यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (विषय: सिन टैक्स (Sin Tax)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): सिन टैक्स (Sin Tax)

सिन टैक्स (Sin Tax)

चर्चा का कारण

  • भारतीय पेय संघ (आईबीए), जो देश के सबसे बड़े शीतल पेय निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें कोका-कोला, पेप्सिको, पारले एग्रो और रेड बुल शामिल हैं, ने जीएसटी परिषद और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इन वस्तुओं को पाप कर (सिन टैक्स) श्रेणी से हटाने को कहा है।

क्या होता है सिन टैक्स?

  • सिन टैक्स (Sin Tax) एक प्रकार का उत्पाद कर (Excise Tax) है जो विशेष रूप से समाज और व्यक्तियों के लिए हानिकारक वस्तुओं पर लगाया जाता हैः उदाहरण के लिए-शराब, तम्बाकू, कैंडी, ड्रग्स, शीतल पेय, फास्ट फूड, कॉफी, चीनी, जुआ आदि।
  • सिन टैक्स (Sin Tax) को अनिष्ट कर और पाप कर के नामों से भी जाना जाता है।
  • अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था ‘जीएसटी’ (GST) में शराब, तंबाकू, कोला (Cola) आदि जैसे समाज के नजरिये से हानिकारक या स्वास्थ्य के हिसाब से नुकसानदेह उत्पादों पर सिन टैक्स (ेपद जंग) लगाया जाता है।

क्या है जीएसटी?

  • जीएसटी(वस्तु एवं सेवा कर), भारत में लागू एक अहम अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था है, जिसे 1 जुलाई, 2017 को लागू किया गया था।
  • इस कर व्यवस्था में केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग दरों पर लगाए जाने वाले तमाम करों को हटाकर पूरे देश के लिए एक ही अप्रत्यरक्ष कर प्रणाली लागू की गई है।
  • भारतीय संविधान में इस कर व्यवस्था को लागू करने के लिए 101वां संशोधन किया गया था।
  • सरकार व कई अर्थशास्त्रियों ने इसे आजादी के बाद सबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताया है।

जीएसटी परिषद

  • वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली के तहत जीएसटी परिषद (Goods and Services Tax - GST Council) एक मुख्य निर्णय लेने वाली संस्था है, जो कि जीएसटी कानून के अंतर्गत होने वाले कार्याे के संबंध में सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेती है।
  • 101वें संविधान संशोधन अधिनियम से संविधान में अनुच्छेद 279। जोड़ा गया, जिसमें वस्तु एवं सेवा कर को लागू करने के लिए जीएसटी परिषद के गठन की बात कही गयी है।

जीएसटी परिषद का गठन व क्रियान्वयन

  • जीएसटी परिषद केंद्र और राज्यों के लिए एक संयुक्त मंच होता है। इसमें निम्नलििखत सदस्य होते हैं -
  • (केंद्रीय वित्त मंत्री, (अध्यक्ष)
  • (सदस्य के रूप में, राज्य मंत्री (राजस्व)
  • प्रत्येक राज्य और दिल्ली, पुदुचेरी एवं जम्मू-कश्मीर केंद्र-शासित प्रदेशों के वित्त या कराधन के प्रभारी मंत्री या सदस्य के रूप में नामित कोई अन्य मंत्री।
  • जीएसटी परिषद का प्रत्येक निर्णय, बैठक में कुल उपस्थित सदस्यों के 3/4 के बहुमत (75%) से मतदान करने के बाद लिया जाता है।
  • बैठक में कुल डाले गये मतों के 1/3 हिस्से का मूल्य केंद्र सरकार के मतों का होता है शेष सभी राज्य सरकारों का एक साथ मिलकर कुल मतों का मूल्य 2/3 माना जाता है।
  • जीएसटी परिषद के सदस्यों की कुल संख्या में से आधे के साथ बैठकों का कोरम गठित होता है।
  • गौरतलब है कि जीएसटी परिषद सहकारी संघवाद का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जहाँ केंद्र और राज्यों दोनों को उचित प्रतिनिधित्व मिलता है।