यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: तुर्की - ग्रीस विवाद (Turkey-Greece Dispute)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): तुर्की - ग्रीस विवाद (Turkey-Greece Dispute)

तुर्की - ग्रीस विवाद (Turkey-Greece Dispute)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में तुर्की और ग्रीस ने क्रीट द्वीप (ग्रीस के निकट) के पास एक-दूसरे के विरोध में सैन्य अभ्यास किया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच पूर्वी भूमध्यसागर में तेल और गैस भंडारों पर दावों को लेकर विवाद है।

विवाद का प्रमुख कारण

  • जुलाई में तुर्की ने नौसैनिक अलर्ट (नेवटेक्स) जारी किया था कि वह अपने शोध जहाज ओरुक रीस को ग्रीस के द्वीप कास्टेलोरीजो के पास सर्वे करने भेजा था। ये द्वीप दक्षिण-पश्चिम तुर्की के तट से कुछ ही दूर स्थित है। इस सर्वे से पता चला है कि तुर्की साइप्रस और क्रीट के बीच के इलाकों में गैस की खोज कर रहा है। इसके अलावा ग्रीस का दावा है कि तुर्की का जहाज उसके जलक्षेत्र में ऑपरेट कर रहा है।
  • तुर्की और ग्रीस भूमध्य सागर इलाके में कब्जे को लेकर पुराने प्रतिद्वंदी हैं। पूर्वी भूमध्यसागरीय में हाइड्रोकार्बन भंडार की खोज के बाद से ग्रीस और तुर्की ऊर्जा संसाधनों पर कब्जे को लेकर पहले भी उलझ चुके हैं। ग्रीस और यूरोपीय संघ का दावा है कि तुर्की इस क्षेत्र में अवैध रूप से ड्रिलिंग कर रहा है, लेकिन तुर्की का दावा है कि यह क्षेत्र उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर है।
  • दोनों देशों के बीच प्रवासियों के ग्रीस में घुसने को लेकर भी विवाद है और फिर तुर्की ने इस्ताबुंल के हागिया सोफिया म्यूजियम को फिर से मस्जिद बना दिया। ये इमारत कई सदियों तक ऑर्थाेडॉक्स चर्च रही है। इससे भी ग्रीस को बुरा लगा।
  • हाल के सालों में साइप्रस के पास बड़े गैस भंडार मिले हैं। साइप्रस, ग्रीस, इसरायल और मिस्र की सरकारें इनके दोहन के लिए एक साथ आई हैं। समझौते के तहत दो हजार किलोमीटर पाइपलाइन के जरिए यूरोप तक गैस भेजी जाएगी। पिछले साल तुर्की ने साइप्रस के पश्चिम में तेल और गैस की खोज शुरू की थी। साइप्रस 1974 से बँटा हुआ है। तुर्की के नियंत्रण वाले उत्तरी साइप्रस को सिर्फ तुर्की ने ही मान्यता दे रखी है। तुर्की हमेशा ये तर्क देता रहा है कि इस द्वीप के प्राकृतिक संसाधनों पर उसका भी हक है और इनका बँटवारा होना चाहिए।

कानूनी विवाद

  • एजियन सागर और पूर्वी भूमध्यसागर में ग्रीस के कई द्वीप ऐसे हैं, जो तुर्की के तट के बिल्कुल पास हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच जलक्षेत्र को लेकर जटिल विवाद हैं और कई बार दोनों देश युद्ध के मुहाने तक आ चुके हैं।
  • यदि ग्रीस अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने जलक्षेत्र को छह मील से लेकर 12 मील तक बढ़ाता है तो तुर्की का तर्क है कि इससे उसके कई समुद्री रास्ते बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
  • विवाद सिर्फ जलक्षेत्रें तक ही नहीं है बल्कि विशेष आर्थिक जोन (ईईजेड) भी एक बड़ा मुद्दा है। जैसे तुर्की और लीबिया का ईईजेड, मिस्र और ग्रीस का ईईजेड तथा साइप्रस और लेबनान, मिस्र और इसराइल का ईईजेड और अब इस ताजा विवाद में महाद्वीपीय जलसीमा भी शामिल है जो तट से दो सौ मील दूर तक हो सकती है। ग्रीस का तर्क है कि तुर्की का सर्वे जहाज उसकी महाद्वीपीय जलसीमा का उल्लंघन कर रहा है। ग्रीस का द्वीप कास्टेलोरीजो तुर्की के तट से सिर्फ दो किलोमीटर दूर है।

वैश्विक प्रतिक्रिया

  • फ्रांस ने कहा है कि वह इस क्षेत्र में स्थिति की निगरानी करने और अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने के लिए अपने दृढ़ संकल्पित है। ग्रीस यूरोपीय यूनियन का हिस्सा है साथ ही वह सैन्य संगठन नाटो का भी सदस्य है, इस मामले में फ्रांस ग्रीस का साथ देता दिख रहा है।
  • ग्रीस के यूरोपीय सहयोगी देशों ने उसका पक्ष लिया है, हालांकि जर्मनी और यूरोपीय यूनियन बातचीत पर जोर दे रहा है। इसके अतिरिक्त अमरीका ने दोनों ही पक्षों से बात करने के लिए कहा है।