • भारत में आधारभूत सुविधाओं की अभी कमी है जो चिकित्सीय पर्यटन के मार्ग में बाधक हैं।
  • अंग प्रत्यर्पण के मामले में कई बार भारत के गरीब जनता का शोषण का अंग व्यापार को बढ़ावा देता है।
  • अभी भी भारत की जनता तक पूर्ण रूप से सुविधाएं नहीं पहुंच रहीं हैं अतः सरकार को इस दिशा में भी प्रयत्न करने चहिये।

निष्कर्ष

आज भारत एक चिकित्सा पर्यटन हब के रूप में विकसित हो चुका है जिसमे अधिकतम योगदान निजी क्षेत्रक का है। यद्यपि इसके लाभ हैं परन्तु कहीं न कहीं यह अंग शोषण को बढ़ावा देता है। अतः कहीं न कहीं इस क्षेत्र में विधिक तथा नैतिक आयाम विकसित करने की दिशा में सरकार को कदम उठाने चाहिए।
 

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3
  • अर्थव्यवस्था
  • भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

मुख्य परीक्षा प्रश्न :

  • हालिया समय में भारत में बढ़ता चिकित्सा पर्यटन आर्थिक वृद्धि तथा शोषण दोनों को बढ़ावा दे रहा है। क्या आप कथन से सहमत हैं ? अपने उत्तर के पक्ष में तर्क प्रस्तुत करें ?